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स्वामित्व योजना के द्वितीय चरण में आबादी भूमियों के सर्वे का कार्य जारी
सभी पात्र हितग्राहियों को मिलेगा भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र - कलेक्टर श्री खान
सीधी | 17-अक्तूबर-2021
    स्वामित्व योजना के द्वितीय चरण में जिले में कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान के निर्देशन में सर्वे का कार्य संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री खान द्वारा सर्वे कार्य में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोई भी पात्र हितग्राही इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे। सर्वे का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। ग्रामवासियों को योजना के लाभ के विषय में अवगत कराएं और क्रियान्वयन में उनकी भी सहभागिता सुनिश्चित करें।
     सीधी जिले में सर्वे का कार्य तहसील गोपद बनास के ग्राम बेंदुआ से प्रारम्भ किया गया है। अभी तक 5 ग्रामों बेंदुआ, देवाडाढ़, कोठार, मोहनिया और हड़बडों में किया जा चुका है। लगभग 8 एकड़ आबादी भूमि का सर्वे हो गया है।
     प्रदेश में ग्रामीण आबादी भूमि के जीआईएस आधारित सर्वेक्षण व भूमापन कार्य को राजस्व विभाग एवं भारतीय सर्वेक्षण विभाग देहरादून के द्वारा संयुक्त रूप से संपन्न किया जा रहा है। योजनान्तर्गत ग्रामीण आबादी का जीआईएस प्रणाली द्वारा भू-मापन कर अधिकार अभिलेख तैयार किया जाना है। भारत सरकार ने ग्रामीण आबादी सर्वे के लिए स्वामित्व योजना प्रारम्भ की है। राज्य की ग्रामीण आबादी सर्वे योजना को केन्द्रीय स्वामित्व योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस योजना के क्रियान्वित होने से ग्रामीण सम्पत्ति का रिकार्ड तैयार होगा। जिससे ग्राम पंचायतें तथा ग्रामीण आमजन लाभान्वित होंगें।
     ड्रोन द्वारा आबादी सर्वे कर केवल उन संपत्ति धारकों का अधिकार अभिलेख तैयार किया जावेगा जो मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 (यथा संशोधित 2018) के लागू होने की दिनांक 25.09.2018 को आबादी भूमि पर अधिभोगी थे अथवा जिन्हें इस दिनांक के पश्चात विधिपूर्वक आबादी भूमि में भूखण्ड का आवंटन किया गया।
पात्र हितग्राहियों को मिलेगा भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र
प्रत्येक संपत्तिधारक को संपत्ति का प्रमाणपत्र भूमि स्वामित्व प्राप्त होगा। यंत्रों ड्रोन के माध्यम से कार्य होने के कारण अभिलेख का निर्माण शीघ्रता से एवं शुद्धता के साथ होगा। सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति का सर्वेक्षण होगा। रास्ते ग्राम पंचायत की खुली जगह, नाले, सरोबर इनकी सीमायें निश्चित होगें। जिससे उनका उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा। संपत्ति का प्रमाण पत्र प्राप्त होने से मकान पर  बैंक से कर्जा लेना आसान होगा। आबादी क्षेत्र का भूमापन पूर्णतः पारदर्शी होगा और हर संपत्तिधारक को उनका अधिकार अभिलेख प्राप्त होगा।
ग्राम विकास योजना बनाने में होगी सुविधा
संपत्ति रजिस्टर तैयार होने से ग्राम पंचायत की स्थाई आय की व्यवस्था होगी। ग्राम पंचायत को उसके क्षेत्राधिकार में संपत्ति धारण करने वालों की जानकारी समग्र आईडी डाटा से अद्यतन रहने पर ग्राम विकास योजना बनाने में सुविधा होगी। ग्राम पंचायत की संपत्ति शासकीय व सार्वजनिक संपत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल निश्चित होने से उनका रखरखाव किया जा सकेगा और उनसे संबंधित सीमा विवाद में कमी आवेगी। प्रत्येक सम्पत्ति की सीमा एवं क्षेत्रफल सुनिश्चित होने से ग्राम में निजी संपत्ति के विवाद कम होंगें।     
(52 days ago)
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