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पीलीघटा पर हुआ एकात्म यात्रा का भव्य स्वागत हुआ
शाढौरा में हुआ जन-संवाद कार्यक्रम
अशोकनगर | 02-जनवरी-2018
 
 
 
   जगत गुरू आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित करने के उद्देश्य से धातु संग्रहण एवं समाज में जन जागृति लाने के लिए एकात्‍म यात्रा निकाली जा रही है। जिले में एकात्‍म यात्रा के प्रवेश होने पर जिले के ग्राम पीलीघटा पर एकात्‍म यात्रा का भव्‍य स्‍वागत विधायक श्री गोपीलाल जाटव तथा कलेक्‍टर श्री बी.एस.जामोद द्वारा किया गया। एकात्म यात्रा के माध्यम से जन-जन तक आदिशंकराचार्य का अद्वैतवाद के सिद्धान्त का प्रचार-प्रसार सन्तजनों द्वारा किया जा रहा है। एकात्म यात्रा 02 जनवरी 2018 को  दोपहर 12.30 बजे अशोकनगर जिले के ग्राम पीलीघटा पहुंची। पीलीघटा में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं अधिकारियों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। तत्‍पश्‍चात शाढौरा में जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन-संवाद कार्यक्रम में अशोकनगर विधायक श्री गोपीलाल जाटव, कलेक्‍टर श्री बी.एस.जामोद द्वारा एकात्‍म यात्रा में साथ चल रहे महामंडलेश्‍वर श्री राधे राधे महाराज, श्री विश्‍ववेश्‍वारानंद नंदगिरी जी महाराज एवं अन्‍य संतो का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर स्‍वागत किया तथा हनुमान टेकरी महाराज की फोटो स्‍मृति चिन्‍ह के रूप में भेंट की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री तिलक सिंह, बाल संरक्षण आयोग के अध्‍यक्ष श्री राघवेन्‍द्र शर्मा, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
    जन-संवाद कार्यक्रम में श्री विश्‍ववेश्‍वारानंद नंदगिरी जी महाराज ने कहा कि आज का दिन अपार प्रसन्‍नता का दिन है। अशोकनगर जिले में ऐसा दिन आया है कि भगवान शिव के अवतार तथा अद्धैत का संदेश देने वाले गुरू  शंकराचार्य जी की चरण पादुकाएं यहां आई है। आदि गुरू शंकराचार्य ने देश को एकात्‍मता एवं सद्भाभावना का संदेश दिया है। उन्‍होंने अल्‍प आयु में ही अध्‍यात्‍म का ज्ञान प्राप्‍त कर लिया था। उन्‍होंने समाज को एकता के सूत्र में पिरोया। उन्‍होंने कहा कि राजनीति और धर्मनीति साथ साथ चलती है तो समाज में अच्‍छा संदेश जाता है। उन्‍होंने कहा कि मध्‍यप्रदेश गौरवशाली राज्‍य है जिसमें आदि गुरू शंकराचार्य जी प्रतिमा ओंकारेश्‍वर में 108 फीट ऊची प्रतिमा स्‍थापित होने जा रही है। उन्‍होंने कहा कि अशोकनगर जिले के प्रत्‍येक ग्राम पंचायत से तांबे के कलश एवं यहां की पवित्र मिट्टी एकत्रित कर ओंकारेश्‍वर जाएगी। जिससे वहां पर भव्‍य प्रतिमा का निर्माण कराया जायेगा। लोग ओंकारेश्‍वर पहुंचकर आदि गुरू शंकराचार्य जी की प्रतिमा का दर्शन लाभ करेगें। उन्‍होंने कहा कि यहां एकात्‍म यात्रा भारतवासियों की यात्रा है।
   इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए महामंडलेश्‍वर श्री राधे राधे महाराज ने कहा कि एकात्‍म यात्रा के माध्‍यम से जगत गुरू आदि शंकराचार्य जी ने एकात्‍म का संदेश जन जन तक पहुचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में कई संस्कृतियां खड़ी हुई और नष्ट हो गई, किन्तु भारतीय संस्कृति आज भी खड़ी है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का जन्म संक्रमणकाल में हुआ था। जब आन्तरिक एवं बाहरी विभाजन गंभीर स्थिति में था। शंकराचार्य ने आध्यात्मिक व धार्मिक साम्राज्य की स्थापना की है। उन्‍होंने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी ने भारतीय अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना के आधार स्तंभ, सांस्कृतिक एकता और मानवमात्र में एकात्मता के उद्घोषक तथा अद्वैतवाद के अजेय योद्धा आदि शंकराचार्य ने मां नर्मदा के तट पर ज्ञान प्राप्त किया। सुदूर केरल से आठ वर्ष के बाल सन्यासी के रूप में वे 1200 वर्ष पूर्व दो हजार किलो मीटर की पदयात्रा कर गुरू की खोज में गुरू गोविन्दपाद के आश्रम में पहुंचे। वहां तीन वर्ष में ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के पश्चात उपनिषदों, ब्रह्मसूत्र एवं गीता पर भाष्य लिखा एवं अद्वैत मत की स्थापना के लिये सम्पूर्ण भारत की यात्रा पर निकल पड़े। जीव ही ब्रह्म है का उद्घोष करते हुए सम्पूर्ण भारत में सामाजिक विद्रुपता तथा पाखण्ड का नाश कर सामाजिक समरसता, एकात्मता एवं सहजता का ध्वज फहराया। आशुतोष शिव के रूप में अवतरित आदिशंकराचार्य ने भारत की चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना कर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक सामन्जस्य एवं एक्य संस्थापन का महत्वपूर्ण कार्य किया।
   इस अवसर पर अशोकनगर विधायक श्री गोपीलाल जाटव ने कहा कि एकात्‍म यात्रा का जिले में प्रवेश निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरव की बात है। इस यात्रा का स्‍वागत करते हुए हम सभी भाग्‍यशाली है। यात्रा के माध्‍यम से संतो का समागम एवं उनके दर्शन करना पुण्‍य का कार्य है।
चरण पादुकाएं दर्शन के लिए रखी गई जिले में प्रवेश करते ही आदि गुरू शंकराचार्य जी की चरण पादुकाएं विधायक श्री गोपीलाल जाटव द्वारा अपने सिर रखकर जिले में प्रवेश कराई। इसके पश्‍चात खुली गाडी में जगत गुरू शंकरचार्य जी की चरण पादुकाएं आमजन के दर्शन के लिए रखी गर्इ। साथ ही कार्यक्रम स्‍थल पर ध्‍वज एवं चरण पादुकाओं की पूजा अर्चना की गई। एकात्‍म यात्रा का ग्राम पंचायतों द्वारा जगह जगह तोरण द्वारा बनाकर पुष्‍पों एवं फूल मालाओं से स्‍वागत किया तथा कलश भेंट किये।
    इस दौरान यात्रा प्रभारी श्री नीरज मनोरिया ने यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अंत में आभार प्रदर्शन भाजपा जिलाध्‍यक्ष श्री जयकुमार सिंघई ने किया।
 
(173 days ago)
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