समाचार
|| उपलब्ध जल का अपव्यय ना किया जाए || जिले में संचालित समस्त शैक्षणिक कोचिंग संस्थान की जांच हेतु दल गठित || पॉक्सो एक्ट : बच्चों को सुरक्षा की गारंटी || विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर जन-जागृति कार्यक्रम होंगे || पॉक्सो एक्ट : बच्चों को सुरक्षा की गारंटी || राजस्व अधिकारियों की बैठक 31 को || नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए प्रशिक्षण 3-4 जून को || आगामी नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई को || अशासकीय स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश हेतु ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि 29 मई || समय सीमा के प्रकरणों की समीक्षा सोमवार को
अन्य ख़बरें
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति लायें, अन्यथा होगी कार्यवाही - कलेक्टर श्री गढ़पाले
-
खण्डवा | 11-अप्रैल-2019
 
   
    स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए दोनों विभागों के सुपरवाइजर्स व विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी अपने अपने क्षेत्र के ग्रामों का अधिकाधिक दौरा करें। विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व परियोजना अधिकारी अपने सेक्टर स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लें। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी जिला मुख्यालय पर बैठकें लेने के स्थान पर विकासखण्ड व सेक्टर मुख्यालय पर बैठकें आयोजित करें और आंगनवाड़ी तथा स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें, ताकि ग्रामीणों को अस्पताल व आंगनवाड़ी में बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सके। यह निर्देश कलेक्टर श्री विशेष गढ़पाले ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक में दिए। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी प्रकट की तथा लोकसभा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर जाने पर उनके विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती अंशुबाला मसीह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. सेठिया सहित दोनों स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के विकासखण्ड व सेक्टर स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।
    बैठक में कलेक्टर श्री गढ़पाले ने दोनो विभागों के फील्ड स्टॉफ को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव शत्प्रतिशत हो यह प्रयास करें। इसके बावजूद यदि घर पर कोई डिलेवरी होती है तो उसके 24 घंटे की समय सीमा में प्रशिक्षित चिकित्सक या स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रसूता से सम्पर्क कर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करें एवं उसे आवश्यक परामर्श दें। स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री गढ़पाले ने महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के सभी सुपवाईजर से कहा किं सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धि में प्रगति नहीं आई तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी बीएमओ को उनके क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय समय पर भुगतान कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। कलेक्टर श्री गढ़पाले ने बैठक में कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में योग्य दम्पत्ति से नियमित काउंसलिंग की जावें और उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करें।
    कलेक्टर श्री गढ़पाले ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केन्द्र के सभी कुपोषित बच्चों का समय पर फॉलोअप किया जाये, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने बैठक में मातृ-मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर, कुष्ठ उन्मुलन कार्यक्रम, परिवार नियोजन कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती बच्चों की माताओं को दिए जाने वाला भुगतान, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना के तहत महिलाओं को समय पर भुगतान किया जायें, उसके बाद ही विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी व बीएमओ कार्यालय के लेखापाल का वेतन आहरित किया जाये। उन्होंने मूंदी के पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती बच्चों की माताओं का भुगतान समय पर न करने के कारण वहां के बीएमओ तथा लेखापाल की वेतन रोकने तथा वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंगोट स्वास्थ्य केन्द्र के लेब टेक्निशियन द्वारा अपने कर्त्तव्यों के प्रति लगातार लापरवाही बरतने की शिकायत पर उसे पद से पृथक करने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हरसूद , खालवा, रोशनी के पोषण पुनर्वास केन्द्रों की जानकारी की ऑनलाइन एन्ट्री समय पर नही की जा रही है, जिस पर कलेक्टर श्री गढ़पाले ने वहां के कम्प्यूटर ऑपरेटर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर श्री गढ़पाले ने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी पोषण पुनर्वास केन्द्रों व शासकीय छात्रावासों में बच्चों के लिए मच्छरदानी उपलब्ध करायें। बैठक में उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ियों से पोषण आहार वितरण की मॉनिटरिंग अब मोबाइल एप के माध्यम से होगी तथा जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्धारित समय पर खुलने व बंद होने तथा वहां प्रतिदिन पोषण आहार वितरण की जानकारी की मॉनिटरिंग की जायेगी।
(46 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2019जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer