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जिले में संभागायुक्त ने ली समीक्षा बैठक
राजस्व, कृषि, खनिज, महिला बाल विकास आदि विभागों को दिये महत्वपूर्ण निर्देश
सीहोर | 03-जनवरी-2019
 
   
   संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत द्वारा गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर श्री गणेश शंकर मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने राजस्व अभियान (1 से 31 जनवरी) के संबंध में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि युद्ध स्तर पर राजस्व प्रकरणों के निराकरण करने का प्रयास करें। उन्होंने राजस्व प्रकरणों को आर.सी.एम.एस. साफ्टवेयर में अनिवार्यत: दर्ज करने के निर्देश भी दिये। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई एवं सीएम हेल्प लाइन में राजस्व से संबंधित प्रकरणों को फौरन आर.सी.एम.एस. दर्ज करलें।
   संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि उनके कार्य को अन्य विभागों के कार्य से भिन्नता प्रदान करता है न्यायिक कार्य। न्यायिक कार्य ही राजस्व विभाग का मूल कार्य है। राजस्व अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले के कौशल एवं क्षमता विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने 31 मार्च के पहले सभी राजस्व न्यायालयों को दुरस्त करने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है। रिकार्ड संधारण के संबंध में संभागायुक्त ने निर्देश दिये हैं कि जिन प्रकरणों का निराकरण हो चुका है उन्हें रिकार्ड में दर्ज कर जिले के रिकार्ड रूम में सुरक्षित रखवाएं साथ ही सभी राजस्व अधिकारी दिन में 2 बार प्रात: 11 बजे एवं शाम 4 बजे अपना ई-मेल चैक करने की आदत डालें।
   राजस्व अधिकारी पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों को महत्तवपूर्ण कार्यों में सम्मिलित करें। इसके साथ ही ग्राम कोटवार को भी एक सशक्त संस्था के रूप में खड़ा करें। पटवारी गिरदावरी एप्प पर सही एवं संपूर्ण जानकारी अपलोड करें इससे भविष्य में किसी भी शासकीय कार्य के लिये जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
   कृषि विभाग को निर्देश देते हुए संभागायुक्त ने कहा कि किसान खेत पाठशाला के संचालन में उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग मिलकर कृषकों को फसल विविधता के फायदों के बारे में जागरुक करें। परंपरागत कृषि करने वाले कृषकों की मनोवृत्ति बदलने में समय लगेगा परन्तु यह असंभव नहीं है। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर कृषकों का 60 प्रतिशत भूमि पर परंपरागत फसल, 25 प्रतिशत पर गैर परंपरागत फसल एवं 15 प्रतिशत पर उद्यानिकी फसल लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जा सकता है। कृषि के साथ-साथ कृषकों को पशुपालन एवं कुक्कुट पालन करने से होने वाले आर्थिक लाभ से भी अवगत कराया जाए।
   संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसान खेत पाठशाला में अपनी भागीदारी निभाएं एवं किसानों के साथ किसी भी स्तर पर धोखाधड़ी न होने दें। अनुविभागीय अधिकारी समय-समय पर खाद व कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण करें। पशुपालन विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कराने के निर्देश संभागायुक्त ने दिये।
    खनिज विभाग को संभागायुक्त ने बंद पड़ी खादानों को चिन्हित करने का कार्य सौंपा था। जिले के खनिज अधिकारी द्वारा 25 बंद खदानें चिन्हित की गई हैं। संभागायुक्त ने इन खदानों को जल संग्रहण के लिये उपयोग करने के निर्देश दिये हैं। इन खदानों में पानी भर जाने के बाद खनिज अधिकारी द्वारा "असुरक्षित स्थान" के बोर्ड लगाने को भी कहा गया है। जल संग्रहण से यह पानी सिंचाई के लिये उपयोग किया जा सकेगा, गर्मी के मौसम में पशुओं को पीने के काम आएगा, भू-जल स्तर में भी सुधार आएगा। 28 फरवरी तक सभी राजस्व अधिकारी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ जल संग्रहण एवं क्षेत्र विकास के अन्तर्गत मनरेगा द्वारा इस कार्य को पूर्ण करें।
    संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि यदि कोई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एक माह से अधिक अवकाश पर रहती है तो उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कुपोषण के दायरे में जो बच्चे थे उनकों चिन्हित कर उनका समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। आंगनवाड़ी सुपरवाइजर अपने अधीनस्थ से संपूर्ण जानकारी एकत्रित करें। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति में निरीक्षण किया जाना चाहिए। संभागायुक्त ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की निगरानी सजगता से करें।
    संभागायुक्त ने जिले में संचालित सभी छात्रावासों के निरीक्षण की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों को सौंपी है। निरीक्षण उपरांत निरीक्षण पंजी में विवरण भी दर्ज करना अनिवार्य होगा। राजस्व अधिकारियों को सारे पहलुओं पर ध्यान देकर निरीक्षण करना होगा। यदि किसी छात्रावास में लंबे समय से एक ही अधीक्षक है तो उसे शीघ्र ही बदल दिया जाए।
(17 days ago)
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