समाचार
|| कोविड 19 टीकाकरण अभियान सतत जारी || पीएम किसान सम्मान निधि की 10 वीं किस्त होगी जारी || बनखेडी के 21 ग्रामों में ड्रोन फ्लाई का कार्य पूर्ण || 12 जनवरी को व्यापक स्तर आयोजित होगा रोजगार मेला || आज का न्यूनतम तापमान 7 डि.से. || वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं जू वन, वन्य-जीव, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के सफल प्रयास || औद्योगिक मजबूती के लिए हर माह साठ करोड़ की मदद || कोरोना के बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए पुख्ता रहे नियंत्रण की व्यवस्थाएँ - मुख्यमंत्री श्री चौहान || भारतमाला परियोजना में म.प्र. के लिए 876 करोड़ की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माना केन्द्र का आभार || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल जीवन मिशन में राशि स्वीकृति के लिए केन्द्र का आभार माना
अन्य ख़बरें
500 एमएल नैनो यूरिया 45 किलो के एक बैग के बराबर, कीमत भी कम
मिट्टी की सेहत में होगा सुधार व फसल उपज में बढ़ोत्तरी, किसान की पैसे की बचत कर खेत व मानव स्वास्थ का रखेगा ख्याल
सागर | 25-नवम्बर-2021
    आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर कृषि के संकल्प को साकार करते हुए किसान हित में सहकारी संस्था इफको ने किसानों को नैनो यूरिया की सौगात दी है, जिसे अब सागर जिले के किसानों के बीच उपलब्ध करा दिया गया है। इफको नैनो यूरिया फसलों को आवश्यक नाइट्रोजन प्रदान कर मिट्टी को अधिक उपजाऊ व फसल को गुणवत्तापूर्ण बनाने में सहायक है। इफको नैनो यूरिया तरल का प्रयोग पर्यावरण के अनुकूल, सस्ता व अधिक लाभ प्रदान करने वाला है।
   नैनो तकनीक से उत्पादित यूरिया में एक दाना यूरिया को 55000 नैनो यूरिया के दानों में विभाजित कर दिया जाता है, अपने अति-सूक्ष्म आकार और सतही विशेषताओं के कारण नैनो यूरिया को पत्तियों पर छिड़के जाने से पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है। पौधों के जिन भागों में नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है ये कण वहां पहुंचकर संतुलित मात्रा में उपयोगी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
   इफको के जिला प्रबंधक श्री दीपक पाल ने बताया की फसलों को नाइट्रोजन की आपूर्ति के लिए यूरिया की जरुरत होती है और देश में हर साल लगभग 300 लाख टन यूरिया का उपयोग होता है लेकिन फसल में दिए गए पारंपरिक यूरिया के माध्यम से नाइट्रोजन का केवल 30-40 प्रतिशत ही फसलों को मिल पाता है,जबकि 60-70 प्रतिशत नाइट्रोजनवाष्पीकरण, रिसाव व मिट्टी स्थिरीकरण द्वारा बर्बाद हो जाता है और फसलों को उपलब्ध नहीं हो पाता। यह बचा हुआ भाग बड़ी मात्रा में हमारी मिट्टी ,वायु और जल को प्रदूषित करता।
   इफको नैनो यूरिया किसानों को तरल पदार्थ के रूप में  उपलब्ध होगा जिसे पत्तियों पर छिडकाव के द्वारा उपयोग किया जाता है। नैनो यूरिया तरल जो की आधा लीटर की बोतल में होगा, आधा लीटर बोतल में 40000 पीपीएम  नाइट्रोजन है,खास बात यह है की इसकी क्षमता एक 45 किलो के पारंपरिक यूरिया के बराबर या इससे अधिक ही होगी। एक आधा लीटर ( 500 मिली) बोतल एक एकड़ खेत के लिए पर्याप्त है इसका पहला छिड़काव बोआई या रोपाई के 25-35 दिन पर और दूसरा छिड़कावफुल आने के एक सप्ताह पहले कर सकतें हैं। नाइट्रोजन की कम जरुरत वाली फसलों में दो एमएल और अधिक नाइट्रोजन की आवश्यकता वाली फसलों में चार एमएल प्रति लीटर पानी की दर से नैनो यूरिया का उपयोग करना है।
   पारंपरिक यूरिया के अंधाधुंध उपयोग के दुष्परिणाम खेती, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ पर अब स्पष्ट दिख रहें हैं , देश के किसानों को स्वदेशी उन्नत कृषि प्रोधोगिकी आधारित तरल नैनो यूरिया के रूप में अद्भुत विकल्प मिला है जो की बहुत लाभकारी है।
 
(59 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2022फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer