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एनबीएसएस की अनुमति बिना केबल नेटवर्क ऑपरेटर स्‍थानीय स्‍तर पर कोई भी कार्यक्रम विज्ञापन प्रसारित नहीं कर सकता
उल्‍लंघन पर उपकरण जप्‍त करने, जुर्माना और जेल की सजा, केबल संचालकों की बैठक में दी गई जानकारी
गुना | 11-अक्तूबर-2018
 
   
    केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) 1995 के अंतर्गत केबल सेवा का आशय किसी भी प्रसारण टेलीविजन संकेतों के तारों से पुन: संचार सहित कार्यक्रमों का केबल द्वारा प्रसारण करना है। इसका आशय यह है कि कोई भी स्‍थानीय केबल नेटवर्क ऑपरेटर स्‍थानीय स्‍तर पर कोई भी कार्यक्रम, न्‍यूज आदि को तैयार कर बिना नेशनल ब्राडकास्टिंग स्‍टेण्‍डर्ड आथॉरिटी (एनबीएसस) की अनुमति के संचालित एवं प्रसारित नहीं सकता है।  केबल टेलीविजन विनियमन अधिनियम 1995 की धारा 6 यह भी उपबंधित करती है कि कोई भी व्‍यक्ति केबल सेवा द्वारा किसी विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा, जब तक की ऐसे विज्ञापन संहिता के अनुरूप न हो। यह जानकारी गत दिवस केबल संचालकों की आयोजित बैठक में अपर कलेक्‍टर एवं प्रभारी अधिकारी व्‍यय लेखा श्री ए.के. चांदिल द्वारा दी गई।
   उन्‍होंने कहा कि केबल टेलीविजन अधिनियम 1995 की धारा 11 के अनुसार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पदाविहित अधिकारी द्वारा केबल टेलीविजन नेटवर्क प्रचालन के लिए केबल ऑपरेटर द्वारा प्रयुक्‍त उपकरणों को जप्‍त किया जा सकेगा। अधिनियम की धारा 12 व 13 में उपकरणों के अभिग्रहण जप्‍ती व दंड का प्रावधान है। धारा 13 के अंतर्गत उपबंधों के उल्‍लंघन के प्रथम बार दोषी पाये जाने पर दो वर्ष की सजा या एक हजार रूपये का जुर्माना या उपरोक्‍त दोनों कार्यवाही की जा सकती है। इसके उपरांत प्रत्‍येक बार दोषी पाये जाने पर पांच वर्ष की सजा व पांच हजार का अर्थदंड का प्रावधान है। आयोजित बैठक के प्रारंभ में उन्‍होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के पालन में जिला स्‍तरीय एमसीएमसी के गठन एवं कार्यो की जानकारी भी दी एवं निर्देशों के पालन करने की आग्रह किया।
(6 days ago)
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