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रतलाम के विजय गर्ग युवा उद्यमी योजना की मदद से बने सम्मान‍ित व्यवसायी, अब करेंगे शादी "सफलता की कहानी"
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रतलाम | 14-मार्च-2018
 
    रतलाम के नाहरपुरा कालोनी निवासी विजय गर्ग का जीवन संवर गया है। वे पान की गुमटी चलाते थे। छोटे से व्यवसाय एवं कम आमदनी के कारण शादी करने में झिझक रहे थे। उनको मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की मदद मिली, अब वे पेपर कप निर्माण इकाई स्थापित करके सम्मानित व्यवसायी बन गए हैं। अब वे शीघ्र शादी करने वाले हैं, क्योंकि वे अब 30 से 40 हजार रुपए प्रतिमाह की आमदनी अर्जित करने लगे हैं।
    विजय बी.काम उत्तीर्ण हैं। वे अपने पिता की पान की गुमटी पर बैठकर पिता का सहयोग करते थे। लगभग बेकारी की स्थिति थी। घर वालों के दबाव के बावजूद अपनी बेरोजगारी की वजह से शादी को तैयार नहीं होते थे। वर्ष 2016 में उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की जानकारी मिली। जिला उद्योग केन्द्र रतलाम पहुंचकर पेपर कप निर्माण इकाई स्थापित करने हेतु आवेदन किया। पेपर कप की चाय की होटलों तथा शादी ब्याह के अवसरों पर बहुत मांग होती है। लोग डेली लाइफ में भी घर में चाय, पानी, दूध या अन्य पेय पदार्थ लेने के लिए पेपर कप का इस्तेमाल करते हैं। इस व्यवसाय में संभावना को जानकर विजय ने 20 लाख रुपए का प्रोजेक्ट जिला उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत किया। दो से तीन महीने की कार्यवाही के पश्चात उन्हें सितम्बर 2016 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से 20 लाख रुपए का फायनेंस मिला।  पुश्तैनी भूमि नाहरपुरा में उन्होंने पेपर कप निर्माण इकाई स्थापित की। करीब साढ़े सोलह लाख रुपए की मशीनें मंगवाई गई, शेष राशि रा-मटेरियल तथा अन्य कार्यों में व्यय हुई।
    अब विजय मेनहत और लगन के साथ अपनी मशीनों पर पेपर कप निर्माण करके अच्छी मार्केटिंग के जरिये प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपए की कमाई कर रहे हैं। उनकी यूनिट में करीब 60 हजार कप निर्माण प्रतिदिन किया जाता है। इसके साथ ही वे दो अन्य बेरोजगारों को 300-300 रुपए प्रतिदिन के मजदूरी पर रोजगार दे रहे हैं। विजय ने अपनी निर्माण यूनिट अक्टूबर 2016 में शुरू की है। आज बाजार में उनके उत्पाद की अच्छी साख जम चुकी है। कभी फुर्सत में रहने वाले विजय को आज एक पल की भी फुर्सत नहीं है। विजय गर्ग का मोबाईल नं. 9827316960 है।
 
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