समाचार
|| कोविड 19 टीकाकरण अभियान सतत जारी || पीएम किसान सम्मान निधि की 10 वीं किस्त होगी जारी || बनखेडी के 21 ग्रामों में ड्रोन फ्लाई का कार्य पूर्ण || 12 जनवरी को व्यापक स्तर आयोजित होगा रोजगार मेला || आज का न्यूनतम तापमान 7 डि.से. || वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू वन, वन्य-जीव, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के सफल प्रयास || औद्योगिक मजबूती के लिए हर माह साठ करोड़ की मदद || कोरोना के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए पुख्ता रहे नियंत्रण की व्यवस्थाएँ - मुख्यमंत्री श्री चौहान || भारतमाला परियोजना में म.प्र. के लिए 876 करोड़ की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माना केन्द्र का आभार || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल जीवन मिशन में राशि स्वीकृति के लिए केन्द्र का आभार माना
अन्य ख़बरें
कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने वाले मृतक के वारिसान को अनुग्रह राशि दिये जाने हेतु विस्तृत दिषा निर्देष जारी
-
अलिराजपुर | 22-नवम्बर-2021
    प्रमुख सचिव एवं राहत आयुक्त म.प्र. शासन राजस्व विभाग ने भारत सरकार गृह मंत्रालय आपदा प्रबंधन प्रभाग द्वारा कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु होने पर मृतक के वारिसान को अनुग्रह राशि दिये जाने हेतु विस्तृत दिषा निर्देष जारी किये है। उक्त प्रापत दिषा निर्देष के तहत अनुग्रह राशि पात्रता हेतु कोविड-19 से मृत्यु होने पर मृतक के वारिसान (कंडिका 4 में उल्लेखानुसार) को 50 हजार रूपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। अनुग्रह राशि प्रति मृतक को देय होगी। उक्त निर्देषों के तहत कोविड-19 से मृत्यु होने के ऐसे प्रकरण जिनमें मृतक का कोरोना वायरस संक्रमित कोविड पॉजीटिव होना आरटीपीसीआर अथवा आरएटी जांच अथवा अस्पताल/रोगी भर्ती सुविधा के दौरान चिकित्सकीय जांच कम से कम 2 चिकित्सकों द्वारा हस्ताक्षरित में निर्धारित किया गया है। ऐसे मृत्यु के प्रकरण जहां मृतक का कोरोना वायरस संक्रमित (कोविड पाजीटीव) होना, आरटीपीसीआर अथवा रेट जांच या चिकित्सकीय जांच कम से कम 2 चिकित्सकों द्वारा हस्ताक्षरित में निर्धारित हो एवं मृत्यु ऐसी जांच की तिथि से 30 दिवस के भीतर हो गई हो, भले ही मृत्यु किसी अस्पताल/रोगी भर्ती सुविधा के बाहर हुई हो। ऐसे मृत्यु के प्रकरण जिसमें कोविड-19 संक्रमण रोगी किसी अस्पताल अथवा रोगी भर्ती संस्थान में भर्ती है तथा उसकी मृत्यु उसी भर्ती के दौरान 30 दिवस पश्चात भी हो जाती है। ऐसे मृत्यु के प्रकरण में कंडिका 2 (1) 2 (2) एवं 2 (3) की पूर्ति नहीं होती है एवं मृत्यु किसी अस्पताल अथवा निवास पर हुई हो एवं जिसने रजिस्टर्ड चिकित्सक द्वारा फार्म 4 अथवा फार्म 4 (ए) में जारी मेडिकल सर्टिफिकेट ऑफ कॉज ऑफ़ डेथ (जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 में निर्धारित) मृत्यु प्रमाण पत्र में, मृत्यु का कारण कोविड-19 अंकित है। ऐसे मृत्यु के प्रकरण जो कंडिका 2(1) 2(2) 2(3) एवं 2(4) की पूर्ति नहीं करते हैं एवं जहां कोई एमसीसीडी उपलब्ध नहीं है या मृत्यु के वारिसान एमसीसीडी में उल्लेखित मृत्यु के कारण से संतुष्ट नहीं है में मृत्यु के वारिसान जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय कोरोनावायरस संक्रमण से मृत्यु प्रमाणित करने हेतु समिति के समक्ष आवेदन कर सकेंगे। उक्त समिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी/मेडिकल कॉलेज प्राचार्य अथवा एचओडी (जिले में मेडीकल कॉलेज होने की स्थिति में) विषय विशेषज्ञ समिति रहेंगे। समिति द्वारा निम्न प्रक्रिया का पालन कर प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा, जिसमें कंडिका 2(5) के प्रथम पैरा में उल्लेखित स्थिति होने पर वारिसान अथवा आवेदक कोविड-19 से मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी करने हेतु आवेदन परिशिष्ट 4 पर प्रदर्शित प्रारूप में जिला कलेक्टर को कर सकें। अगर समिति यह पाती है कि प्रकरण में मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण से हुई है तो परिषिष्ट 5 पर दर्शित प्रारूप में कोविड-19 से मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी करेगी। इसके लिए सभी सुसंगत दस्तावेजों एवं परिस्थितियों का सत्यापन समिति द्वारा किया जाएगा। कंडिका 2(5)(2) अनुसार जारी प्रमाण पत्र समिति द्वारा जन्म मृत्यु पंजीयन रजिस्ट्रार (जिसने मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी किया गया है ) को भी भेजा जाएगा। समिति द्वारा प्राप्त सभी प्रकरणों का निराकरण 30 दिवस में किया जायेगा। जहर से, दुर्घटना से, आत्महत्या या मानव हत्या को कोविड-19 से मृत्यु नहीं माना जाएगा, भले ही मृतक मृत्यु के समय कोरोनावायरस से संक्रमित हो। ऐसे व्यक्तियों/शासकीय कर्मियों के वारिसानों को जिन्हें मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकंपा नियुक्ति योजना, मुख्यमंत्री को विशेष अनुग्रह योजना का लाभ दिया गया है, योजना में लाभ लेने के लिए पात्र हैं, वह अनुग्रह राशि हेतु पात्र नहीं होंगे। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण के अंतर्गत लागू बीमा योजना के अंतर्गत सम्मिलित शासकीय कर्मी अनुग्रह राशि हेतु पात्र नहीं होंगे। कोविड-19 संक्रमण से मृत्यु के लिए दी जाने वाली अनुग्रह राशि हेतु नियत तिथि की गणना कोविड-19 संक्रमण के देश में प्रथम प्रकरण के प्रकाश में आए जाने के दिनांक से होगी। अनुग्रह राशि का प्रावधान कोविड-19 संक्रमण को महामारी के रूप में अधिसूचना रद्द करने अथवा अनुग्रह राशि के संबंध में आगामी आदेश जो भी पहले हो तक प्रचलित रहेगा। अनुग्रह राशि हेतु पात्रता निम्न क्रम में होगी। मृतक के पति/पत्नी (जैसी भी स्थिति हो) प्रथम हकदार होंगे। क्रमांक (1) के ना होने की स्थिति में अविवाहित विधिक संतान को अनुग्रह राशि प्राप्त करने की पात्रता होगी। क्रमांक एक एवं दो के ना होने की स्थिति में माता-पिता। अनुग्रह राशि प्राप्त करने हेतु वारिसान या आवेदक वारिसान के 18 वर्षों से कम उम्र होने की स्थिति में वारिसान के अभिभावक द्वारा निर्दिष्ट समस्त दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र परिशिष्ट 3 जिला कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। स्वीकृति की प्रक्रिया कंडिका दो अनुसार पात्र व्यक्ति के वारिसान को अनुग्रह राशि मध्यप्रदेश शासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक एफ 35-115-2006-सी-एक दिनांक 5 सितंबर 2007 अनुसार कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत की जाएगी। आवेदन का निराकरण आवेदन पत्र मय समस्त सुसंगत दस्तावेज प्रस्तुत करने की तिथि से 30 दिवस की अवधि में किया जाना होगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दावे के सत्यापन स्वीकृति एवं अनुग्रह सहायता के भुगतान के संपूर्ण प्रक्रिया शुद्र जन सुलभ एवं सरल हो।
(57 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2022फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer