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जनसुनवाई के माध्यम से हुआ दिव्यांग रामनिवास कुशवाह और अनिल जाटव का सपना साकार "कहानी सच्ची है"
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मुरैना | 09-अगस्त-2018
 
     दिव्यांग रामनिवास कुशवाह और अनिल जाटव का सपना जनसुनवाई में हुआ साकार। दिव्यांग द्वय ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान आवेदन दिया था कुछ समय बाद ही उन्हे मोटर ट्रायस्किल प्राप्त हो गई।
    कैलारस निवासी दिव्यांग रामनिवास कुशवाह पुत्र राजेन्द्र कुशवाह ने जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किया कि मैं बीए प्रथम का छात्र हूं। कैलारस में कॉलेज न होने के कारण मुझे बस में बैठकर कॉलेज पंडित जवाहर लाल नेहरू सबलगढ़ में पढ़ने के लिये जाना पड़ता है। मैं दिव्यांगता के कारण कभी कॉलेज समय पर नहीं पहुंचा। कभी बसे लेट हो जाती तो कभी में दिव्यांगता के कारण घर से समय पर नहीं निकलपाता ऐसा आवेदन जनसुनवाई में प्रस्तुत किया। जिला सीईओ सुश्री सोनिया मीणा ने आवेदन पर विचार कर मौके पर ही मोटर ट्रायस्किल प्रदान की।  दिव्यांग रामनिवास कुशवाह ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान मोटर ट्रायस्किल क्या मिली में तो दिव्यांगता को भूलकर चलने फिरने, बाजार से अन्य सामग्री लेने के लिए तैयार रहता हूं। दिव्यांग राम निवास कुशवाह ने बताया कि अब मैं दिव्यांग नहीं रहा, स्वयं अपनी मोटर ट्रायस्किल पर बैठकर कैलारस से पं. जावाहर लाल नेहरू कॉलेज सबलगढ में समय पर पहुंचूंगा।
    इसी प्रकार चिरगांव के दिव्यांग अनिल जाटव ने जनसुनवाई में आवेदन देकर बताया कि परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है। मैं अपने गांव से कक्षा 12 वी में कैलारस पढ़ने के लिये कभी समय पर नहीं पहुंचा। क्योंकि परिवार की दयनी हालत होने के कारण मैं मोटर ट्रायस्किल क्रय नहीं कर सकता। जनसुनवाई में मुझे ट्रायस्किल कलेक्ट्रेट मुरैना में मिली, उससे समय पर विद्यालय पहुचूगा। दिव्यांग अनिल जाटव ने कहा कि मैं सपना नहीं देख रहा हूं। यह वास्तव में हकीकत है। मुझे ट्रायस्किल मिल गई है। मैरे लिये पढ़ाई में दिव्यांगता आड़े नहीं आयेगी। अब में दिव्यांग नहीं रहा। हर कार्य करने के लिये मुझे सरकार ने संबल प्रदान किया है।
(11 days ago)
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