समाचार
|| किसान भाईयों को अल्पवर्षा की वर्तमान स्थिति में सम सामयिक सलाह || बीस वर्ष की सेवा या पचास वर्ष की आयु पूरी कर चुके, अक्षम कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव भेजें || स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न || संभागायुक्त ने महिला उद्यमियों के लिए स्वीप आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की || पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा पाठ्यक्रमों के उन्नयन के प्रयास सराहनीय - मंत्री श्री शर्मा || राजनैतिक मामलों की मंत्रि-परिषद समिति पुनर्गठित || जिले में 267 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड || अशासकीय व्यक्तियों को शासकीय आवास आवंटन की समीक्षा होगी || बच्चों के लिए खून की व्यवस्था करने कलेक्टर ने ली सामाजिक संस्थाओं की बैठक || सभी विभागाध्यक्ष एवं जिला कार्यालय में ई-ऑफिस कार्य-प्रणाली क्रियान्वयन के निर्देश
अन्य ख़बरें
’’जीका वायरस से होने वाली बीमारी से बचाव’’
-
सिवनी | 05-जुलाई-2019
 
   
    मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 से भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन और नरसिंहपुर आदि जिलों में जीका वायरस के प्रकरण पाये गये है। जीका वायरस के कारण होने वाली बीमारी है। यह एडीज मच्छर के द्वारा फैलती है यह वायरस डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनियां की तरह मच्छर से फैलता है। एडिज मच्छर दिन में सक्रिय रहते है। डब्लू.एच.ओ. के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को वायरस संक्रमित मच्छर काट लेता है तो उस व्यक्ति में वायरस पाये जाते है। इसी तरह यह बीमारी एक जगह से दूसरी जगह फैलती है। असुरिक्षत शारीरिक संबंध और संक्रमित खून से भी जीका वायरस फैलता है। यह वायरस खतरनाक है। जब किसी गर्भवती महिला को हो जाये तो गर्भ में पल रहे बच्चे को भी यह बुखार हो सकता है। जिस बजह से बच्चें के सिर का विकास रूक जाता है। इसमें इंफेक्शन से स्किन रेशेज, दाग पीलिया, लिविर, अंधापन, दिमागी बुखार, सुनने में दिक्कत आ सकती है। तथा वयस्कों में जीका वायरस द्वारा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली नसों को प्रभावित कर, पैरालाईसिस जैसी दिक्कत पैदा कर सकती है।
   लक्षणः- वायरस की वजह से बुखार से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में दर्द, थकान, शरीर पर लाल चकते, आंखों में सूजन, जोड़ों में दर्द इसके लक्षण डेंगू की तरह पाये जाते है।
   बचने के उपायः- इस वायरस का उपचार से ज्यादा मच्छरों से बचाव आवश्यक है। इसलिये मच्छरदानी का प्रयोग करें, पानी को न ठहरने दें, आसपास साफ-सफाई रखें। पूरे अस्तीन के कपड़े पहनें मच्छरों से बचने वाली चीजों का उपयोग करें, कूलर, टंकी, गमलों का पानी 5-6 दिन में साफ कर बदलें। जिससे मच्छर न पनपें और बचाव हो।
(18 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जूनजुलाई 2019अगस्त
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
24252627282930
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930311234

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer