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पर्यावरण, जल संरक्षण एवं पत्रकारिता की बारीकियों को लेकर मीडिया संवाद कार्यशाला सम्पन्न
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शाजापुर | 13-मार्च-2018
 
   
 
   मध्यप्रदेश जनसंपर्क संचालनालय के निर्देश पर शाजापुर जिला मुख्यालय के मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय राजरतन होटल में किया गया। मीडिया संवाद में पर्यावरण, जलसंरक्षण एवं पत्रकारिता की बारीकियों पर चर्चा हुई। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की वरीष्ठ प्राध्यापक सुश्री सोनाली नरगुन्दे, पर्यावरण डाईजेस्ट पत्रिका के प्रबंध संपादक डॉ. खुशहाल सिंह पुरोहित, भू-जलविद् श्री सुनील चतुर्वेदी एवं दैनिक स्वतंत्र एलान समाचार पत्र के प्रबंध संपादक श्री रमेश टॉक मौजूद थे।
    कार्यशाला में सुश्री नरगुन्दे ने संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी हैं। पत्रकारों का काम समाज में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि केवल नकारात्मक समाचार को प्राथमिकता नहीं दें, बल्कि रचनात्मक, समाज के कल्याण एवं जागरूकता की खबरों को भी प्राथमिकता देना चाहिए। अन्धाधुन्ध शहरी करण से पर्यावरण संतुलन बिगड रहा है। इसे भी पत्रकारों को समाज के हित में दिखाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैट्रो शहरों में अब अखबारों का चलन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। नई पीढ़ी के पास समय ही नहीं है। इसलिए अब क्षेत्रीय पत्रकारिता बची है। उन्होंने सभी पत्रकारों को पर्यावरण एवं जलसंरक्षण के प्रति जगरूक होने और समाज में चेतना लाने के प्रयास करने की शपथ भी दिलाई।
    पर्यावरणविद् डॉ. खुशहाल सिंह पुरोहित ने पत्रकारों से कहा कि पत्रकारों का दायित्व है कि समाज में जागरूकता लाए और कमियों को उजागर करें। पत्रकारों को अंधविश्वास के विरोधी होकर वैज्ञानिक सोच रखना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने समाज द्वारा किस काम के लिए कितना पानी खर्च किया जाता है उसका ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पानी बनाया नही जा सकता यह प्रकृति की देन है पानी का सदुपयोग हो इसके लिए जागरूकता पैदा करने का काम पत्रकारों का है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक कला है। पत्रकार कल को आकार देने वाला व्यक्ति होता है, इसलिए वह साहित्यकार के साथ कलाकार भी है। उन्होंने पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
    दैनिक स्वतंत्र एलान समाचार पत्र के प्रबंध संपादक श्री रमेश टॉक ने संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार समाज के कल्याण की खबरें जन-जन तक पहुंचाते है। इसलिए समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों का दायित्व है कि वह आम आदमियों की समस्याओं को सामने लाए। समाचार पत्र दर्पण की तरह होता है। यह पीड़ितो के आसू पोछने के साथ ही उनकी बात शासन तक पहुंचाता है।
    कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों ने मॉ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन ईटीवी के प्रतिनिधि श्री सुनील हंचोरिया ने किया। उपस्थित अतिथियों एवं मीडिया के प्रतिनिधियों के प्रति सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्री अनिल कुमार चन्देलकर ने आभार व्यक्त किया।
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