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अत्याचार के 47 प्रकरणों में 48 लाख से ज्यादा की मदद
जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न
ग्वालियर | 21-अप्रैल-2017
 
  
   अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 47 प्रकरणों में 48 लाख 77 हजार रूपए की राहत राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में स्वीकृत की गई। बैठक में विधायक डबरा श्रीमती इमरती देवी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
   बैठक में समिति के सदस्य के रूप में अध्यक्ष अजाक्स चौधरी श्री मुकेश मौर्य सहित अन्य अशासकीय सदस्य, उप पुलिस अधीक्षक एजेके श्री यू एन एस परिहार, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री एच बी शर्मा सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
   विधायक श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि अत्याचार के प्रकरणों में राहत राशि के साथ-साथ पीड़ित पक्ष को रोजगारमूलक योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहरिया वर्ग के लोगों को शासन की अन्य योजनाओं के तहत राशि उपलब्ध कराने से पूर्व उनकी काउन्सलिंग की जाना चाहिए।
   सहायक आयुक्त श्री एच बी शर्मा ने बताया कि जिले में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में कुल 53 प्रकरण दर्ज किए गए। जिनमें अनुसूचित जाति के 47 प्रकरणों में 46 लाख 30 हजार रूपए की तथा जनजाति के 4 प्रकरणों में 2 लाख 47 हजार 500 रूपए की राहत राशि स्वीकृत की गई है। संकटापन्न राहत योजना के तहत 41 प्रकरणों में एक लाख 38 हजार रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एक्ट के प्रावधानों के तहत अनुसूचित जाति अत्याचार प्रकरणों में पीड़ित व्यक्ति को गवाही के लिये न्यायालय में आने पर उसे यात्रा भत्ता और भरण पोषण भत्ता और मजदूरी क्षतिपूर्ति की राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही इस वर्ग के व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। जिले में 401 प्रकरण अभियोजन के लिये न्यायालयों में विचाराधीन है।
एससी-एसटी वर्ग के बच्चे एक साथ हॉस्टल में रह सकेंगे
   बैठक में सहायक आयुक्त श्री शर्मा ने बताया कि शासकीय छात्रावास और आश्रमों का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा निर्णय लियाग या है कि स्थान रिक्त होने पर अनुसूचित जाति के छात्रावास में अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रावास में अनुसूचित जाति के छात्र को प्रवेश दिए जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने इसके संबंध में समिति के सदस्यों से इस वर्ग के लोगों को अवगत कराने का अनुरोध किया।
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