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जिला अस्पताल से स्वस्थ होकर लौटी बालिका (सफलता की कहानी)
परिजनों ने अस्पताल के इलाज से संतुष्ट होकर 20 जोड़ी स्लीपर दान की
विदिशा | 23-नवम्बर-2021
   ग्राम पिपलधान की 12 वर्षीय बालिका तालाब में डूबने से उसके फेफड़ों में पानी भर गया था। चिकित्सकों की त्वरित पहल से बालिका पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर रवाना हुई है। जिला चिकित्सालय में हुए इलाज से संतुष्ट होकर बालिका के पिता वेदप्रकाश ने आईसीयू वार्ड के लिए 20 जोड़ी स्लीपर दान की हैं।
   प्रभारी सिविल सर्जन डॉ प्रमोद मिश्रा ने बताया कि 18 नवम्बर गुरूवार को ट्रायऐज में करीब एक बजे भर्ती हुई इस बालिका की डॉ सज्जन कुमार दांगी, डॉ महेन्द्र किरार, डॉ रोहित चौबे द्वारा सतत नजर रखी गई। बालिका जब अस्पताल लाई गई थी तो उसके फेंफड़ो में पानी भरा हुआ था। और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहीं उसका शरीर भी नीला पड़ गया था। ब्लड प्रेशर व पल्स भी नहीं आ रही थी। चिकित्सकों द्वारा तुरंत ही उसके गले में स्वांस नली डालकर वेंटीलेटर पर रखा गया। तथा सेंट्रल लाइन डालकर उसका उपचार किया गया है। 6 दिन तक चिकित्सकों की निगरानी में रहने के उपरांत आज मंगलवार को पूर्ण स्वस्थ होकर श्रृष्टि यादव डिस्चार्ज हुई हैं। उनके परिजनों ने जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर्स, स्टॉफ नर्स एवं पैरामेडीकल व्यवस्थाओं से संतुष्टि उपरांत खुश होकर आईसीयू के लिए 20 जोड़ी स्लीपर दान की है।
   बारह वर्षीय बालिका के पिता श्री वेद प्रकाश ने बताया कि सृष्टि अपनी मां के साथ कार्तिक पूजा के दीए सिराने हेतु तालाब गई थी इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगी। वहां उपस्थित लोगो ने उसे निकाला इसके पश्चात हम सीधे जिला अस्पताल आए। जहां चिकित्सकों ने मेरी बेटी का जीवन बचा लिया। हम और हमारा परिवार चिकित्सकों के त्वरित उपचार सेवा का ऋणी रहेगा।
 
(56 days ago)
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