समाचार
|| शिक्षक छात्रों का ज्ञानवर्धन करने की दिशा में कदम उठावे - श्रीमती पटेल || बडे पैमाने पर जल संरचनाओं का निर्माण कर, जलस्तर को बढाने का प्रयास करें-श्रीमती चिटनिस || राज्यपाल श्रीमती आनंदीवेन पटेल ने सर्वा की देखी आंगनबाड़ी || स्वच्छता के लिए साधन नहीं सोच आवश्यक "सफलता की कहानी" || डेंगू, मलेरिया नियंत्रण के लिए अंतर्विभागीय कार्यशाला आयोजित || समय सीमा वाले प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित || वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला || ललिता बाई का सहारा बनी ‘‘संबल‘‘ योजना "सफलता की कहानी" || ‘‘मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना‘‘ 1 जुलाई से होगी लागू || क्रीड़ा परिसर खालवा में प्रवेश के लिए आवेदन 21 जून तक जमा करायें
अन्य ख़बरें
दो वर्ष से अधिक लम्बित राजस्व प्रकरणों का निराकरण बिना देरी के करें –श्री एमबी ओझा
बिना तैयारी के बैठक में न आयें, अन्यथा कार्यवाही होगी, पट्टों के वितरण में गरीबों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचायें – श्री संकेत भोंडवे, संभागायुक्त व कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक की
उज्जैन | 13-जनवरी-2018
 
  
   शनिवार को संभागायुक्त श्री एमबी ओझा व कलेक्टर उज्जैन श्री संकेत भोंडवे ने सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री वसन्त कुर्रे, एडीएम श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी तथा सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
   बैठक में लम्बित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त श्री एमबी ओझा ने निर्देश दिये कि दो वर्ष से अधिक लम्बित प्रकरणों का निराकरण बिना देरी के अनिवार्यत: किया जाये। उज्जैन जिले की तहसीलों में कितने सर्कल हैं, कितने एसएलआर, एएसएलआर और कितने सशक्त हैं, इसकी जानकारी संभागायुक्त ने मौजूद अधिकारियों से ली, साथ ही संभाग में डिफाल्टर के बारे में अधीनस्थ अधिकारियों से पूछा। विगत दो से पांच वर्ष की अवधि में अपील के जितने भी प्रकरण लम्बित हैं, उनका निराकरण समाचार-पत्रों में विज्ञप्ति जारी कर तुरन्त करने के निर्देश दिये। जिन प्रकरणों में न्यायालय से स्टे ऑर्डर प्राप्त है, उस आदेश को गंभीरतापूर्वक पढ़कर समझने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। बी-121 के लम्बित प्रकरणों का निराकरण भी शीघ्रता से करने के लिये कहा गया।
   संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि अगली बार से समय-समय पर होने वाली राजस्व मामलों समीक्षा बैठक में जिन विषयों पर चर्चा की जाना है, उनकी समग्र जानकारी और सम्पूर्ण तैयारी के बिना बैठक में न आयें, अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करने और पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये। साथ ही निराकृत प्रकरणों को आरसीएमएस में अपलोड करने के लिये कहा। नामांतरण पंजी को शत-प्रतिशत जमा करवाने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदा फसल हानि के प्रकरणों में राहत राशि का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
   बैठक में नजूल पट्टों के नवीनीकरण, भूअर्जन मामले, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने एल-3 और एल-4 स्तर की शिकायतों का शीघ्र निराकरण कर उसे निरंक किये जाने के निर्देश दिये।
   ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पट्टों को बनाने और उनके वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि जिस क्षेत्र में नई आबादी की घोषणा हो, वहां पट्टों के वितरण में गरीबों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाया जाये, क्योंकि आपके एक हस्ताक्षर से गरीबों के सिर पर छत आ सकती है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि आगामी 20 जनवरी तक पट्टे निर्माण का कार्य समाप्त हो जाना चाहिये, उसके बाद पट्टे वितरण का कार्य शुरू किया जाये। पट्टों के पंजीयन हेतु विधिवत रजिस्टर बनवाये जायें, जिनमें उज्जैन जिले का प्रारूप प्रकाशित किया जाये।
   ऋण पुस्तिका वितरण की समीक्षा करते हुए जिन तहसीलों में पुस्तिका वितरण कार्य शत-प्रतिशत नहीं हुआ है, उसकी जानकारी अधिकारियों से ली गई। कलेक्टर ने गोल खाते वालों को नियमानुसार ऋण पुस्तिका प्रदाय करने के निर्देश दिये, ताकि उन्हें भविष्य में केसीसी मिल सके तथा सुविधापूर्वक ऋण प्राप्त हों। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदार को यह सुनिश्चित करने के लिये कहा कि ऋण पुस्तिका को मास्टर रिकार्ड बनाया जाये। आगामी 23 जनवरी तक ऋण पुस्तिका का शत-प्रतिशत वितरण कर प्रमाण-पत्र लेने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये और ऋण पुस्तिका सीएलआरएमआईएस पर अपलोड करने के लिये कहा गया।
   सीएम हेल्पलाइन के अन्तर्गत प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसकी रोज मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये। सीमांकन के प्रकरणों के जीएडी में लम्बित रहने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और इनका शीघ्र निपटारा करने के लिये कहा। जनसुनवाई और समाधान ऑनलाइन की शिकायतें और उनके निराकरण के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी के साथ अपडेट रहने के निर्देश भी सभी सम्बन्धित कार्यालय प्रमुख को दिये गये, जिसकी समीक्षा आगामी टीएल बैठक में की जायेगी। लोक सेवा केन्द्र पर विशेष अभियान के अन्तर्गत जाति प्रमाण-पत्रों को शत-प्रतिशत वितरित करने को कहा। ऐसी शिकायतें जो 300 दिवस से अधिक समय से लम्बित हैं, उनका निराकरण तत्काल करने के निर्देश दिये।
    सीमांकन के तहत उज्जैन में 88 प्रकरणों के लम्बित होने पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। जिन अधिकारियों द्वारा इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, उनकी वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। डायवर्शन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि घट्टिया और नागदा में इसके अन्तर्गत स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां पर डायवर्शन सम्बन्धी मामलों के निराकरण में और सुधार करने की आवश्यकता है। निरीक्षण दलों को भेजकर तथा विशेष अभियान चलाकर मामलों का निराकरण किया जाये। अवैध डायवर्शन के प्रकरणों की वसूली की समीक्षा के दौरान बड़नगर में हुए अच्छे कार्य की कलेक्टर ने प्रशंसा की। अन्य तहसीलों में भी इसे गंभीरता से करने के निर्देश दिये। असेसमेंट रिकवरी के प्रकरणों के वसूली में और तेजी लाने को कहा। डायवर्शन प्रकरणों के समाधान के लिये समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिये।
    कलेक्टर ने फसल गिरदावरी की समीक्षा के दौरान कहा कि आगामी 26 जनवरी तक मोबाइल एप से गिरदावरी की जानकारी शत-प्रतिशत अपलोड की जाये। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिस क्षेत्र में चने की रकबे में बढ़ौत्री हुई है, वहां के हलके की जानकारी सही स्वरूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। किसी भी किसान के क्रॉपिंग पैटर्न में यदि रकबा बदलता है तो उसकी जानकारी तुरन्त कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा, ताकि फसल बीमा योजना से कोई भी वंचित न रह सके। बोवनी प्रमाण-पत्र का शत-प्रतिशत वितरण कराने के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये। आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि अविवादित नामांतरण की नई प्रक्रिया के अन्तर्गत सचिवों और जीआरएस की ट्रेनिंग आयोजित की जाये। नगर निगम के माध्यम से आगामी 26 जनवरी से पहले प्रधानमंत्री आवास के अन्तर्गत दो से तीन हजार पट्टों का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाने की योजना पर विचार-विमर्श किया गया।
    नामांतरण पंजी के जमा होने की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिये कि ऐसा कोई क्षेत्र जहां कि नामांतरण पंजी किसी वर्ष में नहीं आ पाई है, उसे तुरन्त जमा करवायें। यह कार्यवाही अगले मंगलवार तक आवश्यक रूप से कर ली जाये।                 
(156 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer