समाचार
|| निपाह वायरस से बचाव के लिये स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी || प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के संधारण कार्य 30 जून तक पूर्ण करें- मंत्री श्री पटेल || वर्षा संबंधी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने नियंत्रण कक्ष स्थापित || मण्डी बोर्ड द्वारा छ: माह में 1155 हितग्राही को 9.56 करोड़ की राशि का प्रदाय || अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि में वृद्धि || सप्ताह में दो दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय में बैठेंगे पटवारी || म.प्र. अधिवक्ता सुरक्षा अध्यादेश राष्ट्रपति को प्रेषित || ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में शिकायत पर 10 कियोस्क सेंटर के विरुद्ध कार्यवाही || पाँचवा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को || पीईवी द्वारा आयोजित परीक्षा के लिये निःशुल्क परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित
अन्य ख़बरें
प्रशिक्षण में मतदान संबंधी सभी प्रक्रियाओं को बारीकी से समझ ले, कोई शंका हो तो समाधान भी कर ले
मतदान केंद्र पर शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न मतदान कराना पीठासीन अधिकारी का दायित्व, मॉकपोल मतदान प्रक्रिया का अहम हिस्सा, मॉकपोल के बाद सीआरसी करना जरूरी, कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने मतदान दलों के प्रशिक्षण में पीठासीन व मतदान अधिकारियों को दिए निर्देश
देवास | 06-मई-2019
 
 
     लोकसभा निर्वाचन-2019 के संबंध में सोमवार से मतदान दलों का द्वितीय प्रशिक्षण देवास, सोनकच्छ व बागली में प्रारंभ हुआ। मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण अलग-अलग कक्षों में 40 से 50 के समूह में दिया जा रहा है। सोमवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शीतला पटले ने सोनकच्छ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा देवास के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर सोनकच्छ में एसडीएम सोनकच्छ अंकिता जैन, एसडीओपी कुलवंत सिंह व अन्य अधिकारी भी उनके साथ थे।
    कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय ने प्रशिक्षण ले रहे पीठासीन व मतदान अधिकारियों से कहा कि वे पीठासीन व मतदान अधिकारियों के कर्तव्यों एवं मतदान की प्रक्रियाओं को अच्छी तरह से समझ ले। मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी को ही मतदान केंद्र पर निर्णय लेना होता है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर जाकर सबसे पहले मतदान संबंधी व्यवस्थाएं चेक कर लेवें। स्थानीय स्तर पर बीएलओ आपकी सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। कलेक्टर डॉ. पाण्डेय ने कहा कि शांतिपूर्ण व निर्विघ्न मतदान सम्पन्न कराना पीठासीन अधिकारी का दायित्व भी है और कर्तव्य भी। उन्होंने कहा कि पीठासीन व मतदान अधिकारी निर्वाचन आयोग के नवीन दिशा निर्देशों को भी समझ ले। इस बार लोकसभा निर्वाचन में मतदान का समय प्रात: 7 बजे से सायं 6 बजे तक रखा गया है। मतदाता को पहचान ‍के लिए ईपिक या आयोग द्वारा मान्य 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज लाना होगा, इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। मॉकपोल की प्रक्रिया एक घंटा पहले प्रात: 6 बजे से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मॉकपोल की प्रक्रिया मतदान का अहम हिस्सा है। मॉकपोल के बिना वास्तविक मतदान शुरू नहीं होगा। अपने मतदान केंद्र के एजेंटों को एक दिन पूर्व ही सूचित कर दे कि वे प्रात: 6 बजे मॉकपोल के समय उपस्थित रहें। कलेक्टर डॉ. पाण्डेय ने कहा कि मॉकपोल के बाद सीआरसी करना भी बहुत जरूरी है। इसका प्रमाण पत्र भी आप लोगों से लिया जाएगा।
    कलेक्टर डॉ. पाण्डेय ने मतदान अधिकारियों को माईक्रोऑब्जर्वर की भूमिका भी समझ लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर जाकर यह भी देख ले कि मतदान केंद्र पर किसी दल का निशान या फ्लेग आदि न हो। मतदान केंद्र पर वोटिंग कम्पाटमेंट, फर्नीचर, बिजली, ठंडे पानी, छाया, शौचालय, रैम्प, दो दरवाजें आदि भी देख ले  और सभी व्यवस्थाएं करा लें। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी कतार प्रबंधन को भी अच्छी तरह से समझ ले। पुरूष और महिला मतदाताओं की अलग-अलग कतार लगाएंगे किंतु दिव्यांग व बुजुर्गों को बिना कतार के मतदान की सुविधा देंगे। उन्होंने ईवीएम मशीन से मतदान की प्रक्रिया सीयू,बीयू, वीवीपेट में खराबी होने पर बदलने की प्रक्रिया, टेंडर वोट,टेस्ट वोट आदि के संबंध में पीठासीन व मतदान अधिकारियों से प्रश्न पूछे। उन्होंने मॉकपोल के संबंध में भी प्रश्न किए तथा सही उत्तर मिलने पर संतोष व्यक्त किया।
    पुलिस अधीक्षक श्री सोलंकी ने सामान्य व क्रिटिकल मतदान केंद्र तथा सुरक्षा प्रबंधों के संबंध में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जब मतदान सामग्री वितरित होने के समय मतदान दल के अधिकारी अपने मतदान केंद्र के बारे में यह सुनिश्चित कर लें कि उनका मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी में है या सामान्य श्रेणी में हैं। सामान्य व क्रिटिकल मतदान केंद्रों के लिए अलग-अलग सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी प्रात: 6.30 बजे तक मॉकपोल की प्रक्रिया पूर्ण कर ले ताकि सभी जगह प्रात: 7 बजे से मतदान प्रारंभ हो सके। प्रशिक्षण में बताई जा रही बातों को नोट भी करने के निर्देश दिए ताकि किसी तरह की शंका न रहे। मतदान के अंतिम समय में मतदाताओं को उलटे क्रम में पर्चियां बांटने व मतदान की समाप्ति के बाद सुरक्षित जीपीएस लगे वाहनों से ही सामग्री प्राप्ति स्थल तक आने हेतु निर्देशित किया।
(44 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2019जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer