समाचार
|| महाअभियान के तहत 16 हजार 806 लोगों ने लगवाया कोविड टीका || महाविद्यालय में वैक्सीनेशन कार्यक्रम आयोजित || मुख्यमंत्री श्री चौहान का दौरा कार्यक्रम || हेलिकॉप्टर क्रेश में जिले के जवान श्री जितेंद्र कुमार वर्मा का दुखद निधन || मंत्री गोपाल भार्गव आज जिले के भ्रमण पर || “भारत ने खो दिया एक हीरो” मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस श्री बिपिन रावत और अन्य लोगों के निधन पर दु:ख व्यक्त || केन्द्रीय मंत्री-मंडल ने केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को दी मंजूरी || राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक सर्वेक्षण में पीएचसी वीरपुरडेम प्रथम || एक दिवसीय लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम विषयक || जिले में आज कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला
अन्य ख़बरें
एमएसएमई विकास नीति से आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश
फार्मास्युटिकल सेक्टर को अनेक पैकेज के प्रावधान
रायसेन | 16-अक्तूबर-2021
   मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत-संकल्पित है। प्रदेश में लघु- मध्यम और सूक्ष्म उद्यमों के मार्फत राज्य शासन ने मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए ही अपनी एमएसएमई विकास नीति 2021 का ऐलान किया है। बीमार और बंद उद्योगों को पुनर्जीवन के लिए कई तरह के पैकेज के साथ विभिन्न इकाईयों को तरह-तरह की रियायतें तथा सुविधाएँ देने की सुस्पष्ट नीति अख्तियार की गई है।
   एमएसएमई की नई विकास नीति में फार्मास्यूटिकल सेक्टर के लिए अनेक रियायतें देने का ऐलान किया है। नीति में प्रावधान किया गया है कि फार्मास्यूटिकल लैब की मशीनरी व उपकरण की स्थापना में किये गये व्यय का 50 प्रतिशत अधिकतम 25 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी। उल्लेखित सहायता संयंत्र एवं मशीनरी में अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का निवेश करने वाली इकाईयों को ही प्राप्त होगी। फार्मास्यूटिकल इकाईयों के लिये औद्योगिक क्षेत्र, बहुमंजिला औद्योगिक परिसर, क्लस्टर के विकासकर्ता को विकास में किये गये व्यय का 60 प्रतिशत अधिकतम 500 लाख यानि 5 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है।  
   एमएसएमई विकास नीति में प्रावधान है कि उद्योग विकास अनुदान रियायत की गणना के प्रयोजन के लिए भवन संयंत्र और मशीनरी की लागत की 200 प्रतिशत तक सीमित होगी। निर्यात के साथ तैयारी हेतु डब्ल्यूएचओ जीएमपी या यू. एस. एफ.डी.ए. प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिये सुविधाओं का सृजन करने में किये गये व्यय का 50 प्रतिशत  अधिकतम 50 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
   इसी तरह संयंत्र एवं मशीनरी में 10 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली फार्मास्यूटिकल एमएसएमई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने की दिनांक से प्रथम 2 वर्ष को स्लेक पीरियड के रूप में मान्य किया जाएगा। इस प्रावधान में सहायता की अवधि यथावत 7 वर्ष शर्तों के अध्याधीन होगी। इस विशेष पैकेज का लाभ प्राप्त करने वाली इकाई इस नीति अंतर्गत घोषित अन्य शेष सुविधाए जो समान प्रकार की न हों प्राप्त करने की पात्र होंगी।

 
(53 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2021जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer