समाचार
|| कोविड 19 टीकाकरण अभियान सतत जारी || पीएम किसान सम्मान निधि की 10 वीं किस्त होगी जारी || बनखेडी के 21 ग्रामों में ड्रोन फ्लाई का कार्य पूर्ण || 12 जनवरी को व्यापक स्तर आयोजित होगा रोजगार मेला || आज का न्यूनतम तापमान 7 डि.से. || वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू वन, वन्य-जीव, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के सफल प्रयास || औद्योगिक मजबूती के लिए हर माह साठ करोड़ की मदद || कोरोना के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए पुख्ता रहे नियंत्रण की व्यवस्थाएँ - मुख्यमंत्री श्री चौहान || भारतमाला परियोजना में म.प्र. के लिए 876 करोड़ की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माना केन्द्र का आभार || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल जीवन मिशन में राशि स्वीकृति के लिए केन्द्र का आभार माना
अन्य ख़बरें
देवास जिले में बाघो एवं तेंदुओ की संख्या के आकलन के लिए कैमरा ट्रैपिंग का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू
-
देवास | 15-नवम्बर-2021
    अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष-2022 अंतर्गत पूरे भारत मे बाघ एवं तेंदुए की संख्या का आकलन कुल 4 चरणों में पूर्ण किया जायेगा।
    वन मंडल देवास अंतर्गत वन मंडल अधिकारी देवास पी.एन. मिश्रा एवं वन मंडल देवास के लिए कोऑर्डिनेटर संतोष कुमार शुक्ला एस.डी.ओ. देवास के निर्देशन में बाघ आकलन का कार्य किया जा रहा है जिसके तहत तृतीय चरण में कैमरा ट्रैपिंग के माध्यम से बाघो एवं तेंदुए की संख्या का आकलन किया जायेग।
    कैमरा ट्रैपिंग के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा निर्धारित 2 वर्ग किमी की ग्रिड में प्रति ग्रीड में दो कैमरे लगाए जाएंगे इसके लिए प्रथम ब्लॉक के लिए जिले के एक मात्र कन्नौद स्थित वन्यप्राणी अभ्यारण खिवनी एवं खिवनी से लगे वन परिक्षेत्र खातेगांव, कन्नौद, पानीगांव एवं जिनवानी में वन्यप्राणी अभ्यारण खिवनी अधीक्षक राजेश मंडावलिया व भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून से आये दो रिसर्चर के मार्गदर्शन मे कैमरा ट्रैप्स की सेटिंग का कार्य पूर्ण कर आज से निर्धारित स्थानों पर जंहा बाघ/तेंदुए की उपस्थिति की संभावना अधिक है ऐसे कुल 124 स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। ये कैमरा ट्रैप्स एक बार लगाने के बाद लगातार 25 दिनों तक 24 घण्टे एक ही स्थान पर लगे रहेंगे जो कि थर्मल एवं मोशन सेंसर के आधार पर अपने सामने से गुजरने वाली प्रत्येक वस्तु का फोटो ऑटोमैटिक कैप्चर करेंगे। बिट गॉर्ड द्वारा लगातार 25 दिनों तक इन कैमरों की मॉनिटरिंग की जाएगी व कार्ड मे संग्रहित होने वाले डेटा को भारतीय वन्यजीव संस्थान एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजा जायेगा जो कि चारो चरणों के डेटा को एनालिसिस कर के बाघों एवं तेंदुए की संख्या का आकलन करेंगे।
    क्षेत्रीय वन मंडल का योगदान महत्वपूर्ण होगा मध्यप्रदेश जो कि वर्तमान मे  टाइगर स्टेट एवं लेपर्ड स्टेट है, इस बार भी इसे कायम रखना बहुत ही गौरवपूर्ण होगा इसके लिए क्षेत्रीय वन मंडलो में बाघ की संख्या महत्वपूर्ण होगी क्योंकि नेशनल पार्क एवं टाइगर रिज़र्व मे बाघ आकलन प्रति वर्ष होता है जिनकी संख्या लगभग पहले से पता होती है किंतु क्षेत्रीय वन मंडल में प्रति 4 वर्ष बाद होने वाला ये आकलन मध्यप्रदेश को पुनः टाइगर एवं लेपर्ड स्टेट का ताज दिलाने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

 
(67 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2022फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer