समाचार
|| एम.बी.ए. एम.सी.ए. और बी.एच.एम.सी.टी. के काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी || स्कूलों के विद्यार्थियों की दक्षता आकलन के लिये बेसलाइन टेस्ट 25 जून से || सुपर-100 चयन परीक्षा एक जुलाई रविवार को || जिले के विकास को निरंतर गति दी जावेगी - कलेक्टर || श्री पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक 23 जून को || विकासखण्‍ड स्‍तरीय स्‍वरोजगार सम्‍मेलन सम्‍पन्‍न || जिले में अबतक 20.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज || मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को सरल बिजली बिल योजना व मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना के मिलेंगे लाभ || स्कूलों के विद्यार्थियों की दक्षता आंकलन के लिये बेसलाइन टेस्ट 25 जून से || अब एक जुलाई को होगी सुपर-100 चयन परीक्षा
अन्य ख़बरें
जुनून ने बनाया उद्यमी
-
गुना | 13-जनवरी-2018
 
 
   गुना शहर में हनुमान चौराहा स्थित मांडरे एम.पी.ऑनलाइन के मालिक श्री देवेन्द्र सिंह मांडरे ने बचपन में उद्यमी बनने का सपना देखा था। मगर आर्थिक कठिनाईयों की बाधाएं भी उनको उद्यमी बनने का सपना साकार करने से रोक नहीं सकीं।
   देवेन्द्र हाईस्कूल में थे, जब उद्यमी बनने का जुनून उनके सिर पर सवार हुआ। उन्होंने नौकरी के लिए कई लोगों को संघर्ष करते हुए देखा था। उन्हें लगता था कि नौकरी हासिल करना आसान नहीं था। इसलिए उन्होंने कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनने की ठानी।
   हाईस्कूल परीक्षा पास करने पर गुना के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने उन्हें कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के प्रशिक्षण के लिए चुना। 2014 में प्रशिक्षण उपरान्त घर लौटकर पाया कि उद्यमी बनने का उनके लिए रास्ता आसान नहीं है। किसी तरह देवेन्द्र ने थोड़े-बहुत पैसे की व्यवस्था कर दुकान शुरू की। शुरूआत आसान नहीं थी। कुछ कठिनाइयां सामने आईं, क्योंकि मार्केट में बड़े उद्यमियों का वर्चस्व था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
   देवेन्द्र अपना कारोबार करते रहे। उसी समय उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत इस शर्त पर कर्ज देने की पेशकश हुई कि वह नियमित रूप से बैंक ऋण की किस्तें अदा करेंगे। देवेन्द्र ने मौके को झपट लिया। उन्होंने दो लाख रूपये का ऋण, जिसमें 60 हजार रूपये का अनुदान भी शामिल है, लेकर अपनी दुकान का विस्तार कर लिया। उनकी मेहनत रंग लाई। अब भला कौन उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की जुर्रत करता? तभी से देवेन्द्र का कारोबार फल-फूल रहा है।
   एक लड़के को काम पर रखने वाले देवेन्द्र महीने में सारे खर्चे निकालकर 20 हजार रूपये कमा लेते हैं। देवेन्द्र गर्व से स्वयं को छोटी पूंजी का कारोबारी कहते हैं। देवेन्द्र कहते हैं, "अब जमाना व्यवसाय का है। नौकरी में एक निश्चित एवं सीमित आय है, जिसे बढ़ाया नहीं जा सकता है। लेकिन व्यवसाय की आय को बढ़ाया जा सकता है।" देवेन्द्र कम्प्यूटर सिखाने के साथ-साथ रेल्वे रिजर्वेशन, पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मनी ट्रांसफर का कार्य भी करते हैं।
 
(160 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer