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शहडोल जिले में धारा 144 प्रभावशील
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शहडोल | 08-अप्रैल-2018
 
    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नरेश पाल द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये सम्पूर्ण शहडोल जिले में प्रतिबंधात्मक निशोधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किये हैं। यह आदेश 8 अप्रैल 2018 अपरान्ह से 7 जून 2018 की रात्रि 12 बजे तक प्रभावशील रहेगा। शहडोल जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 प्रभावशील होने से शहडोल जिले में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर आग्नेयास्त्र लेकर नहीं चलेगा, कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से खतरनाक हथियार अथवा पदार्थ लेकर नहीं चलेगा, कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थल पर पटाखों का उपयोग नहीं करेगा, कोई जुलूस-रैली अथवा आमसभा सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना आयोजित नहीं की जा सकेगी। जिले में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं करेगा, जिले में उपरोक्त अवधि में सोडा वाटर व कांच की बोतलें, ईंटो के टुकड़े, पत्थर एवं एसिड का संग्रहण एवं साथ लेकर चलना वर्जित रहेगा। यह आदेश मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर पुलिस अधिकारी, कर्मचारी ड्यूटी पर अन्य लोक सेवक ड्यूटी पर अन्य व्यक्ति जिनको कलेक्टर द्वारा अधिकृत प्राधिकारी द्वारा अनुमति पत्र दिया गया हो लागू नहीं होगा। कलेक्टर ने जारी आदेश में कहा है कि 02 अप्रैल 2018 को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के संगठनों द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के विरोध में बंद का आव्हान किया गया था। समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया से बंद के आव्हान के दौरान कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई हैं। हिंसक घटना के दौरान जानमाल की हानि होने की पुष्टि भी हुई है। साथ ही भविष्य में अन्य वर्ग के संगठनों के द्वारा बंद के आव्हान के समाचार भी सोशल मीडिया, समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित किये जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसे आंदोलनों के दौरान हिंसक घटनाओं की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस बात की सूचना है कि बंद, आंदोलनों के दौरान अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक सामग्रियों का उपयोग भी बाधा डालने तथा आम जन को भयभीत करने हेतु किया जा सकता है एवं वातावरण अशांत हो सकता है। अतएव लोक परिशांति एवं शांति तथा कानून व्यवस्था बनाये रखना आवश्यक हो गया है। उपरोक्त कारणों के आधार पर मैं पूर्णतया संतुष्ट हूं कि ऐसे आंदोलनों, कार्यक्रमों के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये तत्काल कार्यवाही आवश्यक है, जिससे जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हो सके। यह आदेश सर्व साधारण को संबोधित है और क्योंकि वर्तमान आपात परिस्थितियों में सूचना की तामीली सम्यक समय में करना एवं उनकी सुनवाई करना संभव नहीं है। अतः यह आदेश उक्त संहिता की धारा 144 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।

(105 days ago)
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