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मूँग एवं उड़द फसल में पंजीकृत किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण
किसान कल्याण विभाग ने कलेक्टर्स को जारी किये निर्देश
डिंडोरी | 10-अगस्त-2018
 
 
    प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूँग एवं उड़द की फसल के पंजीकृत किसानों को प्रोत्साहन राशि देने के संबंध में योजना बनाई गई है। इस संबंध में कलेक्टर्स को किसान कल्याण विभाग ने निर्देश जारी किये हैं। ग्रीष्मकालीन मूँग उत्पादन 2000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में होने पर 12 जिलों होशंगाबाद, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, हरदा, विदिशा, गुना, देवास, इंदौर, धार और बालाघाट में पंजीयन का कार्य प्राथमिक साख सहकारी समितियों द्वारा किया गया है। इसी तरह, ग्रीष्मकालीन उड़द उत्पादन जहाँ एक हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुआ है, वहाँ 8 जिलों नरसिंहपुर, जबलपुर, बालाघाट, कटनी, डिण्डोरी, सिवनी, दमोह और हरदा में किसानों का पंजीयन प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा किया गया है। संबंधित जिलों में ग्रीष्मकालीन मूँग और उड़द उत्पादक पंजीकृत किसानवार डाटाबेस जिला-स्तर पर राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन एवं प्रमाणीकरण के बाद संचालक किसान कल्याण को उपलब्ध करवाया जायेगा। पंजीकृत मूँग वाले 12 जिलों और उड़द वाले 8 जिलों में विगत 4 जुलाई से 20 अगस्त तक मण्डियों में विक्रय की गई मात्रा पोर्टल पर अपलोड की जायेगी। ग्रीष्मकालीन मूँग के लिये 800 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देय होगी। ग्रीष्मकालीन उड़द की प्रोत्साहन राशि प्रति क्विंटल का निर्धारण माह जुलाई-2018 की मॉडल मण्डी की दरों के आधार पर राज्य शासन द्वारा तय किया जायेगा। ग्रीष्मकालीन मूँग के लिये औसत उत्पादकता 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और ग्रीष्मकालीन उड़द के लिये 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर नियत की गई है। पंजीकृत किसानों की पात्रता तय करने के लिये मापदण्ड तय किये गये हैं। इनमें प्रमुख रूप से मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। योजना का लाभ जिले के अधिसूचित मण्डी परिसर में राज्य में उत्पादित ग्रीष्मकालीन मूँग और उड़द के विक्रय पर देय होगा। संबंधित किसान को पोर्टल पर पंजीयन करवाने के बाद पंजीयन क्रमांक की पर्ची तथा आधार-कार्ड की प्रति मण्डी समिति में विक्रय के समय उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। अधिसूचित प्रांगणों में संबंधित फसलों के विक्रय की कार्यवाही सी.सी. टी.व्ही. कैमरे में दर्ज की जायेगी। जिन मण्डी प्रांगणों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे नहीं होंगे, वहाँ मण्डी समिति द्वारा विक्रय के समय उपस्थित किसान का फसल के साथ फोटो लिया जायेगा और इसका रिकार्ड मण्डी में सुरक्षित रखा जायेगा। योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टरों की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी के अन्य सदस्यों में सचिव उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विभाग होंगे। कमेटी के सदस्यों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ, जिला खाद्य अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, जिला प्रबंधक राज्य सहकारी विपणन संघ और जिला लीड बैंक अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। योजना में अधिसूचित कृषि उपज मण्डी में ग्रीष्मकालीन मूँग 4 जुलाई से 20 अगस्त, 2018  और ग्रीष्मकालीन उड़द के 4 जुलाई से 31 अगस्त, 2018 तक विक्रय पर प्रोत्साहन राशि देय होगी।
 
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