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शंकर सिंह ने बागवानी अपनाकर अपनी आय की दोगुनी
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रायसेन | 13-जनवरी-2018
 
    अगर कम मेहनत से ज्यादा फायदा कमाना हो, तो किसानों को हायब्रिड किस्मों की खेती अपनाना चाहिये। इस खेती के एक नहीं, कई फायदे है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार तो प्रयास कर ही रही है। किसानों को भी आगे आकर सरकार का हाथ थाम लेना चाहिये। यह कहना है रायसेन जिले के उदयपुरा विकासखण्ड के ग्राम बेरसला निवासी प्रगतिशील किसान श्री शंकर सिंह राजपूत का। शंकर राजपूत बताते हैं कि उनकी खुद की मेहनत तथा राज्य सरकार के उद्यानिकी विभाग की मदद से मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है।
    उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित होने वाले कृषक प्रशिक्षण में भाग लेकर श्री शंकर राजपूत द्वारा उद्यानिकी फसलों की जानकारी तथा तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर वर्ष 2017-18 में अपनी कृषि भूमि में 1.50 एकड़ क्षेत्र में हायब्रीड बैंगन का उत्पादन लिया जा रहा है। किसान शंकर राजपूत 25 अक्टूबर से 10 दिसम्बर के मध्य में लगभग 3 लाख 50 हजार रूपए की सब्जी विक्रय कर चुके हैं तथा लगभग मार्च 2018 तक उत्पादित होने वाली फसल भी 3 लाख 50 हजार रूपए में विक्रय होने की संभावना है। इस प्रकार कृषक शंकर राजपूत द्वारा 1.50 एकड़ में एक फसल में 7 लाख रूपए तक की बिक्री की जाएगी, जिसमें शुद्ध आय लगभग 5 लाख रूपए होगी।
    श्री शंकर राजपूत ने बताया कि वह पूर्व में कुल 16 एकड़ कृषि भूमि में गेहूँ, चना, सोयाबीन की फसले उत्पादित करता था, जिससे लगभग 5 से 6 लाख रूपए की आय प्राप्त होती थी। लेकिन वर्तमान में परम्परागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों से लगभग 8 लाख से 10 लाख रूपए प्रति वर्ष शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। श्री शंकर सिंह राजपूत द्वारा उद्यान विभाग के सम्पर्क में आने के बाद उद्यानिकी योजनाओं से प्याज भण्डार गृह 50 मैट्रिक टन क्षमता, पैक हाउस, मशीनरी के अंतर्गत ट्रेक्टर, रोटावेटर सहित अन्य योजनाओं का लाभ ले चुके हैं। क्षेत्र के अन्य किसान शंकर सिंह से प्रेरणा लेकर उद्यानिकी फसलों की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
 
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