समाचार
|| एम.पी. विजन-टू-डिलीवरी रोड मैप-2020-25 || दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की वार्षिक बैठक || आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अन्य कार्यों से सम्बद्ध नहीं होंगे || राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम होगी "जागरुक बालिका-समर्थ मध्यप्रदेश" || रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिए गए कई निर्णय || वन एमपी.वन आयडिया प्रतियोगिता के लिये दस फरवरी तक सुझाव/समाधान आमंत्रित || उपार्जन के दौरान खरीदी केन्द्र पर अस्थाई भण्डारण व्यवस्था सुव्यवस्थित होगी || अब कम्प्यूटराइज्ड जारी होंगे पीपीओ || इंदौर जिले में किसानों के सहयोग के लिये 300 से अधिक कृषक बंधुओं की नियुक्ति होगी || पंचायतों से राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित
अन्य ख़बरें
जिला पंचायत सीईओ बतौर आकाश त्रिपाठी की पहल अब रंग ला रही है
धारा वर्मी कंपोस्ट के प्रोडक्शन और मार्केटिंग देखने आज आएंगे कमिश्नर श्री त्रिपाठी
धार | 08-जनवरी-2020
    रासायनिक खेती से धरती और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को भांपकर आकाश त्रिपाठी ने धार जिले में जिला पंचायत सीईओ बतौर अपनी पदस्थापना के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए धारा वर्मी कंपोस्ट के नाम से जैविक खाद के उत्पादन की शुरुआत की थी। आज वे इंदौर कमिश्नर के रूप में धार आकर इस धारा डेव्हलपमेंट एजेंसी के कार्य का अवलोकन करेंगे, जरुरी मार्गदर्शन भी देंगे। ज्ञात रहे कि वर्मी कम्पोस्ट यानी गोबर में केंचुए द्वारा बनाई जाने वाली जैविक खाद से धार जिले के किसानों की आय में और अधिक वृद्धि हो सकेगी।
      कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने बताया कि तत्समय वर्मी कंपोस्ट या जैविक खाद बनाने का काम शुरू हुआ था। शहर के नाम धार, धारा नगरी के नाम अनुसार धारा डेव्हलपमेंट एजेंसी ट्रेड नेम से वर्मी कंपोस्ट जैविक खाद का उत्पादन और वितरण कार्य जारी है। 50 किलो के बैग की कीमत 300 रूपये तथा पांच किलो बैंक की कीमत 30 रूपये रखी गई है। फिलहाल जिले भर में काम कर रहे 5-6 समूहों से 62 क्विंटल जैविक खाद वितरण केन्द्र पर रखा गया है,जैविक खाद के प्रचलन बढ़ाने की गरज से जायेगा धारा वर्मी कंपोस्ट का किसानों के बीच प्रचार प्रसार किया जा रहा है, उन्हें रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
   केंचुए की साउथ अफ्रीकन ब्रीड 21 दिनों में और देसी केंचुए केंचुए 30 दिनों में एग्रीकल्चर वेस्ट के माध्यम से खाद बनाते हैं। खाद बनाने के साथ ही जो बायप्रोडक्ट वर्मी वाश निकलता है वह पौधों के लिए जैविक टॉनिक के रूप में काम आता है। वर्मी वाश के छिड़काव से पौधों में क्लोरोफिल जो कि पत्तियों के हरे रंग के लिए जिम्मेदार है,में बढ़ोत्री होती है। ये ही क्लोरोफिल सूर्य की रोशनी में कार्बन डाइऑक्साइड को पौधे के भोजन के रूप में परिवर्तित करता है।मांडू रोड पर स्थित निर्मिती केंद्र में वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने के संबंध में किसानों को एजुकेट करने के लिए दो प्रदर्शन प्लांट का भी निर्माण किया जा रहा है।इसमें ग्रामीणों को ट्रेंड किया जाएगा कि कैसे वे गोबर,एग्रीकल्चर वेस्ट और केंचुए के साथ का जैविक खाद का निर्माण कर सकते हैं।
 
(14 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
दिसम्बरजनवरी 2020फरवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer