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जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना, सोच पक्की और कदमों में रफ्तार रखना- डिप्टी कलेक्टर श्री सिंघई (सफलता की कहानी)
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं अनूपपुर के नवागत उप जिलाध्यक्ष
अनुपपुर | 24-जुलाई-2018
 
   
    अगर इंसान में कुछ पाने की ललक हो, कुछ करने का ईमानदार प्रयास हो तो किसी भी प्रकार की समस्याएँ उसके रास्ते को अवरुद्ध नहीं कर सकती, उसको अपना लक्ष्य प्राप्त करने से रोक नहीं सकती हैं। बचपन से ही नटखट एवं अत्यंत शरारती बालक ऋषि की कहानी कुछ ऐसी ही है। ऋषि का जन्म सागर जिले की खुरई तहसील के ग्राम खिमलासा में श्री राजीव सिंघई के घर में सन 1990 में हुआ था। श्री राजीव पेशे से कृषक हैं परिवार में स्वस्थ बच्चे के आगमन से खुशी का माहौल था।
एक हादसे ने छीन लिया नन्हें ऋषि का हाथ
    हँसते खेलते इस परिवार को जाने किसकी नजर लगी एवं नन्हा ऋषि महज 5 वर्ष की उम्र में विद्युत करंट की दुर्घटना का शिकार हो गया। डॉक्टरों ने ऋषि की जान तो बचा ली पर उनका एक हाथ इस दुर्घटना की बलि चढ़ गया।
    पर कहते हैं ना जिसका जन्म आगे बढ़ने के लिए, लोगों को राह दिखाने के लिए होता है, वह पीछे मुड़कर नहीं देखता बल्कि लोगों को राह दिखाता है। ऋषि का भी पदार्पण इस धरा मे कुछ इन्हीं कारणो से हुआ था। शा.उ.मा. विद्यालय खिमलासा में विद्यालयीन शिक्षा उपरांत आपने भोपाल से इंजीनीयरिंग की पढ़ाई की। परंतु आपका रुझान सदैव जनसेवा के प्रति था। ऋषि बताते हैं कि वे जब कक्षा 5 में अध्ययनरत थे तब तत्कालीन कलेक्टर श्री शिवशेखर शुक्ला को उन्होंने देखा। कलेक्टर नाम के अधिकारी से यह उनका पहला परिचय था। नन्हें ऋषि ने जब कलेक्टर द्वारा आम जनो की समस्याओं का निदान होते देखा तभी प्रण किया मैं भी एक दिन कलेक्टर बन जन सेवा करूँगा। इन्हीं भावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ऋषि ने इंजीनियरिंग के पश्चात सिविल सेवाओं की तैयारी प्रारम्भ कर दी। म प्र लोक सेवा आयोग 2014 परीक्षा में आपका चयन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के पद पर हुआ। आपने सीधी के चितरंगी में सेवाएँ भी दी। परंतु बचपन के स्वप्न ने उन्हें सोने नहीं दिया और अगले वर्ष पुनः प्रयास में आपका चयन उपजिलाध्यक्ष पद पर हुआ। आरसीवीपीएन प्रशासनिक अकादमी से प्रशिक्षण उपरांत आपको अनूपपुर में अपनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए कहा गया है।
    विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपने एवं आत्मविश्वास को जीवित रख सफलता को प्राप्त करने वाले ऋषि से सफलता का मंत्र पूछे जाने पर ऋषि ने बताया
ऋषि की सफलता का मंत्र
   न भीड़ हो पसंद जिनको, वो अक्सर तनहा चलते हैं।
   रोशन करने को किस्मत अपनी, सूरज की तरह वो जलते हैं।।
   कितनी भी कठिन हो राह मगर, पीछे कभी न मुड़ते है।
   पा लेते हैं कामयाबी को, जो वक्त मुताबिक ढलते हैं।।
   कामयाबी के सफर में मुश्किलें तो आएँगी ही, परेशानियाँ दिखाकर तुमको डराएँगी ही।
   चलते रहना की कदम न रुकने पाए, अरे मंजिल तो मंजिल है एक न एक दिन आएगी ही।।
   जिंदगी में कुछ पाना है तो खुद पर ऐतबार रखना, सोच पक्की और कदमों में रफ्तार रखना।
   कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें, बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।।
   कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ सलोनी सिडाना ने श्री ऋषि सिंघई के प्रयास, लगन एवं दृढ़ निश्चय की सराहना एवं कार्य में उत्कृष्टता एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिले के अन्य सभी अधिकारियों ने श्री ऋषि सिंघई का अनूपपुर में स्वागत किया है। ऋषि आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं उनसे सभी युवा कठिनाइयों से बाहर आकर प्रगति पथ में बढ़ते रहने की सीख ले सकते है।
(27 days ago)
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