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जिले में गौ-शाला परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन होगा - कलेक्टर
जिला स्तरीय गौ-शाला परियोजना समिति की बैठक सम्पन्न
दतिया | 11-फरवरी-2019
 
 
     राज्य शासन द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौ-वंश की देखरेख के लिए गौ-शालाओं का निर्माण पंचायत स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में प्रदेश में एक हजार गौ-शालाओं का निर्माण चयनित पंचायतों में किया जायेगा। दतिया जिले में भी प्रथम स्तर पर विकासखण्ड़ों में गौ-शालायें खोली जायेगी। इस संबंध में जिला स्तरीय गौ-शाला परियोजना समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर श्री आरपीएस जादौन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सदस्य, सचिव श्री आशीष भार्गव, संयुक्त कलेक्टर श्री विवेक रघुवंशी, उप संचालक पशु चिकित्सा श्री केजी द्विवेदी सहसचिव के अलावा, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उपमहाप्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी, उप संचालक कृषि, सहायक संचालक उद्यानिकी तथा जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन व अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। दतिया में 13 हजार 751 निराश्रत गैवंश चिन्हित किए गए है। जिनके लिए 30 गौ-शालायें खोलने का लक्ष्य शासन द्वारा दिया गया है।
    बैठक में कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए कि आजीविका मिशन द्वारा गठित समूहों को गौ-शालाओं के संचालन की जिम्मेदारी के लिए उनका सम्मेलन आयोजित किया जाये और उसमें से जो अच्छे और सक्षम समूह है उन्हें जिम्मेदारी दी जाए। बैठक में तहसील स्तरीय गौ-शाला परियोजना क्रियानवयन समिति गठित की गई।
    समिति को जो मुख्य जिम्मेदारी दी गई है उसमें निराश्रित गौ-वंश की जानकारी, गौ-शालाओं के निर्माण के लिए स्थल का चयन, इच्छुक संस्थाओं से अभीरूचि प्राप्त करना, गौ-शालाओं के लिए डीपाआर तैयार करना प्रमुख कार्य है। गौ-शालाओं का निर्माण पंचायतों द्वारा कराया जायेगा और समिति निर्माण की गुणवत्ता देखेगी। गौ-शालाओं के संचालन एवं सतत् निगरानी अनुविभागीय स्तर पर की जायेगी। गौ-शाला संचालन के लिए जिन व्यक्तियों और संस्थाओं को प्राथमिकता दी जायेगी उनमें आजीविका मिशन, स्वयं सेवी संस्था प्रमुख है। गौ-शाला के स्थान की आसपास की पंचायतों तथा नगरीय क्षेत्र के गौवंश को भी आश्रय दिया जायेगा। 100 गौवंश के लिए एक एकड़ भूमि आवश्यक होगी और कम से कम 5 एकड़ भूमि चारागाह विकास के लिए आवश्यक होगी।
(5 days ago)
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