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अगर जल संरक्षण के उपाय नहीं किए तो खेती और जनजीवन संकट में पड़ जाएगा -विधायक श्री शाक्य
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गुना | 16-अप्रैल-2018
 
  
   अगर जल्द जल संरक्षण के गंभीरता से समुचित उपाय नहीं किए गए, तो खेती समेत जन जीवन संकट में पड़ जाएगा। यह बात क्षेत्रीय विधायक श्री पन्नालाल शाक्य ने कही। आप आज यहां आयोजित हुए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना किसान सम्मेलन एवं उत्पादकता प्रोत्साहन राशि प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता चांचौड़ा विधायक श्रीमती ममता मीना ने की।
   श्री शाक्य ने पानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में पानी का बहुत महत्व है। राज्य सरकार तालाब, स्टाप डैम, वाटर शैड जैसी जल संरचनाओं के लिए पैसा दे रही है। लेकिन हमारा भी दायित्व है कि हम इन जल संरचनाओं में बरसात के पानी को रोकने के लिए आगे आएं और गंभीरता से जल संरक्षण के उपाय करें।
   श्री शाक्य ने कहा कि अगर पानी का संरक्षण गंभीरता से नहीं हुआ, तो आने वाले समय में खेती-बाड़ी सब पर संकट आ जाएगा। उन्होंने कहा कि ना तो पानी की फैक्ट्री है और ना ही पानी को बनाया जा सकता है। इसलिए हम सबका आकर्षण पानी बचाने के प्रति होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुना विधानसभा क्षेत्र में 40 तालाबों के निर्माण के लिए पैसा दिया गया है। किसान और ग्रामवासी देखें कि ये तालाब बन जाएं। श्री शाक्य ने ग्रामवासियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में जो तालाब एवं स्टाप डेम बने हैं, कोई उन्हें फोड़े नहीं, बल्कि उनका संरक्षण किया जाए। अगर पानी बचा तो हमारे सारे कार्य होते रहेंगे।
   श्री शाक्य ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी सरकार है, जिसने किसानों के हित के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में गेहूँ उपार्जन पर उत्पादकता प्रोत्साहन राशि किसानों के खातों में जमा कराई जा चुकी है। श्री शाक्य ने किसानों के खातों में जमा कराई गई उत्पादकता प्रोत्साहन राशि के किसानों को प्रमाण-पत्र भी बांटे। कार्यक्रम को कलेक्टर श्री राजेश जैन एवं श्री राधेश्याम पारिक ने भी संबोधित किया।
   समारोह में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में 78122.71 मे.टन गेहूँ उपार्जन करने पर 200 रूपये प्रति क्विंटल के मान से 6618 किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़ 62 लाख 45 हजार 420 रूपये की उत्पादकता प्रोत्साहन राशि के प्रमाण-पत्र बांटे गए।  समारोह में उपसंचालक कृषि श्री तोमर ने बताया कि रबी 2017-18 में 55684 किसानों ने चना में, 2386 किसानों ने सरसों में, 1174 किसानों ने मसूर में कुल 59244 कृषकों ने पंजीयन कराया, जिन्हें 100 रूपये प्रति क्विंटल के मान से उत्पादकता प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। जबकि लहसुन के 2341 पंजीकृत किसानों एवं प्याज के 1281 पंजीकृत किसानों को भावांतर योजना के तहत लाभांवित किया जाएगा।
(97 days ago)
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