समाचार
|| विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त || जिला स्तरीय दल का गठन || कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें || किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में निविदा आमंत्रित || जुलाई से अक्टूबर तक होंगी जनजातीय विद्यालयों की खेल प्रतियोगिताएँ || 6 वर्ष से 18 वर्ष तक के बालक/बालिकाओं की बहादुरी के करनामों की दे जानकारी || एनसीटीई के पाठ्यक्रमों के लिये इस वर्ष एम.पी. ऑनलाइन से होगा प्रवेश || मध्यप्रदेश आनंद विवाह रजिस्ट्रीकरण नियम-2018 प्रकाशित || प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाना ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य || एम.बी.ए. एम.सी.ए. और बी.एच.एम.सी.टी. के काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी
अन्य ख़बरें
मूलचंद ने केले की खेती कर दिखाई नई राह
-
बालाघाट | 03-जनवरी-2018
 
 
    बालाघाट जिले में किसानों द्वारा धान की खेती की जाती है। लेकिन बालाघाट विकासखंड के ग्राम नरसिंगा के किसान मूलचंद गजभिये ने केले की खेती कर क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए एक नई राह दिखाई है। मूलचंद ने अपने 40 डिसमिल खेत में पहली बार केले की फसल लगाया है और इससे उसे लगभग 4 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है।
    मूलचंद गजभिये के पास खेती की अधिक जमीन नहीं है। थोड़ी सी खेती की जमीन में वह धान की खेती करता था। लेकिन धान की खेती में लागत अधिक होने के कारण ले देकर हिसाब बराबर हो जाता था। कम खेती में अधिक लाभ कमाने की चाहत में एक दिन उसकी मुलाकात उद्यान विस्तार अधिकारी श्री शेरकू हरिनखेड़े से हो गई। उन्होंने मूलचंद को सलाह दी कि वह केले की खेती को अच्छे से करेगा तो उसे निश्चित रूप से भारी मुनाफा होगा।
    मूलचंद ने अपनी 40 डिसमिल खेती में 20 जून 2017 को टीसू कल्चर, जी-09 प्रजाति के केले के 600 पौधे लगाये है। इसमें से 50 पौधे मर गये है, लेकिन वर्तमान में 550 पौधे सही सलामत है और कुछ दिनों में उनमें केले लगने लगेंगें। मूलचंद ने बताया कि उसने केले की फसल लगाने में लगभग 60 हजार रुपये की राशि खर्च की है। केले की फसल तैयार होने पर उसे प्रति पौधा 30 किलोग्राम तक केले मिलने का अनुमान है और यह केले 25 रुपये प्रति किलो के दाम में बिक जायेंगें। मूलचंद ने अपने केले के खेत के पास ही कुक्कुट पालन फार्म भी खोला है। इस फार्म से निकलने वाली मुर्गियों की बीट का उपयोग वह केले की फसल में खाद के रूप में कर रहा है। इससे केले के पौधे बहुत अच्छी स्थिति में है।
    उद्यान विस्तार अधिकारी श्री हरिनखेड़े ने बताया कि बालाघाट जिले में जितने केले की खपत होती है उसका 98 प्रतिशत बाहर से आता है। कुल खपत का केवल 02 प्रतिशत ही बालाघाट जिले से प्राप्त हो पाता है। इस जिले में केले की फसल से किसान कम समय में कम क्षेत्र में लगी फसल से अधिक मुनाफा कमा सकते है। मूलचंद को निश्चित रूप से 4 लाख रुपये से अधिक आय होने का अनुमान है। नरसिंगा एवं अन्य ग्रामों के दूसरे किसान भी मूलचंद की केले की फसल को देखकर अपने खेत में केला लगाने के लिए प्रेरित हो रहे है।
 
(172 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer