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मतदान दलों के पीठासीन व मतदान अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण (लोकसभा निर्वाचन-2019)
प्रशिक्षण के प्रथम दिन कलेक्टर डॉ. पाण्डेय ने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को दिए निर्देश, दृष्टिहीनों की सुविधा के लिए हर बटन के सामने अब ब्रेल लिपि में भी दर्शाया जाएगा
देवास | 09-अप्रैल-2019
 
   आप सभी मतदान की बारीकियों को अच्छी तरह से समझ लें। कोई भी शंका हो तो मास्टर ट्रेनरों से चर्चा कर उसका निराकरण कर लें। निर्वाचन एक बड़ी चुनौती है, लेकिन उसे अच्छी तरह से समझ लेंगे तो यह सुगम हो जाएगी। उक्त निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने मंगलवार को शासकीय नवीन विज्ञान महाविद्यालय में मतदान दलों के पीठासीन व मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण के प्रथम दिन कही। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी, मास्टर ट्रेनर डॉ. समीरा नईम एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
   प्रशिक्षण में कलेक्टर डॉ. पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मतदान प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लें। ईवीएम व वीपीपेट मशीन को संचालित कर देख लें और यदि कोई कठिनाई तो इसका निवारण भी कर लें। प्रशिक्षण के दौरान मतदान संबंधी प्रक्रिया को बारीकी से समझाया गया। पीठासीन अधिकारी व मतदान अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि पीठासीन अधिकारी मतदान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उत्तरदायी होगा। मतदान केंद्र पर नियंत्रण व अनुशासन बनाकर रखेगा। मतदान केंद्र के 100 मीटर व 200 मीटर दायरे की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। सेक्टर अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी से सतत संपर्क बनाकर रखेगा।
   मतदान अधिकारी क्रमांक-1 के पास चिंहित प्रति रहेगी। वे मतदाता का नाम पुकारेंगे व पहचान सुनिश्चित करेंगे। मतदान अधिकारी क्रमांक-2 के पास प्रारूप 17 (क) में रजिस्टर रहेगा, जिसमें वह मतदाता की विभिन्न इंट्रियां करेगा तथा हस्ताक्षर/अंगूठा का निशान लेगा। मतदाता को पर्ची बनाकर देंगे तथा बाएं हाथी अंगुली में स्याही लगाएंगे। मतदान अधिकारी क्रमांक-3 कंट्रोल यूनिट का प्रभारी होगा, वह मतदाता पर्ची एकत्रित करेगा तथा कंट्रोल यूनिट से बटन दबाकर बैलेट इश्यू करेगा।
मॉकपोल मतदान से एक घंटे पूर्व शुरू होगा
   मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण में बताया कि मॉकपोल मतदान से एक घंटे पूर्व शुरू होगा। मॉकपोल मतदान अभिकर्ताओं से समक्ष किया जाएगा। यदि मतदान अभिकर्ता समय पर नहीं पहुंचते हैं तो पीठासीन अधिकारी अधिकतम 10 मिनिट तक इंतजार करेंगे। उसके बाद मॉकपोल की कार्यवाही की जाएगी। मॉकपोल के प्रारंभ में वीवीपेट का ड्रापबॉक्स खाली है को दिखाया जाएगा। उसके बाद सभी अभ्यर्थियों व नोटा सहित कम से कम 50 मत अभिकर्ताओं से डलवाए जाएंगे तथा डाले गए मतों को नोट भी किया जाएगा कि किस अभ्यर्थी को मॉकपोल में कितने मत डाले गए हैं। मॉकपोल में मत डालने के बाद ड्राप बाक्स से पर्चियां निकाली जाएंगी, जिनमें सात पर्चियां डायग्नोस्टिक होंगी। इनको नहीं गिना जाएगा। फिर शेष पर्चियां अभ्यर्थीवार जमा ली जाएंगी और उनको गिनकर नोट किए गए मतों से मिलान किया जाएगा। इसके बाद कंट्रोल यूनिट की क्लोज बटन दबाकर रिजल्ट देखा जाएगा, जो क्रम से अभ्यर्थीवार प्रदर्शित होगा। फिर कंट्रोल यूनिट पर प्रदर्शित रिजल्ट को मत पर्चियों से मिलान किया जाएगा। इस प्रकार मॉकपोल की प्रक्रिया पूरी होगी।
ईवीएम को ऑपरेट कर सिखाया
   रिजल्ट के बाद मशीन को क्लीयर किया जाएगा और देखा जाएगा कि अभ्यर्थियों के आगे शून्य-शून्य प्रदर्शित हो रहा है। इसके बाद मशीन को स्वीच ऑफ कर विधिवत सील किया जाएगा। मशीन को सील करने के उपरांत उसे स्वीच ऑन कर वास्तविक मतदान प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण में ईवीएम मशीन को सील करने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई। इसके अलावा कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट तथा वीवीपेट का आपसी संयोजन भी सिखाया गया। ईवीएम मशीन को पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी क्रमांक-1 से ऑपरेट कराकर भी प्रेक्टिकली सिखाया गया।
शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी दिया गया प्रशिक्षण
    इसके अलावा जिला मुख्यालय पर शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यहां मास्टर ट्रेनर डॉ. एसपीएस राणा तथा डॉ. अजय काले ने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर ब्रेल लिपि एक्सपर्ट श्रीमती शारदा महाजन ने भी ब्रेल लिपि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि दृष्टिहीन मतदाताओं की सुविधाओं के लिए बैलेट यूनिट हर बटन के सामने ब्रेल लिपि में लिखा हुआ है। इसके माध्यम से दृष्टिहीन मतदाता ब्रेल लिपि में लिखा हुआ आसानी से पढ़ लेंगे।
22 अप्रैल 2019 तक चलेगा
   उल्लेखनीय है कि लोकसभा निर्वाचन-2019 के लिए पीठासीन व मतदान अधिकारियों का मंगलवार 9 अप्रैल 2019 से विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण विभिन्न तारीखों के होगा तथा 22 अप्रैल तक जारी रहेगा। प्रशिक्षण प्रात: 11.30 बजे से सायं 5 बजे तक होगा। जिले में कुल 6882 अधिकारियों को पीठासीन व मतदान अधिकारी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण एक कक्ष में 40 से 50 अधिकारियों के ग्रुप में दिया जाएगा।
   कन्नौद में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कन्नौद में, खातेगांव में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय खातेगांव, देवास में शासकीय कन्या महाविद्यालय देवास तथा शासकीय नवीन विज्ञान महाविद्यालय देवास, बागली में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बागली, सोनकच्छ में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सोनकच्छ तथा टोंकखुर्द में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय टोंकखुर्द में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर प्रशिक्षण हेतु 6-6 कक्ष निर्धारित किए गए हैं तथा मास्टर ट्रेनर नियुक्त कर दिए गए हैं।
(102 days ago)
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