समाचार
|| पशुधन संजीवनी हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर ‘‘1962’’ प्रारंभ || उड़द उपार्जन के लिए पंजीकृत कृषकों के उत्पाद का होगा भौतिक सत्यापन || सुपर-100 चयन परीक्षा एक जुलाई रविवार को || मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में विलय || किसान हित में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपनी हड़ताल वापस लें || राष्ट्रीय कृषि-मनरेगा समिति जुलाई माह तक प्रस्तुत करेगी कार्य-योजना || मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करें- कलेक्टर || वीरांगना रानी दुर्गावती को श्रृद्धासुमन अर्पित करने 24 जून को समाधि स्थल आयेंगे मुख्यमंत्री || स्कूलों के विद्यार्थियों की दक्षता आकलन के लिये बेसलाइन टेस्ट 25 जून से || सुपर-100 चयन परीक्षा एक जुलाई रविवार को
अन्य ख़बरें
भारतीय संस्कृति के संरक्षक थे सम्राट विक्रमादित्य
राज्यपाल श्रीमती पटेल द्वारा विक्रमोत्सव का शुभारंभ
अनुपपुर | 13-मार्च-2018
 
      राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गत दिवस उज्जैन में विक्रम अमृत महोत्सव का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के संरक्षण में भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत साहित्य का विकास हुआ। कालीदास जैसे महाकवि और ज्योतिषाचार्य वराहमिहिर विक्रमादित्य दरबार के अभिन्न अंग थे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ स्वराज संस्थान संचालनालय और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आयोजन समिति अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. मोहन यादव, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव और शोध संस्थान के निदेशक डॉ. भगवती लाल राजपुरोहित भी मौजूद थे।
    राज्यपाल ने कहा विक्रमादित्य ने बुद्धि और पराक्रम से अपनी अमिट पहचान बनाई। उनकी न्यायप्रियता का बोध कराने वाली बेताल पच्चीसी और सिंहासन बत्तीसी आज भी लोक प्रिय और प्रेरणास्पद हैं। इन्हें राष्ट्रीय चेनल पर प्रसारित किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि पिछले 2 हजार सालों से भारत की सांस्कृतिक पहचान विक्रम संवत के साथ जुड़ी है। सारे मांगलिक काम भारतीय पचांग के अनुसार ही किये जाते हैं।
    राज्यपाल ने सात विधाओं में विक्रम अंलकरण पुरस्कार प्रदान किये। श्री भरत निजवानी को शौर्य अंलकरण, डॉ. मनोहर सिंह राणावत को पुरातत्व, श्री विशाल सिंधे को शास्त्रीय वादन, प्राचार्य प्रो. जोगेश्वर  प्रसाद चौरसिया को आयुर्वेद, डॉ. योगेश देवले को शास्त्री गायन, डॉ. प्रियंका वैद्य अष्टपुत्रे को शास्त्रीय नृत्य विधा और अभिभाषक पं. राजेश जोशी को विधिक क्षेत्र में विक्रम अलंकरण प्रदाय किया गया। इन्हें पुरस्कार स्वरूप 11 हजार रूपये और प्रशस्ति-पत्र दिया जायेगा। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने तिथि आधारित केलेण्डर का विमोचन भी किया।
 
(100 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2018जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
28293031123
45678910
11121314151617
18192021222324
2526272829301
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer