समाचार
|| आयुर्वेद चिकित्सा एवं जांच शिविर का आयोजन || नगरीय निकाय एवं पंचायतों की मतदाता सूची संबंधी प्रशिक्षण 27 फरवरी को भोपाल में || नर्मदा गौ कुंभ का अद्वितीय शुभ शुभारंभ आज || हर दिन होंगी रचनात्मक गतिविधियाँ (नर्मदा गौ कुंभ:) || नर्मदा गौ-कुंभ का शुभारंभ आज, साधु-संतों की पेशवाई से होगा || श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पद के लिए आवेदन किए जा सकेंगे जमा || पुत्री शाला भानतलैया नेत्र शिविर में 115 नेत्र रोगी मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए चिन्हित || आंगनबाड़ी सहायिका व कार्यकर्ता के रिक्त पद हेतु 2 मार्च तक आवेदन जमा होंगे || डिण्डौरी में आदिवासी सम्मेलन में भाग लेंगे मुख्यमंत्री || मुख्यमंत्री कमलनाथ अल्पप्रवास पर आज जबलपुर आएंगे
अन्य ख़बरें
नामान्तरण एवं बटवारे का प्रकरण 31 मार्च 2020 तक लंबित नहीं रहे - कलेक्टर
-
मुरैना | 13-फरवरी-2020
 
   
    कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने निर्देश दिये है कि पूरे जिले में कोई भी नामान्तरण एवं बटवारे का प्रकरण 31 मार्च, 2020 तक लंबित नहीं रहे। इस हेतु जिले में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि
    अविवादित नामान्तरण/बटवारा - अविवादित नामान्तरण का एक भी प्रकरण शेष नहीं रहना चाहिए। प्रायः यह देखा जाता है कि रजिस्ट्री एवं मृत्यु के उपरान्त बिना नामान्तरण के ग्रामों में काफी संख्या में ऐसे प्रकरण पाये जाते है जो किन्ही कारणों से आरसीएमएस पर दर्ज नहीं हो पाते है। इस हेतु अभियान चलाकर पटवारी अपने मूल हल्के पर जाकर बी-1 का बाचन करेंगे। बी-1 वाचन के दौरान संबंधित ग्राम पंचायत का सचिव जन्म मृत्यु रजिस्टर के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगा। साथ ही हल्के के बीएलओ भी उपस्थित रहेगे, जिससे उस ग्राम में कितने व्यक्ति मृतक हुए है उसकी जानकारी प्राप्त हो सके। उक्त जानकारी के आधार पर उसी दिन पटवारी व्दारा आवश्यक दस्तावेज जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार का सजरा आदि प्राप्त किया जाकर उसी दिन आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज कराया जा सके। उक्त कार्यवाही की 15 दिवस में इश्तहार की प्रक्रिया पूर्ण होने पर तहसीलदार/नायब तहसीलदार व्दारा अविवादित नामान्तरण का आदेश पारित करेंगे, उसके उपरान्त दो दिवस के अन्दर उक्त आदेश का अमल पटवारी व्दारा सुनिश्चित किया जावेगा। इस प्रक्रिया का प्रभावी बनाने के लिए जिस दिन शिविर ग्राम में आयोजित किया जावेगा, उसके दूसरे दिन अनुविभागीय अधिकारी व्दारा अपने अधीनस्थ समस्त पटवारियों की नामान्तरण /बटवारे के प्रकरणों की समीक्षा की जावेगी जिस पटवारी के हल्के में प्रकरण अपेक्षाकृत कम पाये जावे उन हल्कों पर पुनः बी-1 वाचन कराया जाकर सम्पूर्ण प्रकिया को पुनः कराया जावे। अमल की कार्यवाही के उपरान्त पुनः पटवारी खसरे की नकल समेत ग्राम में शिविर का आयोजन करेंगे एवं नवीन कम्न्प्युटरीकृत रिकार्ड एवं भू- अधिकार ऋण पुस्तिका संबंधितों का प्रदाय की जावेगी। यह पूरी प्रक्रिया दो चरण में पूरी होगी। पटवारी एक हल्के पर तीन वार कैम्प करेगा। प्रथम कैम्प में आवेदन प्राप्त करेगा, द्धितीय केम्प में खसरा /भू-अधिकार ऋण पुस्तिका प्रदाय करेगा, ग्राम में छूटे हुए व्यक्तियों से आवेदन प्राप्त करेगे तथा पूरी प्रक्रिया करते हुए 15 दिवस के उपरान्त तृतीय शिविर में कम्प्युटरीकृत रिकार्ड अपडेट कर खसरा एवं भू-अधिकार ऋण पुस्तिका का वितरण संबंधितों को करेगे।
    सम्पूर्ण प्रक्रिया के दौरान अविवादित बटवारा के आवेदन पत्र प्राप्त हुए हो तो उनका निराकरण भी समयसीमा में किया जावे। नामान्तरण एवं बटवारे के प्रकरणों के निराकरण हेतु तिथियॉ नियत की गई है। 15 फरवरी को जिले के समस्त हल्कों में बी-1 वाचन जिसमें बीएलओ एवं ग्राम पंचायत सचिव भी उपस्थित रहकर नामान्तरण की प्रक्रिया में लगने वाले समस्त दस्तावेजों को प्राप्त करना, सायं को आरसीएमएस पर प्रकरण का दर्ज करना। 16 फरवरी को अनुविभागीय अधिकारियों व्दारा समस्त पटवारियों की बैठक आहुत करना। 4 मार्च तक तहसीलदार, नायब तहसीलदार नामान्तरण का आदेश पारित करना। 6 मार्च 2020 तक समस्त आदेशों का अमल कम्प्यूटर एवं रजिस्टर पर कराना, 7 मार्च 2020 तक पटवारी पुनः मूल हल्के पर कैम्प आयोजित कर कम्पूटरीकृत खसरा एवं भू-अधिकार ऋण पुस्तिकों का वितरण तथा छूटे हुए नामान्तरण /वटवारे के आवेदनों का दर्ज करना, 8 मार्च तक अनुविभागीय अधिकारियों व्दारा द्धितीय समीक्षा बैठक का आयोजन, 24 मार्च तक द्धितीय राउण्ड के समस्त प्रकरणों के आदेश पारित करना।
     26 मार्च 2020 तक सम्पूर्ण आदेशों का अमल करना, 28 मार्च तक तीसरी बार उसी हल्के पर कैम्प लगाकर अद्यतन रिकार्ड का वितरण करना, 29 मार्च को  अनुविभागीय अधिकारी समीक्षा बैठक कर समस्त पटवारियों से इस आशय का प्रमाण पत्र लेगे कि उनके हल्के में किसी भी व्यक्ति का नामान्तरण एवं बटवारे का प्रकरण लंबित नहीं है। 30 मार्च 2020 को अनुविभागीय अधिकारी अपने हस्ताक्षर से इस आशय का प्रमाण पत्र देगें कि उनके अनुविभाग के अन्तर्गत नामान्तरण एवं बटवारे का एक भी प्रकरण शेष नहीं है।  
    उन्होंने कहा कि जिन पटवारियों पर एक से अधिक हल्के है उनमें अनुविभागीय अधिकारी अपने स्तर से इस प्रकार केम्पों का आयोजन करायें कि किसी भी हालत में 28 मार्च,2020 के पूर्व नामान्तरण/बटवारों के प्रकरणों में सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करायी जाकर कम्प्यूटरीकृत खसरा एवं ऋण पुस्तिकाओं का वितरण संबंधित व्यक्तियों को करा दिया जावे, साथ ही यह भी निर्देशित किया जाता है कि शिविर तिथि पर संबधित अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक भ्रमण कर शिविर को प्रभावी बनायेगें।
(10 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जनवरीफरवरी 2020मार्च
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
272829303112
3456789
10111213141516
17181920212223
2425262728291
2345678

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer