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जगजीवन राम इनोवेटिव कृषक सम्मान हेतु राजपाल का चयन "सफलता की कहानी" कहानी सच्‍ची है
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अशोकनगर | 10-जुलाई-2018
 
 
 
   भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रतिष्ठित (नव प्रवर्तक) जगजीवन राम इनोवेटिव कृषक सम्‍मान हेतु अशोकनगर के कृ‍षक श्री राजपाल सिंह नरवरिया का चयन हुआ है।
    कृषक श्री राजपाल सिंह नरवरिया अशोकनगर जिले के पिपरई तहसील के छोटे से ग्राम जमाखेड़ी के रहने वाले हैं। इन्‍होंने कक्षा 12 वीं  तक शिक्षा प्राप्त की है। वे छोटे कृषक की श्रेणी में आते हैं तथा खेती का कार्य भी स्वयं ही करते हैं। कृषि में कुछ हटकर कार्य करने की प्रवृत्ति के कारण ही उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
         श्री नरवरिया द्वारा ट्रैक्टर चलित कंबाइन हार्वेस्टर एवं व्हील स्प्रेयर मशीन का आविष्कार किया गया है। टैक्टर चलित कंबाइन हार्वेस्टर के निर्माण का विचार श्री नरवरिया के मन में जिले में नरवाई जलाने की स्थापित कुप्रथा के कारण एवं गांव में आग लग जाने की घटना के कारण आया। उन्‍होंने सोचा कि किसान के पास कम लागत, आसानी से उपलब्धता, थ्रेसर परिचालन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव तथा फसल अवशेषों से भूसे का निर्माण की जाने वाली कोई मशीन हो जिससे लोग नरवाई न जलावें एवं थ्रेसर दुर्घटनाओं से बच सकें। उन्‍होंने अपने विचारों से कृषि विज्ञान केन्द्र अशोकनगर को अवगत कराया एवं समय-समय पर सहयोग लेते हुए एक ट्रैक्टर चलित कंबाइन हार्वेस्टर का आविष्कार (विकसित) किया। जिसमें कटाई, गहाई, विनोविंग एवं स्ट्रारीपर की सुविधा बनाई गई। इस यूनिट को एक साथ भी प्रयोग कर सकते है तथा अलग-अलग यूनिट के रुप में भी कार्य किया जा सकता है। साथ ही कंबाइन हार्वेस्टर में चाप कटर (कुटी मशीन) की सुविधा भी उपलब्ध है। इसकी अनुमानित लागत तीन लाख रुपये है। फसल अवषों से निर्मित भूसे के एकत्रीकरण के सुविधा होने के कारण गेहूं की नरवाई जलाने को खत्म किया जा सकता है। एक हेक्टेयर में लगभग 2.5 घंटे का समय संपूर्ण कार्यो को करने में लगता है। जब इस मशीन की तुलना दूसरी मशीनों से करते हैं तो, इको फ्रेंडली थ्रेसर के परिचालन के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव, कम पी.ओ.एल. का उपयोग एवं भूसा बनाना एवं एकत्रित करना एवं कुटी मशीन का कार्य तथा इस मशीन का उपयोग कर फसल अवशेषों के जलाने में रोक लगाने में मदद मिलेगी।
    इसी प्रकार श्री कृषक श्री नरवरिया द्वारा कम लागत इको फ्रेंडली, सरलता से उपयोग किए जाने वाले व्हील स्प्रेयर मशीन का आविष्कार किया गया है। कृषकों के खेत में समान रुप से दवा न डाल पाना, अधिक श्रम या पावर स्प्रेयर की आवश्‍यकता महसूस होने से, दवा की अधिक मात्रा उपयोग के कारण कीड़ों में दवाओं में प्रति बढ़ रही प्रतिरोधक क्षमता को इस बिना फ्यूल से चलने वाले व्हील स्प्रेयर द्वारा कृषक सही दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही इस स्प्रेयर के माध्यम से बगीचों में भी दवा छिड़कने में आसानी होती है।
    कृषि विज्ञान केन्द्र, अशोकनगर के सतत् सम्पर्क में रहने के कारण प्रमुख फसलों की किस्मों के बीज भी गेहूं-एच.आई-8663, एम.पी.-1202 एवं 1203,चना-जाकी-92-18, एवं जे.जी.-16, तथा दलहन अनुसंधान केन्द्र कानपुर से विकसित मटर की किस्में प्रकाश एवं विकास को प्रदेश एवं देश के संस्थानों से लाकर अपने खेत में लगाना एवं अपने ग्राम एवं अन्य गांव के किसानों को उपलब्ध कराने का कार्य करने के साथ ही निजी बीजोत्पादक कंपनियों से भी कृषकों को जोड़ने का कार्य राजपाल सिंह जी के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही श्री नरवरिया को इसके पूर्व राष्ट्रीय नव प्रवर्तन प्रतिष्ठान भारत सरकार द्वारा राष्ट्रपति भवन में सांत्वना पुरुस्कार, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विष्वविद्यालय द्वारा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान, उत्कृष्ट नवाचार पुरुस्कार, राज्योत्सव प्रतिभा खोज एवं सृजन पुरुस्कार प्रदान किए गए हैं।
      उक्‍त दोनों आविष्कारों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा श्री नरवरिया के कार्य को राष्ट्रीय स्तर एवं राज्य स्तर पर पहचान दिलाने हेतु स्थानीय स्तर पर तकनीकि मार्गदर्शन दिया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र, अषोकनगर द्वारा दिसम्बर 2017 में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विष्वविद्यालय में कुलपति प्रो. एस.के. राव एवं निदेशक कृषि प्रौद्योगिकी अनुसंधान अनुप्रयोग संस्थान के माध्यम से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रतिष्ठित जगजीवन राम, नव प्रवर्तक कृषक (जोनल) हेतु प्रस्ताव भा.कृ.अ. परिषद को प्रेषित किया गया। जिसके आधार पर चयन समिति द्वारा श्री राजपाल का चयन प्रतिष्ठित पुरुस्कार के लिए किया गया है।
     आने वाले  समय में श्री नर‍वरिया अतिशीघ्र मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी के रुप में व्यवसाय स्थापित करेंगे। श्री नरवरिया के नवाचार से क्षेत्र में की गई असाधारण उपलब्धि निश्चित ही जिला सहित प्रदेश के सभी जिलों के कृषकों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
 
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