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सब्जी एवं फलों हेतु कृषक मौसम आधारित फसल बीमा अवश्य कराएं
अंतिम तिथि 15 जनवरी 2019
बैतूल | 12-जनवरी-2019
 
   राज्य में उद्यानिकी फसलों की फसल बीमा योजना वर्ष 2014 से लागू की गई है। वर्ष 2018-19 रबी हेतु योजना में ऋणी एवं अऋणी कृषकों को सम्मिलित होने का प्रावधान है। जिले में रबी 2018-19 हेतु टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, हरी मटर, लहसून, धनिया, आलू, प्याज एवं आम की फसल अधिसूचित की गई है। ऐसे कृषक जो रबी में टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, हरी मटर, लहसून, धनिया, आलू, प्याज एवं आम की खेती कर रहे हैं, अपनी इन फसलों का बीमा करा सकते हैं। मौसम आधारित बीमा योजनांतर्गत दावों के भुगतान हेतु किसी भी तरह के सर्वे की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मौसम केन्द्र से प्राप्त प्रतिकूल मौसम के आंकड़ों के आधार पर स्वत: ही बीमा दावों का भुगतान कंपनी द्वारा किया जाता है।
    उप संचालक उद्यान डॉ. आशा उपवंशी वासेवार ने बताया कि जिले में उद्यानिकी विभाग के सहयोग से इस योजना के क्रियान्वयन हेतु एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को वर्ष 2016-17 से रबी 2018-19 तक राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया गया है।
जोखिम आवरण अवधि
    टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्ता गोभी एवं प्याज फसलों के लिए जोखिम आवरण अवधि 01 नवंबर से 31 मार्च, लहसून, आलू फसलों के लिए जोखिम आवरण अवधि 01 अक्टूबर से 31 मार्च, धनिया फसल के लिए 15 अक्टूबर से 31 मार्च एवं आम की फसल के लिए 15 दिसंबर से 30 जून तक जोखिम आवरण अवधि तय की गई है।
    जोखिम आवरण अवधि में प्रतिकूल मौसम में आंकड़ों के आधार पर दावा राशि का भुगतान संबंधित बैंक के द्वारा बीमित कृषक के खाते में कराया जाएगा।
बीमा हेतु प्रीमियम राशि
    टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी फसल के लिए प्रीमियम राशि 4101.50 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं बीमित राशि 82030 रूपए प्रति हेक्टेयर, लहसून फसल हेतु प्रीमियम राशि 3155 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं बीमित राशि 63100 रूपए प्रति हेक्टेयर, धनिया फसल हेतु प्रीमियम राशि 1706.25 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं बीमित राशि 34125 रूपए प्रति हेक्टेयर, आलू फसल हेतु प्रीमियम राशि 3152.5 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं बीमित राशि 105000 रूपए/63050 रूपए प्रति हेक्टेयर, प्याज की फसल हेतु प्रीमियम राशि 3155 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं बीमित राशि 63050 रूपए प्रति हेक्टेयर तथा आम की फसल हेतु प्रीमियम राशि 3415.75 रूपए एवं बीमित राशि 68315 रूपए है।
योजना का लाभ कैसे लें
    इस बीमा योजना में अधिसूचित फसलों हेतु ऋण लेने वाले ऋणी कृषकों का बीमा स्वत: ही उस बैंक से हो जाएगा, जिस बैंक से वह फसल ऋण लेगा। गैर ऋणी कृषक बीमा कराने हेतु अपनी निकटतम बैंक शाखा, सीएसएस, बीमा कंपनियों के एजेंट, उद्यानिकी कार्यालय से संपर्क कर बीमा करवा सकते हैं। मौसम आधारित फसल बीमा योजनांतर्गत नोटिफिकेशन/गाइड लाइन के अनुसार कृषक भी www.pmfby.gov.in पर अधिसूचित फसल का बीमा करवा सकता है।
ओलावृष्टि जोखिम
    योजना में ओलावृष्टि जोखिम को अनिवार्य जोखिम के रूप में सम्मिलित किया गया है। ओलावृष्टि आपदा की स्थिति में कृषक द्वारा लिखित सूचना ई-मेल, व्हाट्सएप एवं पत्र द्वारा स्वयं या विभाग के माध्यम से 72 घंटों के भीतर बीमा कंपनी को दी जाएगी या टोल फ्री नंबर 1800 2660 700 पर भी सूचना दी जा सकती है। 96 घंटों के भीतर बीमा कंपनी संबंधित क्षेत्र के उद्यान अधिकारी के साथ सर्वे कर प्रतिवेदन देंगे। प्रतिवेदन के आधार पर कंपनी क्षतिपूर्ति दावों की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। ओलावृष्टि हेतु जिले में अधिसूचित फसलें सब्जीवर्गीय रबी- टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, हरी मटर, धनिया की जोखिम चरण अवधि 01 जनवरी से 31 मार्च एवं आम फसल हेतु जोखिम अवधि 01 जनवरी से 30 अप्रैल तक निर्धारित की गई है।
बीमा कराए जाने हेतु अऋणी कृषकों के लिए आवश्यक दस्तावेज
    जिले में अऋणी कृषकों को फसल बीमा कराए जाने हेतु जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी उनमें पटवारी/सरपंच/सचिव द्वारा चालू वर्ष का बुवाई प्रमाण पत्र, खसरा/पट्टा, बैंक पासबुक, आधार कार्ड की फोटो कॉपी एवं प्रस्ताव पत्र शामिल हैं।
प्रीमियम राशि का भुगतान
    इंश्योरेंस कंपनी एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड सभी बैंकर्स केन्द्र सरकार के पोर्टल www.pmfby.gov.in के माध्यम से कृषकों का ऑनलाइन बीमा कराए जाने की कार्रवाई कर सकते हैं। कृषक द्वारा उद्यानिकी फसलों का बीमा 15 जनवरी 2019 से पूर्व जिस बैंक में उसका खाता संचालित है, उस बैंक के माध्यम से अथवा सीएससी (ग्राहक सुविधा केन्द्र) से कराया जा सकता है। प्रीमियम राशि का भुगतान बैंक द्वारा आरटीजीएस/एनईएफटी के माध्यम से एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को या सीएससी सेंटर पर नगर जमा कर रसीद कर प्राप्त करना होगा। बीमा प्रस्ताव एवं बैंक खाते में किसान का नाम एक जैसा होना चाहिए। साथ ही बैंक खाता सक्रिय (चालू) रहना चाहिए। बीमा कराने के बाद कृषक बैंक अथवा सीएससी सेंटर से प्रीमियम राशि के भुगतान की रसीद एवं बीमा पॉलिसी दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें।
दावों का भुगतान
    इस योजना में दावों के पात्र कृषकों को भुगतान उन्हीं बैंकों के माध्यम से प्राप्त होगा, जिन बैंकों के माध्यम से उनके प्रकरण तैयार किए गए हैं। कृषकों को दावा राशि का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी द्वारा मौसम केन्द्र से कम तापमान, अधिक तापमान, बेमौसम वर्षा, वायु गति, बीमारी अनुकूल मौसम एवं कीट अनुकूल मौसम के आंकड़े प्राप्त होने पर किया जाएगा। जिले में बीमा कंपनी द्वारा 51 मौसम केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
    उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को समझाईश दी गई है कि विपरीत मौसम से होने वाले नुकसान की भरपाई हेतु किसान जिले हेतु अधिसूचित फसलों का बीमा अवश्य कराएं। किसान फसल बीमा हेतु अधिक जानकारी के लिए अपने विकासखण्ड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी अथवा उप संचालक उद्यान से संपर्क कर सकते हैं।
(8 days ago)
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