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घर बैठे किसानो को प्राप्त हो रही है उन्नत तकनीकी एवं योजनाओ की जानकारी
व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से किसान जुड़े वैज्ञानिको से
अनुपपुर | 02-जून-2018
 
  
   तकनीकी विकास का उन्नत परिणाम उसके प्रयोग पर आधारित होता है। अगर सही ढंग से और अच्छी सोच के साथ इस्तेमाल किया जाय तो छोटी सी सुविधा से भी बड़े कार्य किए जा सकते हैं। ऐसा ही प्रयास अनूपपुर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र अमरकंटक के द्वारा किया गया है। केवीके अमरकंटक के कृषि वैज्ञानिक श्री संदीप चौहान द्वारा व्हाट्स ग्रुप ( E Farmer KVK Amarkantak) बनाया गया है। इस ग्रुप मे कृषि वैज्ञानिक एवं कृषको को जोड़ा गया है। ग्रुप मे कृषको की आवश्यकतानुसार समन्वित कृषि प्रणाली, कृषि विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, धान की श्री पद्धति, समन्वित कीट-व्याधि प्रबंधन, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन तकनीक, बागवानी फसलो की उत्पादन तकनीक, धान्य फसलों की उत्पादन तकनीक, दलहनी फसलों की उत्पादन तकनीक, तिलहनी फसलों की उत्पादन तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन, बाजार भाव, कृषि वानिकी, मौसम आदि विषयों पर आधारित समस्याओं का निदान किया जा रहा है।
    ग्रुप मे जुड़े हुए ग्राम पंचायत देवहरा के कृषक श्री राजेश मिश्रा ने सीधे धान बोने के संबंध मे जानकारी मांगी जिसका कुछ ही समय मे निराकरण कर दिया गया। कृषि वैज्ञानिको द्वारा श्री मिश्रा को धान की नवीन पद्धति श्री के बारे मे जानकारी दी गयी। इसी के साथ ही अनूपपुर के कृषक श्री संजय द्वारा बैगन की फसल मे कीड़ों की समस्या के बारे मे पूछा गया उनकी समस्या का समाधान भी त्वरित दे दिया गया, श्री संजय को इमामेकेटिन बेंजोएट (5 प्रतिशत एसजी) 80 से 100 ग्राम दवा की मात्रा को 200 लीटर पानी मे घोल कर एक एकड़ क्षेत्र मे 15 दिन के अंतराल पर 2 बार छिड़काव करने के लिए कहा गया। एक अन्य कृषक श्री रामकुमार ने धान की बालियो मे फफूंद लगकर काले होने की समस्या बताई, जिस पर आपको नए बीज का उपयोग कर, कार्बोसिन एवं थायरम की 3 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से उपचारित कर बोवाई करने की सलाह दी गयी।
    इस ग्रुप मे जुड़े हुए किसानो को एक अन्य लाभ यह है कि अन्य किसान भाइयो की समस्याओं के समाधान को पढ़कर वह पहले से ही सचेत हो सकते हैं। साथ ही इस ग्रुप मे कृषि से संबन्धित शासन द्वारा क्रियान्वित योजनाओ की जानकारी एवं लाभ अर्जन के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
कैसे बने सदस्य
    इस ग्रुप के माध्यम से कृषि वैज्ञानिको से परामर्श प्राप्त करने के लिए कृषक बंधु मोबाइल नं. 9691241215 पर अपना नाम, पिता का नाम, व्हाट्सएप मो.न.,  विकासखंड, गाँव का नाम एवं फसल रुचि भेजकर इस ग्रुप के सदस्य बन सकते हैं।
    व्हाट्स ग्रुप (E Farmer KVK Amarkantak) मे वैज्ञानिक श्री सूर्यकांत नागरे (शस्य विज्ञान), श्री अनिल कुर्मी (फसल सुरक्षा), श्री योगेश कुमार (कृषि वानिकी), डॉ. अनीता ठाकुर (मृदा विज्ञान), श्री एस के राठोर (खाद्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी) एवं संदीप चौहान (कृषि प्रसार) द्वारा कृषको का मार्गदर्शन किया जा रहा है।
(20 days ago)
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