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21-22 जून को सूर्य की किरणें लम्बवत होने के कारण परछाई शून्य हो जायेगी
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उज्जैन | 19-जून-2019
 
   
     पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिभ्रमण के कारण सूर्य 21-22 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क रेखा पर लम्बवत होता है। कर्क रेखा की स्थिति 23 डिग्री 26 मिनिट उत्तरी अक्षांश पर है और शुक्रवार 21 जून को सूर्य की क्रान्ति 23 डिग्री 26 मिनिट 3 सेकेण्ड उत्तर एवं 22 जून को सूर्य की क्रान्ति 23 डिग्री 26 मिनिट 7 सेकेण्ड उत्तर होगी। इस प्रकार इस वर्ष सूर्य की चरम स्थिति 22 जून को रहेगी। उज्जैन कर्क रेखा के नजदीक स्थित है, इसलिये 21 एवं 22 जून को दोपहर 12 बजकर 28 मिनिट पर सूर्य की किरणों लम्बवत होने के कारण परछाई शून्य हो जायेगी। इस कारण इस वर्ष हम इस खगोलीय नजारे को दोनों दिन देख सकेंगे। यंत्र महल मार्ग शासकीय जीवाजी वेधशाला में इस खगोलीय घटना को शंकु यंत्र के माध्यम से प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। हमें 12 बजकर 28 मिनिट पर शंकु की परछाई नहीं दिखेगी।
दिन धीरे-धीरे छोटे होंगे
    शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रकाश गुप्त ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 21 जून को सूर्य अपने अधिकतम उत्तरी बिन्दु कर्क रेखा पर होने के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे बड़ा तथा रात्रि सबसे छोटी होती है। 21 जून के बाद दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे और 23 सितम्बर को दिन-रात बराबर होंगे। 21-22 जून को उज्जैन में सूर्योदय प्रात: 5.42 पर तथा सूर्यास्त शाम 7.16 पर होगा। इस प्रकार दिन सबसे बड़ा 13 घंटे 34 मिनिट तथा रात्रि 10 घंटे 26 मिनिट की होगी। 22 जून के बाद सूर्य की दक्षिण की ओर गति प्रारम्भ हो जायेगी। इसे दक्षिणायन का प्रारम्भ कहते हैं। वेधशाला में इस खगोलीय घटना को दिखाने की व्यवस्था की गई है। धूप होने पर दोपहर 12 बजकर 28 मिनिट पर शंकु यंत्र के माध्यम से परछाई को गायब होते प्रत्यक्ष देख सकते हैं।
(35 days ago)
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