समाचार
|| राज्य मंत्री श्री पटैल द्वारा भवन एवं सड़कों के 26 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण || जिला योजना वर्ष 2018-19 तैयार करने हेतु उन्मुखीकरण सह कार्यशाला सम्पन्न || विधायक जयसिंहनगर की अनुशंसा पर 34 मंडलियों एवं समितियों को 2 लाख रूपये की राशि स्वीकृत || समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक सम्पन्न || जिले में 548 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड || सीएम हेल्प लाईन पोर्टल में दर्ज शिकायतों की मॉनीटरिंग के लिये समिति गठित || जारी हुए 1409 करोड़ की बकाया माफी के प्रमाण-पत्र जारी || लामता में विधायक श्री भगत ने श्रमिक कार्ड का किया वितरण || 27 जुलाई को आखेटपुर में लोक कल्याण शिविर का आयोजन || प्रदेश के 17 जिलों में सामान्य से अधिक, 30 में सामान्य वर्षा दर्ज
अन्य ख़बरें
स्वसहायता समूहों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में पेश की अनूठी मिशाल (कहानी सच्ची है)
-
शिवपुरी | 27-जून-2018
 
   शिवपुरी जिले में महिला स्वसहायता समूहों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनूठी मिशाल पेश की है। आज समूहों की महिलाएं स्वयं का स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदाय कर रही है। यह कार्य ग्रामीण अजीविका मिशन द्वारा स्वसहायता समूहों के कारण ही संभव हुआ है।
   शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील के ग्राम कमरौआ के जयभीम स्वसहायता समूह की जाटव समाज की 11 महिलाए, समूहों से जुड़ने से पहले गांव में खेतों पर मजदूरी करती थी, मजदूरी में मुश्किल से उन्हें 50 रूपए मजदूरी मिल पाती थी। लेकिन आज महिला स्वसहायता समूहों से जुड़ने से जहां महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है, वहीं उनके इस कार्य की सभी ओर सराहना हो रही है और उन्हें पूरा मान एवं सम्मान भी मिल रहा है। उनके इस कार्य के लिए पिछलें दिनों केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा दिल्ली में जयभीम समूह को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ समूह के रूप में एक लाख की पुरस्कार राशि सहित शील्ड, प्रशंसा पत्र प्रदाय कर समूह की महिलाओं को सम्मानित किया और उनके इस कार्य की सराहना की।
    कोलारस तहसील के ग्राम कमरौआ में अनुसूचित जाति जाटव समाज की 11 महिलाओं के स्वसहायता समूहों ने जहां स्वरोजगार प्राप्त किया है, वहीं आज वे अन्य लोगों को भी रोजगार देने की स्थिति में है। उन्होंने स्वसहायता समूहों के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया है कि अगर महिलाए ठान लें तो उनके लिए कोई काम कठिन नहीं है। यह सब कर दिखाया है, कमरौआ ग्राम की 11 महिलाओं के स्वसहायता समूह ने। स्वसहायता समूह की महिला सदस्य श्रीमती धाना जाटव ने बताया कि समूह से जुड़ने के पहले वह खेतों पर मेहनत-मजदूरी कर मुश्किल से 50 रूपए प्राप्त कर पाते थे।
   ग्रामीण आजीविका मिशन जिला समन्वयक डॉ.अरविंद भार्गव एवं अन्य अधिकारियों द्वारा महिलाओं का समूह गठित करने की सलाह दी। शुरू में गांव की ही 11 महिलाओं का समूह गठित कर 10-10 रूपए बचत कर एकत्रित राशि से शुरू में धाना जाटव ने एक बकरी खरीदी। इसके बाद समूह से 01 लाख 22 हजार का लेनदेन कर बकरियां खरीदी। आज समूह के माध्यम से वे 01 लाख 05 हजार रूपए की बकरी बेच चुकी है और 01 लाख की बकरियों अभी उनके पास है। आज उन्होंने समूह से 40 हजार का लोन लेकर एवं स्वयं के पास से 30 हजार थे इस प्रकार 70 हजार रूपए में दो कमरे भी बना लिए है।
   समूह की सदस्य श्रीमती सुमत्री जाटव ने भी समूह के माध्यम से 50 हजार की बकरियां खरीदी और गांव की महिलाओं को सिलाई का भी प्रशिक्षण दे रही है। समूह की सदस्य श्रीमती कुसमुल जाटव ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व राजा की मुढ़ेरी में उसकी शादी हुई थी। लेकिन गांव में कोई रोजगार का साधन न होने से वे अपने माँइके आकर समूह से जुड़ गई और समूह से 1 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेकर 40 बकरी एवं एक भैंस ली। आज वे समूह के माध्यम से 1 लाख 17 हजार का लेनदेन कर चुकी है। साथ ही बटाई पर टमाटर की भी फसल कर ही है। समूह की सदस्य श्रीमती ममता जाटव ने बताया कि उसके द्वारा भी 50 हजार का लेनदेन कर 20 हजार की राशि से भैंसपालन कर रोजगार मिला है।
    इसी प्रकार प्रेमा जाटव ने बकरी पालन हेतु और सम्पदा जाटव ने खेती एवं भैंस पालन हेतु 40 हजार रूपए का ऋण प्राप्त किया। समूह की सदस्य गिरजा जाटव ने बताया कि उसने समूह से 1 लाख रूपए का लेनदेन किया है जिसमें उसने टमाटर की फसल से 80 हजार का मुनाफा लिया है। समूह की सदस्य श्रीमती प्रेम बाई धनिराम ने एक लाख 65 हजार का लेनदेन कर बकरी पालन शुरू किया। जिससे 80 हजार रूपए की बकरियां बेची। समूह की सुनीता नाहर सिंह जाटव ने बताया कि उसने समूह से ऋण लेकर एक टेक्टर खरीद लिया है। जिससे किसानों को किराए पर टेक्टर भी दे रही है। समूह की सदस्य स्वरोजगार देने के साथ सामाजिक जागरूकता एवं सामाजिक कुरूतियां दूर करने के भी अलख जगा रही है। ग्रामीणों को समूह के माध्यम से शौचालय निर्माण कर उपयोग करने हेतु जागरूक किया जा रहा है, वहीं शासन की योजनाओं को भी ग्रामीण महिलाओं के बीच में जाकर जानकारी दे रही है। समूह की महिलाओं का कहना है कि उन्हें पुरस्कार की 01 लाख की राशि जो प्राप्त हुई हैं, उसका भी उपयोग महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण के रूप में उपयोग करेंगी। इस पुरस्कार के मिलने से जिले के साथ गांव का नाम रोशन हुआ है। और महिलाओं का मान एवं सम्मान बढ़ा है। समूह की महिलाओं द्वारा समूहों से जोड़ने हेतु श्योपुर एवं गुना में जाकर महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार से जुड़ने हेतु प्रशिक्षण भी दे चुकी है।
(26 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2018अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer