समाचार
|| पेड न्‍यूज पर सतत निगरानी हेतु एससीएमसी समिति गठित || मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया || जिले में अब तक 732.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज || सार्थक परिणाम के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना तथा सतत मॉनीटरिंग जरूरी - कलेक्टर || कलेक्टर ने की समय सीमा वाले प्रकरणों की समीक्षा || सद्भावना दिवस पर दिलाई गई प्रतिज्ञा || लीला को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने दी सुन्दर मुस्कान (सफलता की कहानी) || मौसमी बीमारियो से सतर्क रहे || मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का लाभ लेने के लिये कक्षा 10वी उत्तीर्ण व्यक्ति कर सकते है आवेदन || जाति प्रमाण पत्र संबंधी 3 नवीन सेवाएं अब लोक सेवा केन्द्रों से मिलेंगी
अन्य ख़बरें
टॉवर चौक, तीन बत्ती चौराहा और चामुण्डा चौराहा की तीखी नोकझोंक ने दर्शकों का मनोरंजन किया
चौराहों ने नाटक के माध्यम से यातायात के नियमों का पालन करने की अपील की, सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन समारोह आयोजित, ऊर्जा मंत्री, केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद शामिल हुए
उज्जैन | 03-मई-2018
 
  
     विक्रम कीर्ति मन्दिर में गुरूवार को विगत 23 अप्रैल से शहर में यातायात पुलिस द्वारा आयोजित किये जा रहे 29वें सड़क सुरक्षा सप्ताह-2018 का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत, लोकसभा सांसद प्रो.चिन्तामणि मालवीय, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, विधायक डॉ.मोहन यादव, महिदपुर विधायक श्री बहादुरसिंह चौहान, तराना विधायक श्री अनिल फिरोजिया, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, एडीजीपी श्री व्ही.मधुकुमार, डीआईजी श्री रमणसिंह सिकरवार, संभागायुक्त श्री एमबी ओझा, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप जीआर, नगर निगम आयुक्त डॉ.विजय कुमार जे., श्री श्याम बंसल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
    समारोह में स्वागत भाषण एएसपी श्री अभिजीत रंजन द्वारा दिया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा सप्ताह का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस पूरे सप्ताह यातायात पुलिस द्वारा शहर के व्यस्ततम चौराहों पर पेम्पलेट और बैनर के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। लगभग 50 हजार पेम्पलेट यातायात पुलिस द्वारा वितरित किये गये। शहर के विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को यातायात सम्बन्धी सुरक्षा के बारे में बताया गया। सड़क सुरक्षा सप्ताह के अन्तर्गत विद्यार्थियों के बीच यातायात नियमों पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि उज्जैन पहला जिला है, जहां बॉडीवॉच कैमरे का प्रयोग करते हुए यातायात का नियंत्रण किया जा रहा है।
    इसके पश्चात यातायात पुलिस द्वारा दो लघु फिल्मों ''''रेड लाईट'''' और ''''निर्भया'''' का प्रदर्शन किया गया। सागर से आये युवा मंच द्वारा रोचक नाटक ''''हर चौराहा कुछ कहता है'''' की प्रस्तुति दी गई, जिसमें शहर के प्रमुख चौराहों टॉवर चौक, चामुण्डा चौराहा और तीनबत्ती चौराहा तथा भेरूनाला और खाकचौक के बीच हुई तीखी नोंकझोंक ने दर्शकों का मनोरंजन किया। नाटक के कलाकारों ने जनता से अपील की कि यातायात नियमों का हमेशा पालन करें। हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलायें तथा वन-वे के नियम का पालन करें।
    नाटक के मंचन के बाद मौजूद अतिथियों द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। सांसद प्रो.चिन्तामणि मालवीय ने अपने उद्बोधन में कहा कि पहली बार इस तरह का समापन समारोह आयोजित किया गया है, जिसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के अलावा आमजन ने भी बढ़चढ़कर सहभागिता की है। आम जनता के माध्यम से ही यातायात नियमों को सभी में प्रचारित किये जाने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि भारत में सबसे अधिक मौतें सड़क दुर्घटना से ही होती हैं और चिन्ता की बात यह है कि सड़क हादसों के शिकार सबसे अधिक युवावर्ग के लोग होते हैं। मध्य प्रदेश में पूरे देश में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की लगभग 10 प्रतिशत दुर्घटनाएं होती हैं। पहले दुर्घटनाएं गड्ढ़ों के कारण हुआ करती थी, लेकिन अब अच्छी सड़कों के कारण होती हैं। ऐसा इसलिये है क्योंकि अच्छी सड़कों पर लोग बेखौफ होकर तेज गति से वाहन चलाते हैं। ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने से ही ऐसी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। शहर में ऐसे पाइन्ट जहां बड़ी तादाद में दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें यातायात पुलिस द्वारा चिन्हित किया गया है और वहां सुरक्षा सम्बन्धी चेतावनी प्रदर्शित की गई है। शासन द्वारा इस ओर सतत प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
    सांसद ने कहा कि ड्रायविंग सिखाये जाने के लिये एक संगठित व्यवस्था बनाई जाना बेहद जरूरी है। इसके लिये विधिवत ड्रायविंग स्कूल खोले जाने चाहिये। जब तक अच्छे वाहन चालक नहीं होंगे, तब तक हम दुर्घटनाओं पर वांछित रोक नहीं लगा पायेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर यातायात पुलिस द्वारा काटे जाने वाले चालान डिजिटल होने चाहिये, ताकि इस व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जा सके। इसके अलावा यातायात पुलिस को चालान के साथ आम जनता में हेलमेट भी बांटने चाहिये, जिससे दोपहिया वाहनों को चलाने वालों में हेलमेट पहनने की आदत डल सके। सांसद ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के सफलतापूर्वक आयोजन के लिये अपनी ओर से पुलिस को शुभकामनाएं दीं।
    मंत्री श्री पारस जैन ने इस अवसर पर कहा कि विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान यातायात नियमों पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने से निश्चित रूप से यातायात के प्रति जागरूकता उत्पन्न होगी। मंत्री श्री जैन ने प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को अपनी ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिये पुलिस द्वारा रात में गश्त बढ़ाये जाने की जरूरत है। हमारी यातायात पुलिस ने सिंहस्थ में जो काम किया है, उसके लिये वे सभी बधाई के पात्र हैं। जनप्रतिनिधियों को भी यातायात के नियमों का पालन सख्ती से करना चाहिये, क्योंकि नियम सबके लिये एक जैसे होते हैं। इसके अलावा शहर में बिना रोकटोक घूमने वाली ट्रॉलियों और डम्पर पर भी रोक लगाये जाने की जरूरत है। कई बार छोटी गलतियों से बड़े हादसे हो जाते हैं, इसीलिये लोगों को धैर्यपूर्वक और सतर्कता बरतते हुए वाहन चलाने चाहिये।
    केन्द्रीय मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत ने कहा कि अच्छी सड़कों के कारण लोग अनियंत्रित गति से वाहन चलाते हैं। आम जनता में यातायात के नियमों का पालन करने के लिये दृढ़ सोच लाई जाना बहुत जरूरी है। सड़क दुर्घटनाओं में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है, जो कि चिन्ता का विषय है, इसलिये यातायात नियमों का पालन सभी को करना चाहिये। ऐसा नहीं है कि लोगों को यातायात के नियम मालूम नहीं हैं, लेकिन फिर भी वे इन्हें आयेदिन नजरअन्दाज करते हैं। सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिये लोगों में व्यवहारिक सोच का होना बेहद जरूरी है। जब तक लोगों में नियमों का पालन करने की आदत नहीं डाली जायेगी, तब तक सड़क दुर्घटनाएं कम नहीं होंगी। सड़क सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिये। लोगों को अपने व्यवहार में इसे अमल में लाना होगा। लोगों को वीआईपी कल्चर की धारणा को भी बदलने की जरूरत है, क्योंकि नियम हम सभी के लिये समान होते हैं। मंत्री श्री गेहलोत ने कहा कि उन्होंने स्वयं अपने पोते-पोती को बिना लायसेंस के गाड़ी कभी नहीं चलाने दी। वे स्वयं भी ड्रायविंग लायसेंस का नवीनीकरण नहीं होने के कारण वाहन नहीं चलाते हैं। जब हम सख्ती से नियमों का पालन करेंगे तब सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने की जरूरत ही नहीं रहेगी। सड़क सुरक्षा को जीवन सुरक्षा के रूप में देखना चाहिये। भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये कारगर प्रयास किये गये हैं। एक विधेयक भी संसद में शीघ्र ही पारित किया जायेगा। इस तरह के कार्यक्रम जारी रहने चाहिये और इसमें जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाना चाहिये। मंत्री श्री गेहलोत ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के अनूठे और सफल आयोजन पर पुलिस की प्रशंसा की।
    इसके पश्चात अतिथियों को स्मृति चिन्ह वितरित किये गये। आभार प्रदर्शन पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर द्वारा किया गया।
(109 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2018सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer