समाचार
|| युवा को राष्ट्रीय सभ्यता, संस्कृति, परम्पराओं के प्रति जागरूक बनायें || भारतीय प्रेस परिषद की जाँच समिति की बैठक 23-24 जुलाई को || निर्वाचन सम्बन्धी प्रशिक्षण आज || बाल अधिकार सम्बन्धी शिकायतों की सुनवाई आज || चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री जैन आज सिवनी जाएंगे || क्षय रोग से पीड़ित बच्ची रोशनी चौधरी से मिली राज्यपाल || राज्यपाल ने की क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को गोद लेने की मुहिम की सराहना || वायुनगर कॉलोनी का प्रवेश द्वार 7 लाख 80 हजार रूपए की लागत से बनेगा || विकास पर्व के तहत आयोजित भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगीं श्रीमती माया सिंह || द्वार दाहिकेपुरा में खनन माफ़िया के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही दो जे.सी.बी और एक पोकलेन मशीन जप्त
अन्य ख़बरें
मिशन पालना के अंतर्गत की जायेगी परित्याग किये शिशु की देखभाल
-
बालाघाट | 12-जनवरी-2018
 
 
    प्रदेश में आये दिन जन्मदाता माता-पिता द्वारा बच्चों को परित्याग कर उन्हें एकांत स्थान (झाडियो, खेतो, कचरे के डब्बों आदि) पर छोडने पर शिशु को शारीरिक क्षति पहुँचने की संभावना रहती हैं। इस प्रकार जन्में परित्यक्त शिशुओं की उपयुक्त देखरेख के लिए मिशन पालना का शुभारंभ बाल दिवस पर भोपाल जिले से किया गया हैं।
    मिशन पालना के अंतर्गत प्रत्येक जिला एवं विकासखण्ड में बाल देखरेख संस्थान, स्वधार गृह, अल्पावास गृह, अस्तपताल, नर्सिंग होम, रेल्वे स्टेशन, मंदिरों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों जहाँ नवजातों के विषम अवस्था में पाए जाने की सर्वाधिक संभावना होती हैं, ऐसे स्थलों पर आदर्श पालना की स्थापना की जाना है एवं उसकी सुरक्षा संबंधित थाना क्षेत्र के बीट प्रभारी द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
     जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती दीपमाला सोलंकी ने बताया कि जिले में मिशन पालना के अंतर्गत आदर्श पालना की स्थापना के करने के इच्छुक व्यक्ति या संस्थायें जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है। मिशन पालना के अंतर्गत आदर्श पालना जमीन से कम से कम 04 फीट उँचाई पर होना चाहिए, वह ग्रिल से कवर्ड हो एवं उसमें आरामदायक गदा बिछाया गया होना चाहिए। वह मच्छरजाली से पूर्ण रूप से ढका होना चाहिए और उपर से किसी पतली जाली से ढका होना चाहिए। पालना के पास एक मैन्युअल एवं इलेक्टिक घंटी लगी होना चाहिए।
    समेकित बालसंरक्षण योजना के प्रावधनुसार प्राथमिक स्वास्थ केन्द्रों, अस्तपतालों/नर्सिंग होम, बाल देखरेख संस्थान, स्वधारगृह, अल्पावासगृह में शिशु पालना स्थल की स्थापना किये जाने का प्रावधान हैं। अतः जिला व विकासखण्ड स्तर से अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र, अस्पताल/नर्सिंग होम में पालना स्थापित किये जाने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई को परित्यक्त शिशुओं को सुरक्षित रूप से प्राप्त करने, सुरक्षित स्थान जहाँ शिशु का परित्याग करने वाले पालक/अभिभावक की गोपनीयता भी सुनिश्चित हो सके, पालना की स्थापना कर महिला सशक्तिकरण कार्यालय में श्री खिलेश डाहाटे को अवगत करा सकते है।
 
(191 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2018अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer