समाचार
|| बकाया बिजली बिल माफी से गरीब उपभोक्ताओं को मिला आर्थिक संबल "सफलता की कहानी" || जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आज || तीन व्यक्तियों को उपचार हेतु राशि स्वीकृत || विधानसभा निर्वाचन स्टेडिंग कमेटी की बैठक संपन्न || शासकीय धन का प्रवक्षण करने वालें के जेल सुपुर्द बारंट जारी || रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की 18 अगस्त को 5 केन्द्रों पर परीक्षा || विधानसभा निर्वाचन के लिए जिला स्तरीय स्टेडिंग कमेटी गठित || शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग करे सम्पूर्ण समाज || किशोरी बालिका योजना एक दिवसीय उन्मुखीकरण || भू-राजस्व (संशोधन) अधिनियम 25 सितम्बर से होगा प्रभावशील
अन्य ख़बरें
बाजार मांग अनुसार फसल लेते हैं हुकुमसिंह (सफलता की कहानी)
पटेल कृषि फार्म के मार्के से बिक रहा है “एप्पल बेर”, 15 लाख रुपये बीधा की आमदनी हुई
उज्जैन | 06-फरवरी-2018
 
   
   उज्जैन जिले के किसान खेती को लाभ का धंधा बना रहे हैं। वे नई तकनीक और नई वेरायटी लगाकर कम जमीन में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। इसी तरह के एक कृषक हैं, उज्जैन जिले के माकड़ोन टप्पे के ग्राम भगवतपुरा के कृषक, हुकुमसिंह पटेल। इन्होंने ढाई बीघा में "एप्पल बेर" लगाया और फसल के इस सीजन में 1.5 लाख रु. बीघा मुनाफा कमा रहे हैं।
   हमेशा नई तकनीक को आजमा कर आगे बढ़ने वाले कृषक हुकुमसिंह पटेल की 200 बीघा जमीन है। परम्परागत सोयाबीन और गेहूँ-चने की फसल के अलावा इन्होंने पिछली बार ढाई बीघा में एप्पल बेर की वैरायटी लगाई। थाईलैण्ड की इस वैरायटी में बेर को एप्पल का आकार व स्वाद मिलता है। इस बार बेर की फसल पर बहार आने पर उन्होंने अनूठे स्वाद वाले इस बेर की पैकेजिंग करने व ब्राण्ड नाम से बेचने का निर्णय लिया। बेर इन्दौर और भोपाल की मण्डियों में जाने लगे। अच्छे स्वाद के कारण "पटेल कृषि फार्म" के बेर धीरे-धीरे लोकप्रिय होने लगे। अब स्थिति यह है कि जैसे ही मण्डियों में बेर की गाड़ी पहुँचती है तो वह हाथों हाथ बिक जाती है।
   कृषक हुकुमसिंह पटेल बताते हैं कि उनके बेर बाजार में 35 से 40 रु. किलो बिक रहे हैं। वे कहते हैं कि उन्होंने बहुत ही कम रासायनिक खाद का प्रयोग किया है। बायो फर्टिलाइजर एवं कीटनाशकों का उपयोग करते हुए उन्होंने बहुत ही अच्छी वैरायटी के बेर का उत्पादन किया है। श्री पटेल ने कहा कि उन्होंने कृषि में नए प्रयोग जारी रखते हुए 07 बीघा में कागजी नीबू लगाए हैं और 05 बीघा में सीताफल लगाए हैं। श्री पटेल का मानना है कि किसान चाहे तो बिना किसी सबसिडी के अपनी आय बढ़ा सकता है। सवाल सिर्फ बाजार की मांग के अनुरुप विविध फसलें लगाने का है।  
(192 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2018सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer