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कृषि ऋण माफी हेतु शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी
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रायसेन | 13-जनवरी-2019
 
  
    5 प्रदेश के किसानो के 2 लाख रूपए तक के कृषि ऋण माफी हेतु मध्य प्रदेश शासन द्वारा विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने बताया कि शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार 31 मार्च 2018 से पूर्व लौटाए गये फसल ऋण पर योजना में लाभ प्राप्त नही होगा। यदि किसानो का कृषि ऋण 2 लाख रूपए से अधिक है तो योजना के अन्य समस्त मापदंड एवं पात्रता शर्तो की पूर्ति करने पर दो लाख रूपए    क के सीमा तक का ऋण ही माफ किया जायेगा।   
   उन्होंने बताया कि ऐसे कृषक जिनकी कर्ज लेने के पश्चात मृत्यू हो चुकी है ऐसे किसानो के वारिसों को गुलाबी आवेदन पत्र भरना होगा। वारिसों को संयुक्त रूप से योजना का लाभ मिलेगा। किसान ने यदि 31 मार्च से 12 दिसम्बर तक यदि पूर्ण ऋण चुका दिया है तो दिनाँक 31 मार्च 2018 को शेष राशि के आधार पर पात्रतानुसार योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी हितग्राही ने कृषि ऋण ले रखा हो किन्तु 31 मार्च 2018 तक जमा नही कराया है एवं 1 अप्रेल 2018 के बाद बैंक द्वारा अगर राईट आफ कर के खाता बंद कर दिया हो तो भारतीय रिजर्व बैंक के एनपीए तथा नाबार्ड के कालातीत की परिभाषा ही मान्य होगी। योजना में एनपीए तथा कालातीत लोन के विषय में प्रावधान स्पष्ट हैं। केसीसी एकाउंट को आधार से लिंक करने के बाद यदि किसान अन्य कोई बचत खाता खोलकर आधार से लिंक करवा लेता है तो भी योजना का लाभ लेने हेतु बैंक के फसल ऋण खाते को आधार लिंक किया जाना आवश्यक है। योजनांतर्गत निर्गर्मित राशि ऋण खाते में ही जमा होगी।
   इसी प्रकार फसल ऋण माफी योजना में जिस संयुक्त खाते के किसान द्वारा ऋण लिया गया है उसी के आधार कार्ड सीडिंग की आवश्यकता होगी। यदि संयुक्त ऋणी है तो सभी के आधार संख्या की सीडिंग अनिवार्य होगी। संयुक्त खाता धारक की स्थिति में फसल ऋण खाता जिन किसानो के संयुक्त नाम पर होगा उन्हीं को आवेदन करने की तथा उक्त फसल ऋण खाते में योजना प्रावधान अनुसार लाभ प्राप्त करने की पात्रता होगी। एक ऋण खाते में एक से अधिक संयुक्त ऋणी होने पर योजना की पात्रतानुसार अधिकतम 2 लाख रूपए तक का ही लाभ प्राप्त हो सकेगा। 31 मार्च 2018 की स्थिति में मूलधन एवं उक्त तिथि के ब्याज की गणना कर जो कुल बकाया राशि है उसे ही आधार बनाया जायेगा। एक कृषक का यदि एक से अधिक राष्ट्रीकृत बैंको में योजनानुसार पात्र ऋण बकाया है तो सहकारिता एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में यदि बकाया नही है तो राष्ट्रीकृत बैंको में प्राथमिकता में सर्वप्रथम सबसे कम राशि के बकाया ऋण खाते में लाभ प्रदान किया जायेगा। तत्पश्चात इससे अधिक शेष वाले खाते में योजना में निर्धारित राशि तक का लाभ प्राप्त होगा। यदि 31 मार्च 2018 की स्थिति में किसान के ऊपर 2 लाख रूपए से ऊपर का ऋण शेष है तो शेष राशि कृषक द्वारा जमा कराने पर और बकाया शेष राशि 2 लाख रूपए माफ होने पर बकाया राशि शासन द्वारा देय नही होगी। ऐसे कृषक जो किसी कारण से पलायन कर रहे हैं और उनका बैंक में अभी भी ऋण आउट स्टेडिंग है तो उन्हें भी योजना के अन्य समस्त प्रावधानो पर पात्र होने पर योजना का लाभ मिल सकेगा।
    शासन द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार संविदाकर्मी जो वर्ग 1, 2 या 3 के पदों पर कार्यरत हैं वे ऋण माफी के पात्र नही होगे। रोजगार सहायक, डाटा एंट्री आपरेटर, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता या आउट सोर्स पर लगे कर्मचारी योजना के लिए शासकीय अथवा अर्द्ध शासकीय निगम मंडल के कर्मचारी की अपात्रता में नही आयेंगे। जिस व्यक्ति के नाम पर ऋण है उसी व्यक्ति को योजना का लाभ मिलेगा। योजना केवल अल्पकालीन फसल ऋण के लिए है तथा सावधि ऋण शामिल नही है। योजना का लाभ डीबीटी के माध्यम से किसान के ऋण खाते में दिया जायेगा। कृषक द्वारा विभिन्न बैंको से ऋण लेने की स्थिति में कर्ज माफी की राशि दो लाख रूपए तक के कर्ज के विभिन्न बैंको हेतु संयुक्त रूप से लागू होंगे।
    इसी प्रकार किसान का ऋण खाता संबंधित प्राथमिक कृषि शाख सहकारी समिति में यदि है जिस पर कोर बैंकिंग सिस्टम लागू नही है ऐसी स्थिति में जिला सहकारी बैंक द्वारा संबंधित कृषक के ऋण खाते में राशि का समायोजन किया जायेगा। पोर्टल में यह व्यवस्था की गई है कि कालातीत, एनपीए, नियमित ऋण बकायादार श्रेणी के कृषकों की पृथक-पृथक सूची उपलब्ध हो, पोर्टल में यह सुविधा हो कि एक से अधिक बैंक से लिये गये ऋण का बकाया हो तो एक आधार कार्ड संख्या पर समस्त फसल ऋण खातो की एकजाई सूची पोर्टल पर उपलब्ध होगी। पोर्टल पर ग्रामवार एवं शाखावार सूची उपलब्ध होगी। कृषक द्वारा स्वयं ऑनलाईन आवेदन किये जाने का योजना में प्रावधान नही हैं, चूंकि समस्त आवेदन पत्र ऑफ लाईन प्राप्त किये जाने है।
    प्राप्त आफ लाईन आवेदनो की डाटा एंट्री का कार्य पोर्टल पर 26 जनवरी 2019 से किया जायेगा। 15 जनवरी से प्राप्त होने वाले आवेदनो का परीक्षण कर आन लाईन एंट्री किया जाना भी प्रस्तावित है। गुलाबी आवेदन पत्र के निराकरण के लिए समय सीमा निर्धारित नही है। फिर भी शीघ्र ही बैंक शाखा द्वारा निराकरण कर पात्र पाए गये प्रकरणों को अनुशंसा सहित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति में 31 मार्च 2019 तक भेजा जायेगा। ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र अथवा किसान सम्मान पत्र उन्हीं किसानो के बनाये जायेंगे एवं वितरित किये जायेंगे जिनके फसल ऋण खाते में 2 हजार रूपए या उससे अधिक की राशि समायोजित की गई है।
(38 days ago)
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