समाचार
|| स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर में की समीक्षा || अलर्ट : "चमकी बुखार" सावधानी ही दूसरा उपचार है || 3 सौ 32 लोगों ने जन सुनवाई में कलेक्टर को सुनाई अपनी समस्याएं || राज्य एवं जिला स्तर पर कर्मचारियों के स्थानांतरण हेतु आन लाईन समय सारणी जारी || ग्राम पंचायतें बनायें पानी का बजट - ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल || यात्री वाहनों के अनुज्ञा-पत्रों की समीक्षा और सुझाव के लिये समिति गठित || क्षमतावान युवा पीढ़ी को तैयार करना कोर्स का उद्देश्य - महिला बाल विकास मंत्री || अब 21 प्रकार की दिव्यांगतायें शामिल जिला मेडिकल बोर्ड बनायेगा दिव्यांगता प्रमाण-पत्र || सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना से मिल रहे हैं अच्छे अवसर || श्री एम. सेलवेन्द्रन सचिव मुख्यमंत्री पदस्थ
अन्य ख़बरें
किसानों के हित में सरकार का बड़ा कदम
मंडियों में उपज विक्रय पर उसी दिन दो लाख तक नगद भुगतान के निर्देश
भिण्ड | 30-मई-2019
 
   
    प्रदेश के किसानों के हित में राज्य शासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों को कृषि उपज मंडियों में उपज विक्रय करने पर उसी दिन अधिकतम दो लाख रुपये का नगद भुगतान तथा इससे अधिक मूल्य होने पर शेष राशि बैंक ट्रांसफर से भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। प्रबंध संचालक-सह-आयुक्त म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा संयुक्त संचालक/उप संचालक, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, आंचलिक कार्यालय (समस्त) तथा भारसाधक अधिकारी/सचिव, कृषि उपज मंडी समिति को यह निर्देश आज जारी किये गये।
    उल्लेखनीय है कि शासन स्तर पर ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि आयकर अधिनियम के सामान्य भुगतान नियम का हवाला देते हुए मात्र 10 हजार रुपये तक ही नगद भुगतान किया जा रहा है। कुछ व्यापारियों द्वारा आयकर अधिनियम की आड़ लेकर नगद भुगतान न कर किसानों से उधारी की जाती है और खरीदी गई उपज आगे बेचकर राशि प्राप्त होने पर ही कृषकों को भुगतान किया जाता है। आयकर नियम-1961 की धाराओं के अंतर्गत किसानों/उत्पादकों द्वारा बेची गई कृषि उपज पर रुपये दो लाख तक अधिकतम 1,99,999/- नगद भुगतान पर पूर्ण छूट है। यह भुगतान प्राप्त करने पर कृषकों को उनका पेनकार्ड अथवा फार्म नम्बर-60 भेजने की कोई आवश्यकता नहीं है। कृषि उपज मंडी अधिनियम धारा-37 (2) के अनुसार मंडी प्रांगण में खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान विक्रेता को उसी दिन मंडी प्रांगण में किया जाना जरूरी है। उसी दिन भुगतान नहीं होने की स्थिति में इसी धारा में विक्रेता को देय राशि के एक प्रतिशत रोजाना की दर से अतिरिक्त भुगतान 5 दिवस में करने का प्रावधान है। साथ ही इस अतिरिक्त अवधि में भुगतान का व्यतिक्रम होने पर मंडी अधिनियम की इसी धारा में क्रेता व्यापारी की अनुज्ञप्ति छठे दिन स्वतरू रद्द मानी जायेगी। मंडी सचिव अनुज्ञा पत्र जारी करने के पूर्व यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों का भुगतान हो चुका है।
    यदि कोई लाइसेंसी व्यापारी अधिनियम के निर्देशों का पूर्ण परिपालन नहीं करता है तो उसके क्रय-विक्रय को रोके जाने तथा लायसेंस रद्द करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। जारी निर्देशों में उल्लेख है कि अनुज्ञप्तिधारी प्रोसेसिंग प्लांट, एकल अनुज्ञप्ति/विशिष्ट अनुज्ञप्ति क्रय केन्द्र, जहाँ पर कृषि उपज क्रय मात्रा एवं दैनिक भुगतान की मात्रा अत्यधिक रहती है और इस वजह से 2 लाख रुपये नगद भुगतान व्यवस्था संभव नहीं है, क्रय दिवस में अधिकतम संभव नगद भुगतान किया जायेगा। शेष भुगतान उसी दिन आरटीजीएस/ एनईएफटी आदि से कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
    इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों से उद्घोषणा के निर्देश भी दिये गये हैं। किसानों की भुगतान संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिये मंडी सचिव एवं प्रांगण प्रभारी, भुगतान प्रभारी के नाम और मोबाइल नम्बर भी सहज रूप से दिख जाने वाले स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा गया है।
(26 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2019जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer