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मतदान केन्द्र के बहाने जिले के 250 स्कूलों का कायाकल्प
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इन्दौर | 06-दिसम्बर-2018
 
  
   विधानसभा निर्वाचन-2018 के दौरान इंदौर संभाग के बुरहानपुर जिले के कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह ने करीब दो माह तक जिले के अधिकांश मतदान केन्द्रों का दौरा किया। ग्रामीण क्षेत्र में उन्होंने 250 से अधिक स्कूलों का मतदान केन्द्र उन्नयन के नाम पर कायाकल्प और उद्धार कर दिया। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा विभाग व ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से इन मतदान केन्द्रों पर विद्युत कनेक्शन, पंखा, रैम्प, संपर्क मार्ग, बाउन्ड्रीवाल अथवा वायर फेंसिंग, शौचालय की व्यवस्था करायी। इन विद्यालयों की रंगाई-पुताई भी की गयी। बाउन्ड्रीवाल बनाने से विद्यालयों की शोभा व गरिमा में वृद्धि हुई।
नवाचार से जिले में मतदान का प्रतिशत बढ़ा
   चुनाव आयोग के निर्देशानुसार इन मतदान केन्द्रों में दिव्यांगों के लिये रैम्प और व्हीलचेयर की भी व्यवस्था की गयी, जिसके कारण इन मतदान केन्द्रों पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जो कि एक उल्लेखनीय और अनुकरणीय दृष्टान्त है। इसे कहते हैं-जंगल में मंगल। जंगल बहुल इस पिछडे़ जिले के लिये नयी व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं है। इन स्कूलों में आंतरिक संपर्क मार्ग(सीसी रोड़) बनाने में लगभग 12 करोड़ रूपये और बिजली कनेक्शन सहित पंखे लगवाने में लगभग 17 लाख रूपये खर्च हुए हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने चर्चा के दौरान बताया कि लोकतंत्र के लोकमहोत्सव यानी चुनाव में आम मतदाता की अधिकाधिक भागीदारी के लिये ऐसा करना जरूरी हो गया है। पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार विधानसभा चुनाव में जिले में 2 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है। इन्ही नवाचारों के कारण शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत बढ़ा है।
पिकनिक प्लेस बन गये हैं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भवन
   बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र के बसाली, ठाठर, खामला, चिंचाला, मगरूल, पातोंडा, बिरोदा, लोनी, हतनूर, मोहम्मदपुरा, नाचनखेड़ा, सिरसोदा, बादखेड़ा, शाहपुर, फोफनारखुर्द, जसौंदी, जाफरपुरा, तुरकगुराड़ा, बड़सिंगी, खामनी, खारी, मोहद, बंभाड़ा, दापोरा, अड़गाँवं, चापोरा, इच्छापुर, चिल्लारा, तारापाटी, करोली सहित अन्य ग्रामों के आदि के स्कूल भवन पिकनिक के लिहाज से देखने लायक हो गये हैं। स्कूल भवन भी दर्शनीय बन गये हैं। इनमें से अधिकांश स्कूल भवन आदर्श मतदान केन्द्र घोषित किये गये थे। इनमें कुछ स्कूलों के मतदान केन्द्र पूर्णतः महिला संचालित केन्द्र भी बनाये गये थे। इनका डाक्युमेंटेशन कराया जा रहा है और इनके फोटो और वीडियो चुनाव आयोग को भेजे जायेंगे। नवाचार की दिशा में यह एक सराहनीय कदम है।
   जिले के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अम्बा, बोरी बुजुर्ग, दवाटिया, धूलकोट, बदनापुर, खातला, पुरा, दहीनाला, हसनपुरा, आसेर, निम्बोला, बसाड़, बोरी खुर्द, बीड़ रैयत, भातखेड़ा, सातपायरी, बदनापुर, नावरा, दर्यापुर, डेढ़तलाई, तुकईथड़, अम्बाड़ा, जैनाबाद, उमरदा, टिटगांवकलां, इकलारा, बड़गांवमाफी, हसीनाबाद, नागझिरी, सांईखेड़ाकलां, खकनार, पांगरी आदि ग्राम के मतदान केन्द्र शामिल है।
सभी स्कूलों में विद्युत कनेक्शन सहित पंखा लगाने और पुताई कराने के निर्देश
   कलेक्टर श्री सिंह ने विशेष मुहिम चलाकर इन स्कूल परिसर में स्थित अंगेजों के जमाने के खंडहरनुमा भवनों को जमींदोज कराकर मुरम डालकर विद्यार्थियों के लिये खेल मैदान बनवा दिये हैं। यह सभी काम पिछले 2 महीने के रिकार्ड समय में पूरा किये गये। लालफीताशाही के विरुद्ध एक अनुपम उदाहरण है।
   इसबार चुनाव आयोग ने भी नवाचार करते हुए पहलीबार आम चुनाव में वीवीपैट मशीन का उपयोग दिव्यांगों के लिये वाहन, रैम्प और व्हीलचेयर की नयी परपंरा शुरू की, जिससे प्रदेश में मतदान का प्रतिशत बढ़ा।
   कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.एल.उपाध्याय और सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्रीमती रंजना सिंह को निर्देश दिये हैं कि वे जिले के शेष बचे सभी प्राथमिक, माध्यमिक और हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल में बिजली कनेक्शन के साथ पंखा 6 माह के भीतर अनिवार्य रूप से लगवायें तथा सभी स्कूलों में सुरक्षा की दृष्टि से बाउन्ड्रीवाल बनवायें और हर साल पिंक कलर में रंगाई-पुताई कराये। जिले के सभी स्कूल एक ही रंग में दिखायी देना चाहिए। विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिये और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिये ऐसा करना जरूरी हो गया है।
लोककवि श्री गोपालदास ‘‘नीरज‘‘ ने ठीक ही कहा है-
है जगा इंसान तो मौसम बदलकर ही रहेगा,
जल गया दीपक तो अंधेरा ढलकर ही रहेगा ।।  
क्यों न कितनी बड़ी हो क्यों न कितनी कठिन हो,
हर नदी की राह से चट्टान को हटना पड़ा है।।
(4 days ago)
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