समाचार
|| फसल बीमा के लंबित प्रकरणों का करें शीघ्र निराकरण - कलेक्टर || विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त || जिला स्तरीय दल का गठन || कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें || किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में निविदा आमंत्रित || जुलाई से अक्टूबर तक होंगी जनजातीय विद्यालयों की खेल प्रतियोगिताएँ || 6 वर्ष से 18 वर्ष तक के बालक/बालिकाओं की बहादुरी के करनामों की दे जानकारी || एनसीटीई के पाठ्यक्रमों के लिये इस वर्ष एम.पी. ऑनलाइन से होगा प्रवेश || मध्यप्रदेश आनंद विवाह रजिस्ट्रीकरण नियम-2018 प्रकाशित || प्रधानमंत्री फसल बीमा करवाना ऋणी कृषकों के लिए अनिवार्य
अन्य ख़बरें
डूब अप्रभावित एक-एक किसान को पट्टा दिये जाने तक प्रक्रिया जारी रहेगी - गणेश सिंह
-
सतना | 11-मार्च-2018
 
   
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा टोन्स बराज के बांध की ऊंचाई दो मीटर कम किये जाने के फलस्वरूप डूब से प्रभावित रही काश्तकारो की जमीन वापस करने संबंधी की गई घोषणा को रविवार के दिन ग्राम गढवा खुर्द में मूर्तरूप दिया गया। रामपुर बघेलान विकासखण्ड के ग्राम गढवा खुर्द में सांसद गणेश सिंह ने टोन्स बराज के डूब क्षेत्र से अप्रभावित 4 गॉवो के 118 किसानो को भू-अधिकार पत्र और ऋण पुस्तिकाए वितरित की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुधा सिंह, अपर कलेक्टर जे.पी.धुर्वे, एस.डी.एम. कमलेश पुरी, जिला पंचायत के वन समिति के सभापति उमेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत सदस्य प्रियंका तिवारी, सतेन्द्र सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुंजल सिंह, शमशेर सिंह भी उपस्थित रहे।
    टोन्स बकिया बराज का भू-अर्जन सन 1982 में किया गया था। स्थानीय ग्रामीणो और किसानो की मांग पर बांध की ऊंचाई 282 मीटर से कम करके 280 मीटर कर दी गई थी। जिसके फलस्वरूप 44 गॉवो की लगभग 825 हेक्टेयर भूमि डूब अप्रभावित रह जाने से किसानो की बहुप्रतिक्षित अनवरत मांग को मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूरी करते हुये घोषणा की थी कि बांध की ऊंचाई कम किये जाने के फलस्वरूप डूब से अप्रभावित रही जमीन उनके वास्तविक काश्तकारो को वापस कर दी जायेगी। लम्बी प्रक्रिया के बाद रविवार को वह मौका भी आया जब सांसद गणेश सिंह ने प्रतीक स्वरूप अकौना के 5, भटिगवां के 4 और बरदाडीह के 3 किसानो सहित कुल 12 किसानो को भू-अधिकार और ऋण पुस्तिकाए वितरित की। इन किसानो द्वारा तत्कालीन रूप से प्राप्त मुआवजे की राशि के रूप मे भूमि की प्रतिकर राशि जमा कर दी गई है। इसके साथ ही प्रथम चरण मे अकौना के 38, भटिगवां के 12, बरदाडीह के 21, गोरईया के 40 और कोरिगवां के 7 किसानो सहित कु 118 किसानो की भू-अधिकार पत्र और ऋण पुस्तिकाए तैयार कर ली गई है। इन किसानो द्वारा लौटाई जा रही भूमि की प्रतिकर राशि अथवा इसके अदा करने का वचन पत्र प्रस्तुत किये जाने के बाद इन्हे भू-अधिकार पुस्तिका प्रदान कर दी जायेगी।
    टोन्स बराज मे अप्रभावित किसानो के भू-अधिकार ऋण पुस्तिका वितरण समारोह को संबोधित करते हुये सांसद गणेश सिंह ने कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के साथ ही प्रदेश के लिये भी ऐतिहासिक दिन है कोई कल्पना भी नही कर सकता कि सरकार के प्रोजेक्ट मे अधिग्रहीत की गई कोई जमीन उसे वापस भी मिल सकती है। उन्होने कहा कि बांध भरने पर एक बडा हिस्सा डूब से अप्रभावित रह गया था। वह जमीन उन किसानो के कब्जे मे तो थी लेकिन उनका मालिकाना हक नही था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खोहर और गढवा खुर्द के भ्रमण के दौरान यह घोषणा कि थी कि टमस बराज के 44 गॉवो के डूब से बची जमीन किसानो को लौटा दी जायेगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के अनुसार सन 2012 मे मंत्रीमण्डल की कैबिनेट ने निर्णय लेकर कार्यवाही शुरू की और काफी लंबी प्रक्रिया के बाद आज वह जमीन वास्तविक हकदारो को अधिकारिक रूप से प्रदान की जा रही है। उन्होने बताया कि सभी 44 प्रभावित गॉवो को लगभग 825 हेक्टेयर भूमि संबंधित किसानो को लौटा दी जायेगी। एक-एक किसान को उसकी जमीन वापस होने तक यह प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी। उन्होने कहा कि जमीन वापसी मे सन 1982 के दौरान प्राप्त किया गया मुआवजा प्रतिकर के रूप मे वापस करना होगा। जो लगभग 4 से 5 करोड रूपये होता है। सांसद ने कहा कि अभी तक 12 किसानो ने यह राशि लौटाकर भू-अधिकार पत्र और ऋण पुस्तिकाए प्राप्त कर ली है। जबकि अकौना भटिगवां बरदाडीह कोरिगवा गोरईया के 118 किसानो की ऋण पुस्तिकाए तैयार है। जिसे प्रतिकर की राशि जमा करने या वापस करने का वचन पत्र देने पर भू-अधिकार पत्र प्रदान कर दिये जायेगें। उन्होने कहा कि प्र्रतिकर के रूप मे लौटाई जाने वाली राशि आज की स्थिति में अत्यंत अल्प है सभी प्रभावित किसान इस राशि को जमा कर अपनी जमीन का मालिकाना हक अधिकारिक रूप से प्राप्त करे। उन्होने बताया कि अभी तक 9 गॉवो का डी-नोटिफिकेशन हो चुका है और सभी 44 गॉवो मे संबंधित किसानो को उनकी भूमि का पट्टा दिया जायेगा। उन्होने राजस्व अधिकारियो और टोन्स हाईडल प्रोजेक्ट के अधिकारियो से कहा कि जमीन वापसी की प्रक्रिया तेज कर समय सीमा निर्धारित करें ताकि बरसात के पहले-पहले सभी किसानो को पट्टे वितरित किये जा सके। सांसद श्री सिंह ने जिला कलेक्टर अपर कलेक्टर और एस.डी.एम. को जमीन वापसी कार्य मे तेजी के साथ कार्यवाही करने पर साधुवाद भी दिया। उन्होने कहा कि अगला भू-अधिकार पत्र वितरण समारोह ग्राम खोहर मे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति मे आयोजित होगा।
    सांसद गणेश सिंह ने बरदाडीह के राजमणि सिंह को पहला भू-अधिकार पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही बरदाडीह के ही महेश सिंह, लालमणि सिंह, मंगलदीन सिंह, भटिगवां के महावीर प्रसाद, तुलसीदास वगैरह, रामाधार और अकौना के मंगलदीन मल्लाह, अवधेश प्रताप सिंह, शमशेर सिंह, पुष्पराज सिंह और वीर सिंह वगैरह को भू-अधिकार पत्र ऋण पुस्तिकाए प्रदान की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि 4 गॉवो का भू-अधिकार पत्र आज बांट रहे है तथा 6 ग्रामो का भू-अधिकार पत्र बनाने की कार्यवाही प्रक्रिया मे है। उन्होने कहा कि 28 साल बाद 4 गॉवो के लोगो को जमीन वापसी की खुशी देखते ही बन रही है। खोहर ग्राम में पुनः सभी आवश्यक सुविधाये विकसित की जायेगी और प्राचीन शिव मंदिर के पुनरोद्धार के प्रयास भी किये जायेगें।
(106 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer