समाचार
|| ग्रामीण क्षेत्रों में 806 करोड़ के 217 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण || सामूहिक योग कार्यक्रम में मंत्रीगण भी भागीदारी दर्ज करायेंगे || गौ-संरक्षण के लिये गौ-शालाओं को 17 रुपये प्रति गाय अनुदान दिया जायेगा || दुर्घटना से विकृत हुये हाथ की समस्‍या से प्रियंका ने पाई मुक्ति (सफलता की कहानी) || परिवहन और भण्डारण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं- कलेक्टर डॉ. जे विजय कुमार || कलेक्टर डॉ. कुमार ने सुनी ग्रामीणों की बुनियादी समस्याएं || श्रमिक वर्ग की प्रसूता को मिलेगी 16 हजार की राशि || मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग का दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम || अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 को वित्तमंत्री श्री मलैया होंगे मुख्य अतिथि || ग्रामों का भ्रमण कर संभागायुक्त श्री आशुतोष अवस्‍थी ने जानी योजनाओं की मैदानी स्थिति
अन्य ख़बरें
जिला जेल में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न
-
शहडोल | 13-जनवरी-2018
 
 
   मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल श्री आर.के. सिंह के निर्देशन में जिला न्यायालय शहडोल में पदस्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अविनाश चंद्र तिवारी एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बी.डी. दीक्षित द्वारा जिला जेल शहडोल का निरीक्षण किया गया तत्पश्चात विचाराधीन बंदियों के मध्य बंदियों के अधिकार एवं प्लीबारगेनिंग विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार से अवगत कराते हुये अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा प्लीबारगेनिंग की प्रक्रिया विचाराधीन बंदियों को समझाई गई तथा धारा 436 ए के आलोक में प्रकरणों की समीक्षा की गई। बंदीजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी अभिरक्षा के बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान किये जाने का विधि का प्रावधान है तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान करने के लिये तत्पर है। प्लीबारगेनिंग दाण्डिक मामले का समझौते के आधार पर अंतिम निराकरण हेतु एक उपबंध है। यदि कोई अभियुक्त जिसके विरूद्ध न्यायालय में कोई मामला चल रहा है और 18 वर्ष की उम्र से अधिक है तथा ऐसा मामला 7 वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय न हो तथा महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध न हो देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने वाला न हो। ऐसे मामलों में अभियुक्त प्लीबारगेनिंग प्रक्रिया का लाभ उठा सकता है। इसका लाभ यह है कि अभियुक्त अपराध के लिये निर्धारित दण्ड की अधिकतम सजा में से एक चौथाई सजा से दंडित किया जायेगा। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बी.डी. दीक्षित ने बंदियों को विधिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी तथा शिविर में उपस्थित लगभग 180 विचाराधीन बंदियों से विधिक सहायता के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से प्रकरण में पैरवी कराये जाने हेतु जेल में उपस्थित पैरालीगल वालेंटियर के माध्यम से बंदियों के आवेदन जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल को दिये जाने हेतु कहा गया। इस विधिक साक्षरता शिविर में जेल अधीक्षक श्री जी.एल.नेटी, सहायक जेल अधीक्षक श्री एच.एस. राठौर व अन्य जेल के अधिकारी मुख्य प्रहरी श्री रामभरोसे गौतम एवं अन्य जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
 
(158 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer