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आर.टी.ई. में 2 लाख 50 हजार बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में मिलेगा नि:शुल्क प्रवेश
स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने निकाली लॉटरी
शहडोल | 12-जुलाई-2018
 
    शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आर.टी.ई.) में गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के नि:शुल्क प्रवेश के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने भोपाल में एन.आई.सी. के सर्वर का बटन दबाकर ऑनलाईन लॉटरी का शुभारंभ किया। लॉटरी में दो लाख 50 हजार बच्चों को स्कूल आवंटित किये गये। इनमें से 2 लाख 5 हजार 843 बच्चों को उनके द्वारा चाहे गए प्रथम वरीयता (फर्स्ट च्वाइस) के स्कूलों में प्रवेश मिला। इसके साथ ही 24 हजार 600 को द्वितीय, 12 हजार 734 को तृतीय, 3 हजार 579 को चौथी, 1820 को पाँचवी और 865 को छठवीं, 430 को सातवी, 292 को ऑठवी, 166 को नौंवी तथा 91 बच्चों को उनके द्वारा चाही गई दसवीं वरीयता के स्कूलों में सीट्स आवंटित हुई हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष प्रदेश के 26 हजार से अधिक प्रायवेट स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में नि:शुल्क प्रवेश के लिये लगभग 2 लाख 94 हजार बच्चों ने प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जो कि विगत वर्ष की तुलना में लगभग 47 हजार से अधिक हैं। गत वर्ष 2 लाख 47 हजार बच्चों ने आवेदन किया था।
    शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में नि:शुल्क प्रवेश की इस प्रक्रिया में नर्सरी के लिये एक लाख 5 हजार 95, केजी-1 के लिये 80 हजार 895, केजी-2 के लिये 12 हजार 23 और कक्षा एक के लिये 52 हजार 415 बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं। इनमें से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवारो के एक लाख 83 हजार 8, अनुसूचित जाति के 48 हजार 436, अनुसूचित जनजाति के 15 हजार 440 तथा 175 दिव्यांग, 67 अनाथ, विमुक्त जाति के 298, एचआईवी प्रभावित 68 एवं वनग्राम के पट्टाधारी परिवारों के 253 बच्चे शामिल हैं।
    उल्लेखनीय है कि, मध्यप्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लागू होने के साथ ही वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक लगभग 10 लाख बच्चे इस प्रावधान के तहत निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षाओं में प्रवेश ले चुके हैं। वर्ष 2016-17 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश की यह प्रक्रिया ऑनलाइन की गयी है। आरटीई के प्रावधान के तहत निजी विद्यालयों में अध्ययनरत् इन बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार की जाती हैं।
    स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस लॉटरी के माध्यम से आज अनेक मंहगे और संभ्रांत स्कूलों में भी बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश मिला है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए सभी विकास खण्ड में हेल्प सेंटर भी खोले गए थे। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि अगले सत्र से आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिये यह लॉटरी प्रक्रिया 30 मई 2019 तक पूर्ण कर ली जायेगी।
    राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक श्री लोकेश कुमार जाटव ने इस अवसर पर बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत सर्वाधिक बच्चों को मध्यप्रदेश में प्रवेश दिलवाया गया है। इस दौरान एन.आई.सी. और राज्य शिक्षा केन्द्र के अनेक अधिकारी भी उपस्थित थे।
(3 days ago)
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