समाचार
|| घर से ही करा सकते हैं मोबाइल को आधार से लिंक || अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को || हज यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण 25 जुलाई तक || समाज कार्य स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम लेखन की समीक्षा 26 जुलाई को || पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर ‘‘1962’’ प्रारंभ || सीपीसीटी में हिंदी टाईपिंग अनिवार्य || स्कूलों की मान्यता के नवीनीकरण के लिए आयुक्त के पास अपील 20 से 26 जुलाई तक होगी || दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम में 21 प्रकार की दिव्यांगताएं शामिल || उर्दू में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार || सुदामा प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
अन्य ख़बरें
लोक अदालत से मिलेगा जनता को सस्ता - शीघ्र - सुलभ न्याय
-
इन्दौर | 06-अगस्त-2017
 
   
    सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशानुसार अब जिलों में हर दो माह में लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। लोक अदालत में जनता को सस्ता-शीघ्र-सुलभ न्याय मिलता है। लोक अदालत से दोनों पक्षों की जीत होती है। आपसी सुलह-समझौते से फैसले होते हैं। इन फैसलों के खिलाफ वरिष्ठ न्यायालयों में अपील नहीं की जा सकती। ये फैसले अंतिम होते हैं। इन लोक अदालतों में वर्षों पुराने मामले रखे जाते हैं और हाथोंहाथ उसी दिन उनका निराकरण हो जाता है, जिससे वादी और प्रतिवादी को उसी दिन न्याय मिल जाता है। लोक अदालत की अवधारणा और परम्परा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री पी.एन. भगवती ने 1985 में शुरू की थी। यह कार्यक्रम बहुत अधिक लोकप्रिय हुई है। इससे अभी तक देश में लाखों लोगों को सस्ता, शीघ्र और सुलभ न्याय मिला है। इसी कारण से यह कार्यक्रम और अधिक लोकप्रिय होती जा रही है।
    प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में 09 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परकाम्य अधिनियम की धारा 138 के अतंर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामलें, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण (अशमनीय मामलों को छोड़कर), सेवा मामलें, जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित हैं, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकरण के राजीनामा योग्य, प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जायेगा। समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध है कि उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधर पर निराकृत कराने हेतु म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में पिं्रसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विविध सेवा समिति लोक अदालत में रखने हेतु आवेदक/सूचना दें सकते हैं।
    लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारो के द्वारा भुगतान की गयी कोर्ट फीस का शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान हैं।
(349 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2018अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer