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अपनी भागीदारी निभाये समय से जननी सुरक्षा (जेएसवाई) एवं प्रसूति सहायता योजना (पीएसवाई) में लाभ पायें
राशि भुगतान संबंधी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर के माध्यम से भोपाल द्वारा की जाती है
दमोह | 26-नवम्बर-2021
   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी ने बताया जननी सुरक्षा एवं प्रसूति सहायता योजना का लाभ लेने हेतु बेहद जरूरी है कि अनमोल पोर्टल पर सही समय में सही जानकारी इंद्राज (एन्ट्री) की जाये। जिसमें क्षेत्र की आशा/ए.एन.एम. के साथ-साथ आपकी भागीदारी भी होना जरूरी है। अनमोल पोर्टल पर एन्ट्री समय से दी जाने वाली जानकारी एवं हितग्राहियों को प्राप्त होने वाली सेवाओं की समयावधि पर निर्भर करती है। आपके द्वारा गर्भावस्था समयावधि के दौरान प्राप्त होने वाली सेवाओं की जानकारी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड (एम.सी.पी.) में ए.एन.एम. द्वारा इंद्राज करवाई जायें। जैसे कि जनरेट एम.पी.आई.डी. की प्रविष्टि, समग्र आई.डी. की प्रविष्टि, बैंक खाते की प्रविष्टि, आई.एफ.एस.सी.कोड़, आवश्यक जांच व तिथी की प्रविष्टि आदि। पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव के समय पति एवं पत्नि के जरूरी दस्तावेज-एम.सी.पी.कार्ड, समग्र आई.डी., बैंक खाता नम्बर, आई.एफ.एस.सी. कोड़, आधार कार्ड, मोबाईल नम्बर अपने साथ लेकर संबंधित प्रसव केन्द्र पर पहुंचकर अपनी जानकारी फीड कराई जा सकती है।
जनमानस की भागीदारी ही, उनकी सुविधा है
   सीएमएचओ डॉ त्रिवेदी ने जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना के माध्यम से जनमानस को मिलने वाली राशि के संबंध में आपकी सुविधा एवं जागरूकता को ध्यान में रखते हुए सूचित किया है कि जननी सुरक्षा योजना (जे.एस.वाई.) का लाभ सभी दंपत्ति (शहरी एवं ग्रामीण) को संस्थागत प्रसव कराने पर ही देय होता है। जबकि प्रसूति सहायता योजना (पी.एस.वाई.) का लाभ द्वितीय पारा (दूसरे गर्भधारण) तक ही मिलता है। तत्सबंध में गर्भवती महिलाओं द्वारा गर्भ का पता चलते ही आशा कार्यकर्ता/महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ए.एन.एम.) के पास पंजीयन कराना आवश्यक है। प्रसूति के पूर्व चार आवश्यक जांचे कराना अनिवार्य है।
 अनमोल पोर्टल पर की जाने वाली एन्ट्री की प्रक्रिया
   उन्होंने बताया रजिस्ट्रेशन के समय ए.एन.एम. द्वारा संपूर्ण दस्तावेज की एन्ट्री, सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसूति पूर्व की गई चार जांचों की एन्ट्री, संस्थागत डिलेवरी से तीन दिवस के अंदर संबंधित संस्था द्वारा पोर्टल पर डिलेवरी अपडेट करने के साथ ही अपडेशन के पश्चात आर.सी.एच. वेलीडेशन, समग्र वेलीडेशन पोर्टल पर दिखाई देने लगता है तत्पश्चात पेमेंट ई-वित्त के लिए पुश हो जाता है। यदि आर.सी.एच. एवं समग्र नॉट वेलिड दिखता है तो पेमेंट ई-वित्त के लिए पुश नहीं होता है।
सेवाओं के अनुपात में मिलने वाली जेएसवाई,पीएसवाई की राशि
   उन्होंने बताया प्रथम पारा में एक हजार रूपये स्वास्थ्य विभाग से एवं 3 हजार रूपये मातृ वंदना योजना के अंतर्गत महिला विकास विभाग से प्राप्त होते है। प्रसूति पूर्व चार ए.एन.सी. जांच कराने के उपरांत मिलने वाली राशि 4 हजार रूपये (केवल द्वितीय गर्भ तक),  संस्थागत प्रसव पर ग्रामीण महिला को 1 हजार 400 रूपये  एवं शहरी महिला को 1 हजार जे.एस.वाई. के अंतर्गत तथा 10 हजार 600 रूपये प्रधानमंत्री प्रसूति योजना (पी.एस.वाई.) के अंतर्गत वैलिड श्रमिक कार्ड उपलब्ध होने पर दिये जाते है। जे.एस.वाई. भुगतान राशि को छोड़कर शेष राशि केवल द्वितीय गर्भ तक ही देय होती है। राशि भुगतान संबंधी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर के माध्यम से भोपाल द्वारा की जाती है, भुगतान संबंधी कोई निर्धारित समयावधि निर्धारित नहीं है।

 
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