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वार्डवार स्वच्छता के कठिन व सरल कार्यों को करें अलग-अलग - कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी
स्वच्छता सर्वेक्षण लीग 2020 की तैयारियों को लेकर कार्यशाला
ग्वालियर | 15-मई-2019
 
   
 
    स्वच्छता के क्षेत्र में 59वें नम्बर पर आना दर्शाता है कि हम नम्बर-1 की रेस में ही नहीं थे, हमें अव्वल आना है तो फिर योजना बनाकर कार्य करना होगा। जिस प्रकार परीक्षा में हम पहले आसान प्रश्नों को हल करते हैं फिर कठिन प्रश्न में उलझते हैं, उसी प्रकार सभी वार्डों में कठिन टास्क एवं आसान टास्क को अलग-अलग करें और पहले आसान कार्य को पूर्ण करें और फिर योजना बनाकर आवश्यक संसाधनों से कठिन कार्य को भी पूर्ण करें। तभी हम स्वच्छता की इस प्रतियोगिता में अव्वल आने के लिए लड पाएंगे। उक्ताशय के निर्देश कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने बुधवार को नगर निगम ग्वालियर द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण लीग 2020 के तहत सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, वार्ड स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वच्छता मित्रों के लिए आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों को दिए।
    बाल भवन स्थित सभागार में आयोजित कार्यशाला में नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन, अपर आयुक्त श्री नरोत्तम भार्गव, श्री राजेश श्रीवास्तव, उपायुक्त श्री देवेन्द्र सुन्दरियाल, नोडल अधिकारी एसबीएम श्री प्रदीप चतुर्वेदी, श्री श्रीकांत कांटे, श्री पवन सिंघल, स्वास्थ्य अधिकारी श्री आनन्द कुमार, ईकोग्रीन कंपनी की ओर से श्री आशीष कुमार, आईटी प्रभारी श्री नागेन्द्र सक्सैना सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    कार्यशाला के दौरान कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने 3 वार्डों के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी एवं वार्ड स्वास्थ्य अधिकारियों से चर्चा की तथा उनसे जानकारी ली कि अपने अपने वार्ड के स्वच्छता को लेकर 3 ऐसे कार्य बताएं जिसमें एक सबसे कठिन हो जो आपके स्तर से पूर्ण नहीं हो पा रहा हो तथा दूसरा ऐसा कार्य जो कि थोडी मेहनत करने के बाद पूर्ण हो सकता हो एवं तीसरा ऐसा जो कि थोडे से प्रयास से ही पूर्ण हो सकता है। जिसको लेकर सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री गौरव सेन ने वार्ड 16 एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री किशोर चौहान ने वार्ड 29 के बारे में जानकारियां दीं।
    इसके बाद कलेक्टर श्री अनुराग चौधरी ने अपर आयुक्त श्री नरोत्तम भार्गव को निर्देश दिए कि सभी 66 वार्डों से ऐसे ही 3-3 कार्य जिसमें सबसे कठिन, मीडियम एवं आसान कार्यों की स्लाइड का प्रजेन्टेशन बनाकर 15 दिवस बाद मैं पुनः अधिकारियों की बैठक लूंगा तब प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि हमें 59वें नम्बर पर नहीं आना है, इसलिए पूरा अमला कार्ययोजना बनाकर कार्य करे जिससे हम स्वच्छता में उच्च रैंक प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूल के बच्चों को भी इस अभियान में जोडकर उन्हें असाइनमेंट दें कि वह अपने क्षेत्र के 10-10 घरों में जाकर जानकारी एकत्र करें। उन्होंने कहा कि कठिन टास्क पर निगम का अमला जाकर बडे-बडे लोगों पर कार्यवाही करें और उस कार्यवाही को पूरे अंजाम तक पंहुचाएं।
    कार्यशाला का संचालन उपायुक्त श्री देवेन्द्र सुन्दरियाल ने किया। श्री सुन्दरियाल ने कार्यशाला के मुख्य बिन्दुओं की जानकारी दी तथा निगम अमले को जो कार्य करने हैं उनके बारे में बताया। उन्होंने कचरा संग्रहण वाहनों की रूट प्लानिंग, गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने का मासिक लक्ष्य, सूखा एवं गीला कचरा अलग अलग कर संग्रहण करना, एम.आई.एस. की जानकारी प्रत्येक वार्ड वार लेना, आई.ई.सी. एक्टविटी प्रत्येक वार्ड स्तर पर, स्वच्छता एप पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा, बायोमैट्रिक उपस्थिति का प्रभाव एवं समस्यायें, घरों से निकलने वाले जेविक कचरे से खाद बनाने की विधियां, कचरे की ठीयों का सौन्दर्यीकरण करने का उपाय, स्वच्छता मित्रों का प्रतिमाह स्वास्थ्य परिक्षण, स्वच्छता के क्षेत्र में स्वयंसेवी संगठनों का महत्व, स्वच्छता मित्रों का ड्रेसकोड, डब्लू.एच.ओ. एवं सफाई मित्रों की समस्याओं के निराकरण के लिए सेल का गठन करना एवं स्वच्छता हेतु प्रशिक्षण सहित अन्य बिन्दुओं पर जानकारी दी।
    ईकोग्रीन कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर श्री आशीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ईकोग्रीन द्वारा घर घर से कचरा एकत्र करने का कार्य किया जा रहा है। अभी कुछ वार्डों में हो रहा है आने वाले समय में सभी वार्डों में करेगें। उन्होंने बताया कि अभी हम जिन वार्डो में कचरा एकत्र कर रहे हैं उनमें से 6 वार्डों को आर्दश वार्ड बनाकर आईईसी के कार्यक्रम कर रहे हैं जिसमें लोगों को सूखा कचरा व गीला कचरा अलग अलग कर देने के लिए जागरुक कर रहे हैं। इसके साथ ही कचरा निगम के वाहन में ही डालें इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा अभी इंदौर की तर्ज पर कुछ वाहन मंगा लिए गए है तथा आगे भी जो वाहन आएंगे वह भी इसी प्रकार आएंगे। वहीं अन्य वार्डों में भी आईईसी के कार्यक्रम चलाएंगे। इसके साथ ही सभी वाहनों की मानीटरिंग के लिए कंट्रोल रुम भी बनाया जा रहा है।
    कार्यशाला के दौरान नोडल अधिकारी श्री प्रदीप चतुर्वेदी ने ओडीएफ प्लस मिशन को लेकर चर्चा करते हुए सार्वजनिक शौचालयों, सामुदायिक शौचालयों एवं व्यक्तिगत शौचालयों को लेकर जानकारी दी तथा उन्होंने बताया कि सभी शौचालयों की नियमित साफ सफाई एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारा कार्य है तथा इसके लिए हमें कार्य करना होगा। इस दौरान आईटी प्रभारी श्री नागेन्द्र सक्सैना ने बायोमैट्रिक अडेन्डेंस को लेकर आ रही समस्याओं का समाधान किया तथा स्वच्छता एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी और स्वच्छता एप सभी से डाउनलोड करवाया।
अगले महीने से प्रत्येक वार्ड की होगी स्वच्छता रैंकिंग - निगमायुक्त
    कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने कहा कि स्वच्छता का यह कार्य अब वर्ष भर चलना है तथा इसके परिणाम भी दिखने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर प्रभावी कार्यवाही के लिए प्रत्येक वार्ड में एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को पदस्थ किया गया है जो कि पूरी मानीटरिंग करेगा एवं वार्ड में स्वच्छता के कार्य को तेजी से अंजाम देगा। इसके बाद प्रत्येक वार्ड की भी रैंकिंग की जाएगी जिससे पता चल सकेगा कि कौन अधिकारी अच्छा कार्य कर रहा है कौन लापरवाह है। इसके साथ ही यह अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेगें कि उनके वार्ड में नागरिकों द्वारा सूखा कचरा व गीला कचरा अलग अलग करके दिया जा रहा है या नहीं।
    निगमायुक्त श्री माकिन ने बताया कि शहर में लगभग 250 कचरे ठिए खत्म किए गए हैं तथा मुख्य मार्गों के कचरा ठियों को सेल्फी प्वॉइंट बनाया जा रहा है। इसके साथ ही कचरा संग्रहण वाहनों के रुट निर्धारित किए जा रहे हैं जिससे एक वाहन एक बार में कम से कम 200 घरों से कचरा ले और दिन भर में ऐसे चार चक्कर लगाए। वहीं इसके लिए वाहनों की जीपीएस के माध्यम से मानीटरिंग भी की जाएगी।
हम सभी सेवा भाव से करें स्वच्छता का कार्य - अपर  आयुक्त
    कार्यशाला के प्रारंभ में अपर आयुक्त श्री नरोत्तम भार्गव ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन वाडों में कार्य करने वाले वार्ड स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वच्छता मित्रों से चर्चा करने, उन्हें आवश्यक जानकारियां देने एवं उनके सुझाव लेने के लिए किया गया है, आगे भी नियमित रुप से इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजित किया जाता रहेगा, जिससे कार्य करने वाले अमले के साथ बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
    अपर आयुक्त श्री नरोत्तम भार्गव ने कहा कि हम सभी सेवा का कार्य कर रहे हैं स्वच्छता एक बहुत ही बडी सेवा है, इसलिए हम सभी के मन में हमेशा यह भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता प्रत्येक शहरवासी का दायित्व है लेकिन इसके लिए हम सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं क्योंकि हम जब आगे आएंगे तभी शहर के लोग भी आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति में आने वाली परेशानी एवं वेतन व अन्य संसाधनों से संबंधित जो भी समस्याएं हैं उनके निराकरण के लिए हम तेजी से कार्य कर रहे हैं तथा हमारा भी यही प्रयास रहता है कि हमारे कर्मचारियों को किसी प्रकार की समस्या न हो तो वह और भी बेहतर तरीके से कार्य कर सकता है।
    अपर आयुक्त श्री भार्गव ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण का अभियान अभी केवल दो-तीन महीने ही चलता था लेकिन अब इसे 3 चरणों में चलाया जा रहा है जो कि पूरे वर्ष भर चलेगा और सर्वेक्षण जनवरी में ही होगा। उन्होंने कहा कि एक चरण अप्रैल से जून तथा दूसरा चरण जुलाई से सितम्बर एवं तीसरा चरण अक्टूबर से दिसंबर तक होगा तथा प्रत्येक चरण के अलग अलग नम्बर होगें जो कि सर्वेक्षण में जुडेगें। इसलिए हम सभी को लगातार मिलकर कार्य करना है और ग्वालियर को सबसे स्वच्छ शहर बनाना है। उन्होंने बताया कि कचरा संग्रहण वाहन लोगों के घरों तक समय से पंहुचेगा तो कचरा सडक पर आएगा ही नहीं तथा हमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को घरेलू जैविक कचरे से खाद बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
घर के किचिन से निकलने वाले कचरे से बना सकते हैं जैविक खाद
    कार्यशाला के दौरान सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ.ओपी अग्रवाल ने घर घर में निकलने वाले सब्जी या खाद्य सामाग्री के कचरे से जैविक खाद बनाने की जानकारी दी तथा बताया कि इससे हम जहां घर के कचरे का सही ढंग से निष्पादन कर सकते हैं वहीं घर में गार्डनिंग या गमलों के लिए अच्छी खाद तैयार कर सकते हैं। डॉ.अग्रवाल ने बताया कि घर में हम 3 विधियों से जैविक खाद बना सकते हैं।
(4 days ago)
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