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बाल विवाह न करें न करने दें
बाल विवाह की घटना होने पर जिला प्रशासन को अवगत करायें
निवाड़ी | 12-नवम्बर-2021
      बाल विवाह की कुप्रथा हमारे समाज में अभी विद्वमान होना सभ्य सामाजिक व्यवस्था हेतु अभिश्राप है, जिसे संपूर्ण रूप से मूलोच्छेदन करना हमारा सामाजिक दायित्व है यह कुप्रथा विशेषकर ग्रामीण अंचलो में अभी भी व्यापक रूप से व्याप्त है, इसका कारण संभवतया उन्हें यह मालूम नहीं है कि बाल विवाह करना प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत गैर कानूनी है और ऐसा करने पर कैद और जुर्माना दोनों हो सकते है। संबंधित अभिभावकों को यह भी ज्ञान नहीं है कि बाल विवाह से बालिकाओं का शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक विकास बुरी तरह से प्रभावित होता है जिसका असर पूरे परिवार होने वाली संतान एवं समाज बालविवाह से अवयस्क बालक/बलिकाओं पर अनचाहे ही गृहस्थी का बोझ आ जाता है तथा प्रभावित होता है। कम उम्र में विवाह एवं प्रसव के कारण माता एवं बच्चे को कुपोषण, रक्त का कमी एवं कभी भी अकारण मृत्यु का शिकार होना पड़ता है, जो मृत्यु दर शिशु मृत्यु दर में वृद्धि एवं विस्फोटका कारण है।
      समाज में रह रहे सभी नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों का सही उम्र (18 वर्ष की लड़की तथा 21 वर्ष का लड़का) होने पर ही विवाह संपन्न करवायें। आजकल कानून की स्थिति में न सिर्फ बाल विवाह करने करवाने वाले करन बाल विवाह में किसी भी रूप में शामिल होने वाल जैसे बैंड बाजे वाले, पंडित, मौलबी, प्रिंटिंग प्रेस, बग्गी घोडा वाले इत्यादि के रूप में कड़ी कार्यवाही का प्रावधान है। देव उठनी ग्यारस 14 नवम्बर 2021 एवं अन्य अवसरों पर समाज द्वारा सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाता है, जिसमें अधिकतर बाल विवाह भी होते हैं जिला प्रशासन द्वारा पुलिस कर्मियों की सहायता से दलों का गठन किया गया है जो सामूहिक विवाह समारोहों में सतत निगरानी रखने तथा बाल विवाह की स्थिति पैदा होने पर संबंधित अभिभावकों को समझाईस देंगे एवं उन्हें बाल विवाह होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत कराएंगे। यदि उसके बावजूद भी आपके आसपास बाल विवाह की घटना हो तो जिला प्रशासन को अवगत करायें, बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति को 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को सम्मानित किया जायेगा।
   जिला प्रशासन के सभी जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील है कि बच्चों का विवाह सही उम्र अर्थात 18 वर्ष की लड़की एवं 21 वर्ष का लड़का होने पर संपन्न करायें एवं अपने पड़ोसियों एवं रिश्तेदारों को भी समझायें कि बाल विवाह के दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुये किसी भी दषा में बाल विवाह न करें न करने दें। 
(75 days ago)
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