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राज्य खाद्य आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा
खाद्य सुरक्षा योजनाओं को प्राथमिकता में रखकर शिकायतों पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई के निर्देश, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यांहन भोजन तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार वितरण की समीक्षा
देवास | 28-जून-2019
 
   राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री आरके स्वाई की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में खाद्य सुरक्षा संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई।  पहले चरण में आयोग द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में सुझाव व फीडबैक लिया। वहीं दूसरे चरण में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद्य सुरक्षा योजनाओं विशेषकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली, स्कूलों में मध्यांहन भोजन वितरण तथा आंगनवाड़ी केंद्रों  में बच्चों को पोषण आहार वितरण से संबंधित गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
   बैठक में राज्य खाद्य आयोग के सदस्य श्री किशोर खंडेलवाल व स्नेहलता उपाध्याय भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में विधायक बागली पहाड़ सिंह कन्नौजे, जनपद अध्यक्षगण, विधायक प्रतिनिधिगण व अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। अधिकारियों के साथ बैठक में कलेक्टर डॉ. श्रीकान्त पाण्डेय विशेष रूप से मौजूद थे। उनके अलावा खाद्य, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, सहकारिता, मध्यांहन भोजन के प्रभारी जिला अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
   बैठक में राज्य खाद्य आयोग के सदस्य श्री स्वाई ने जिला, ब्लॉक व उचित मूल्य की दुकान स्तर पर समितियों के पुर्नगठन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाए तथा समितियों को सक्रिय किया जाए। बैठक में निगरानी समितियों के अध्यक्षों के नाम व मोबाइल नंबर दुकानों पर प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए गए। दुकानों पर टोल फ्री नंबर, सहायक आपूर्ति अधिकारी के नाम व मोबाइल नंबर, मूल्य सूची के साथ ही उन स्व सहायता समूह के नाम भी लिखवाने हेतु कहा, जिनको दुकान से खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। हितग्राहियों के नाम हिन्दी लिपि में प्रदर्शित करने हेतु भी निर्देशित किया। अधिकारियों को कहा गया कि वे जब भी उचित मूल्य की दुकान का निरीक्षण करे, निरीक्षण पुस्तिका में टीप अवश्य लिखें। पिछले छ: माह में निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के संबंध में जानकारी ली। बैठक में लाभांवित होने वाले प्राथमिकता परिवार व अंत्योदय परिवार की स्थितियों की जानकारी ली गई। बताया गया कि जिले में 68 प्रतिशत परिवारों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कवर किया गया है। वर्तमान स्थिति में 2 लाख 7 हजार 176 परिवारों को लाभांवित किया जा रहा है।  योजना के तहत 80 प्रतिशत हितग्राहियों की आधार सीडिंग की जा चुकी है।
   बैठक में बताया गया कि पीओएस मशीन से हितग्राहियों को खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। बैठक में ऐसे हितग्राहियों की जानकारी भी ली गई, जिन्होंने पिछले 4 माह में खाद्यान्न नहीं लिया है। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने जिला आपूर्ति अधिकारी को ऐसे परिवारों को चिंहित करने के निर्देश दिए जिन्होंने पिछले 4 माह से लगातार खाद्यान्न प्राप्त नहीं किया है। उन्होंने  खाद्यान्न प्राप्त न करने वालों को हटाने तथा जरूरतमंदों को जोड़ने का सुझाव दिया।
   बैठक में दुकान विहीन पंचायतों में मुहिम चलाकर दुकान चालू करने हेतु प्रयास करने तथा एनआरएलएम के साथ बैठक कर स्व सहायता समूहों को दुकानों से जोड़ने के निर्देश दिए। दो या दो से अधिक दुकानों को संचालित करने वाले विक्रेताओं की भी जानकारी ली तथा सहकारिता विभाग को विक्रेताओं की नियुक्ति हेतु पत्र लिखने के लिए सुझाव दिया। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण आहार वितरण की समीक्षा की गई। आंगनवाड़ी केंद्र विहीन गांवों की जानकारी देने तथा ऐसे गांवों में पोषण आहार की व्यवस्था के संबंध में पूछताछ की। विद्युत विहीन आंगनवाड़ी केंद्र के साथ ही पेयजल व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने आंगनवाड़ी केंद्रों में नाश्ता, भोजन तथा थर्ड मील के मीनू व समय के संबंध में पूछताछ की तथा निर्देश दिए कि नाश्ता और भोजन अलग-अलग समय पर वितरित हों। एनआरसी केंद्रों में कुपोषित बच्चों के उपचार व उसके बाद फॉलोअप की स्थिति की समीक्षा की। ऐसे बच्चों को गोद लेने को प्रेरित करने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।
   बैठक में शालाओं में मध्यांहन भोजन वितरण की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में 2 हजार 75 स्कूलों में मध्यांहन भोजन संचालित है। 1503 स्व सहायता समूहों को इस योजना से जोड़ा गया है। बताया गया कि जिले में छात्राओं की संख्या के अनुपात में रसोईयों की नियुक्ति की गई है तथा मध्यांहन भोजन वितरित न होने की स्थिति कहीं नहीं पाई गई। राज्य आयोग के अध्यक्ष श्री स्वाई ने ऐसा विकासखंड जिसमें सबसे कम प्रतिशत छात्रों को मध्यांहन भोजन वितरित किया गया और उसका कारण क्या रहा,‍की जानकारी देने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने पिछले 4 माह में कितने बेसहारा एवं अत्यंत निर्धन व्यक्तियों को मध्यांहन भोजन खिलाया गया, के संबंध में पूछताछ की तथा निर्देश दिए कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि जरूरतमंद बेसहारा व निर्धन व्यक्ति मध्यांहन भोजन योजना का लाभ उठा सके। बैठक में प्राथमिक शाला व आंगनवाड़ी केंद्रों में फ्लेवर युक्त दुग्ध वितरण की भी समीक्षा की गई। शाला भवनों में निगरानी व सर्तकता समितियों के नाम व नंबर लिखवाने के निर्देश भी दिए।
(24 days ago)
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