समाचार
|| तीन स्थानों पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित || कलेक्टर के कराहल क्षेत्र के औचक निरीक्षण में एक दर्जन कर्मचारी निलंबित || जरूरतमंद बच्चे विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण को सौंपे जायेंगे || संभागायुक्त द्वारा परियोजना अधिकारी केवलारी को किया गया निलंबित || राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में होगा "राष्ट्रीय मतदाता दिवस"  समारोह || जिला युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन 28 जनवरी को || छानबीन समिति में सदस्यों का मनोनयन निरस्त || अनियमितताओं के दोषी बख्शे नहीं जायेंगे : मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह || सुरक्षा जवान एवं सुपरवाईजर भर्ती कैम्प || जल संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
अन्य ख़बरें
धार्मिक स्‍थलों और धार्मिक सभाओं का उपयोग निर्वाचन के दौरान प्रचार के लिए नही हो – जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दत्‍ता
राजनैतिक दलों एवं उम्‍मीदवारों से किया आग्रह
गुना | 08-नवम्बर-2018
 
    विधानसभा निर्वाचन 2018 के मद्देनजर कलेक्‍टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री विजय दत्‍ता ने जिले के समस्‍त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों एवं उम्‍मीदवारों से कहा है कि – किसी दल या अभ्‍यर्थी को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिये, जो विभिन्‍न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच विद्यमान मतभेदों को बढाये या घृणा की भावना उत्‍पन्‍न करें या तनाव पैदा करे। जब अन्‍य राजनैतिक दलों की आलोचना की जाये, तो वह उनकी नीतियो और कार्यक्रम, पूर्व रिकॉर्ड और कार्य तक ही सीमित होनी चाहिये। यह भी आवश्‍यक है कि व्‍यक्तिगत जीवन के ऐसे सभी पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिये, जिनका संबंध अन्‍य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रियाकलाप से न हो। दलों या उनके कार्यकर्ताओं के बारे में कोई ऐसी आलोचना नहीं की जानी चाहिये, जो ऐसे आरोपों पर जिनकी सत्‍यता स्‍थापित न हुई हो या जो तोड-मरोडकर कही गई बातों पर आधारि‍त हों।
    मत प्राप्‍त करने के लिये जातीय या साम्‍प्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिये। मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्‍य स्‍थानों का निर्वाचन प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिये। सभी दलों और अभ्‍यर्थियों को ऐसे सभी कार्यो से ईमानदारी के साथ बचना चाहिये, जो निर्वाचन विधि के अधीन ‘भ्रष्‍ट आचरण’ और अपराध हैं। जैसे कि मतदाताओं को रिश्‍वत देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण, मतदान केन्‍द्र के 100 मीटर के भीतर मत याचना करना, मतदान की समाप्ति के लिये नियत समय को खत्‍म होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को वाहन से मतदान केन्‍द्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना।
    किसी भी राजनैतिक दल या अभ्‍यर्थी को ध्‍वजदण्‍ड बनाने, ध्‍वज टांगने, सूचनाएं चिपकाने एवं नारे लिखने आदि के लिये किसी भी व्‍यक्ति को भूमि, भवन, अहाते अथवा दीवार आदि का उसकी अनुमति के बिना उपयोग करने की अनुमति अपने समर्थकों को नहीं देनी चाहिये। राजनैतिक दलों और अभ्‍यर्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिये कि उनके समर्थक अन्‍य दलों द्वारा आयोजित सभाओं-जुलूसों आदि में बाधायें उत्‍पन्‍न न करें या उन्‍हें भंग न करे। एक राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं या शुभचिंतकों को दूसरे राजनैतिक दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभाओं में मौखिक रूप से या लिखित रूप से प्रश्‍न पूछकर या अपने दल के परचे वि‍तरित करके गडबडी पैदा नहीं करनी चाहिये। किसी दल द्वारा जुलूस उन स्‍थानों से होकर नहीं ले जाना चाहिये, जिन स्‍थानों पर दूसरे दल द्वारा सभाएं की जा रही हों। एक दल द्वारा लगाए गये पोस्‍टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा हटाये नहीं जाने चाहिये।
    दल या अभ्‍यर्थी को किसी प्रस्‍तावित सभा के स्‍थान और समय के बारे में स्‍थानीय प्राधिकारियों को उपयुक्त समय पर सूचना दे देनी चाहिये ताकि वे यातायात को नियंत्रित करने और शांति तथा व्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिये आवश्‍यक इंतजाम कर सकें। जुलूस का आयोजन करने वाले दल या अभ्‍यर्थी को पहले ही यह बात तय कर लेनी चाहिये कि जुलूस किस समय और किस स्‍थान से शुरू होगा, किस मार्ग से होकर जायेगा और किस समय और किस स्‍थान पर समाप्‍त होगा। सामान्‍यत: कार्यक्रम में कोई फेरबदल नहीं होना चाहिये।
    आयोजकों को जुलूस का आयोजन ऐसे ढंग से करना चाहिये, जिससे कि यातायात में कोई रूकावट या बाधा उत्‍पन्‍न किये बिना जुलूस का निकलना संभव हो सके। यदि जुलूस बहुत लम्‍बा है तो उसे उपयुक्त लम्‍बाई वाले टुकडों में संगठित किया जाना चाहिये, ताकि सुविधाजनक अन्‍तरालों पर विशेषकर उन स्‍थानों पर जहां जुलूस को चौराहों से होकर गुजरना है के रूके हुए यातायात के लिये समय-समय पर रास्‍ता दिया जा सके और इस प्रकार भारी यातायात के जमाव से बचा जा सके।
    जुलूस में शामिल लोगों द्वारा ऐसी चीजें लेकर चलने के विषय में जिनका अवांछनीय तत्‍वों द्वारा, विशेष रूप से उत्‍तेजना के क्षणों में दुरूपयोग किया जा सकता है पर राजनैतिक दलों या अभ्‍यर्थियों को अधिक से अधिक नियंत्रण रखना चाहिये।
    किसी भी राजनैतिक दल या अभ्‍यर्थी को अन्‍य राजनैतिक दलों के सदस्‍यों या उनके नेताओं के पु‍तले लेकर चलने, उनको सार्वजनिक स्‍थान में जलाने और इसी प्रकार के अन्‍य प्रदर्शनों का भी समर्थन नहीं करना चाहिये।
(77 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2019फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
31123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer