समाचार
|| कोविड 19 टीकाकरण अभियान सतत जारी || पीएम किसान सम्मान निधि की 10 वीं किस्त होगी जारी || बनखेडी के 21 ग्रामों में ड्रोन फ्लाई का कार्य पूर्ण || 12 जनवरी को व्यापक स्तर आयोजित होगा रोजगार मेला || आज का न्यूनतम तापमान 7 डि.से. || वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू वन, वन्य-जीव, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के सफल प्रयास || औद्योगिक मजबूती के लिए हर माह साठ करोड़ की मदद || कोरोना के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए पुख्ता रहे नियंत्रण की व्यवस्थाएँ - मुख्यमंत्री श्री चौहान || भारतमाला परियोजना में म.प्र. के लिए 876 करोड़ की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माना केन्द्र का आभार || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल जीवन मिशन में राशि स्वीकृति के लिए केन्द्र का आभार माना
अन्य ख़बरें
जनजातीय गौरव के प्रतीक हैं मत्स्य कृषक राजेन्द्र एवं भैयालाल सरकारी योजना का लाभ उठाकर जीवन की राह को बनाया आसान "खुशियों की दास्ताँ"
-
अनुपपुर | 12-नवम्बर-2021
     सर्वहारा वर्ग के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर हर पात्र को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए मध्यप्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सतत क्रियाशील है। जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड के ग्राम नगुला के निवासी जनजातीय संवर्ग के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सीमान्त कृषक श्री राजेन्द्र कुमार टाण्डिया पिता श्री ब्रजबिहारी टाण्डिया तथा पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड के ग्राम नेउसा निवासी मत्स्य कृषक श्री भैयालाल सिंह गोड़ पिता श्री छोटा सिंह ने मत्स्योद्योग विभाग के तहत संचालित योजना अंतर्गत मछली पालन का व्यवसाय अपनाकर जीविकोपार्जन की राह को आसान बनाया है। उन्होंने आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ अपने-अपने व्यवसायों को चुनौतीपूर्ण अंगीकार किया। ग्राम नगुला के मत्स्य कृषक श्री राजेन्द्र कुमार टाण्डिया ने मत्स्य पालन के लिए विभागीय मार्गदर्षन प्राप्त कर ग्राम के बहेरा तालाब को 10 वर्षीय लीज पर लेकर मत्स्य पालन व्यवसाय वर्ष 2016-17 में प्रारंभ किया। वर्ष 2018-19 में 0.10 (लाख में) फ्राई संचित मछली बीज से 1.40 टन मत्स्योत्पादन कर 85 हजार रुपये की आय अर्जित की। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 0.12 (लाख में) फ्राई संचित मछली बीज से 1.60 टन मत्स्योत्पादन कर 1 लाख 10 हजार रुपये की आय अर्जित की। वर्ष 2020-21 में 0.12 (लाख में) फ्राई संचित मछली बीज से 1.80 टन मत्स्योत्पादन कर 1 लाख 25 हजार रुपये की आय अर्जित की। इस तरह राजेन्द्र टाण्डिया ने अपनी आय में इजाफा कर प्रत्येक वर्ष 50 से 80 हजार रुपये की वार्षिक शुद्ध लाभ प्राप्त की। अब श्री टाण्डिया गरीबी रेखा की श्रेणी से उभरकर अपने व्यवसाय को गति देने में लगे हैं। उन्होंने अपने स्वयं व व्यवसाय के लिए दो पहिया वाहन खरीद लिया है। मकान का सुधार कार्य कर रहन सहन की व्यवस्था में भी अमूलचूक परिवर्तन किया है, जो उनके जीवन मे परिलक्षित होता है। मत्स्य पालन की आय से कृषि भूमि का सुधार तथा कृषि कार्य के लिए डीजल पम्प क्रय कर कृषि के उन्नत तकनीक से फसल लेने की ओर अब श्री टाण्डिया आगे बढ़ रहे हैं। कुछ इसी तरह की सफलता की कहानी विकासखण्ड पुष्पराजगढ़ के ग्राम नेउसा के श्री भैयालाल गोंड़ की भी है, जिन्होने मत्स्य विभाग के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से मछली बीज संवर्धन प्रक्षेत्र 0.5 हेक्टेयर का निर्माण किया है। विगत 4 वर्षों से उनके द्वारा बीज उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। जिससे प्रतिवर्ष लगभग 10 से 20 लाख फ्राई का उत्पादन लिया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2012-13 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 5 लाख का ऋण लिया जिसमें मत्स्य विभाग की योजनांतर्गत 2.50 लाख रुपये राज्य शासन द्वारा निहित प्रावधान अनुसार अनुदान के रूप में उपलब्ध कराया गया। जिसकी ऋण राशि को उन्होंने चुकता कर दिया है। उन्होंने मत्स्य बीज उत्पादन से प्राप्त आय से अपने स्वयं के लिए मत्स्य महाजाल का क्रय किया। जिसका उपयोग उनके द्वारा आसपास के क्षेत्रों में मत्स्याखेट के कार्य में किया जाता है। जिससे स्वयं के प्रक्षेत्र से आय के अतिरिक्त अन्य स्त्रोतो से भी आय उपलब्ध हो सके। मत्स्य कृषक भैयालाल गोड़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम के तहत मीनाक्षी तालाब का भी निर्माण कराया है। जिसमें उनके द्वारा बचे हुए बीज को तालाब में डालकर मछली का विक्रय आसपास के ग्रामीण बाजारों में किया जाता है। जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो जाती है। वर्ष 2018-19 में 40.00 (लाख में) संचित स्पान से 10.15 फ्राई (लाख में ) से 2 लाख 7 हजार रुपये की आय अर्जित की। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 50.00 (लाख में) संचित स्पान से 12.00 फ्राई (लाख में ) से 2 लाख रुपये की आय अर्जित की। वर्ष 2020-21 में 50.00 (लाख में) संचित स्पान से 15.00 फ्राई (लाख में ) से 2 लाख 25 हजार रुपये की आय अर्जित की। इस तरह श्री भैयालाल सिंह गोंड़ गरीबी रेखा से उभरकर अब अपना एक मुकाम बना चुके हैं। श्री भैयालाल मत्स्य बीज एवं मत्स्य विक्रय से 2 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने दो पहिया वाहन, मोबाइल क्रय किया है तथा अपना स्वयं का मकान बनवाया है। अपने कृषि कार्य को बढ़ाने के लिए उन्होंने पैकिंग शेड एवं डीजल पम्प क्रय कर अपने जीवन को सफलता की राह की ओर अग्रेषित किए हुए हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर जीवन को आसान बनाने की दिशा में जनजातीय गौरव के प्रति बन गए हैं। जिले के मत्स्य कृषक राजेन्द्र और भैयालाल से प्रेरणा लेकर जिले के अन्य कृषक अब मत्स्य व्यवसाय के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
 
(72 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2022फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer